दूसरे वनडे में भारत ने जीत का स्वाद चखा

पर्थ| भाषा|
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विराट कोहली (77) की जुझारू अर्द्धशतकीय पारी और रविचंद्रन अश्विन (तीन विकेट और नाबाद 30 रन) के हरफनमौला प्रदर्शन से ने श्रीलंका को त्रिकोणीय एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट श्रृंखला में चार विकेट से हराकर सिरीज में अपनी पहली जीत दर्ज की।


भारत ने एक वक्त अपने छह विकेट 181 रन तक गंवा दिए थे लेकिन अश्विन (नाबाद 30) और रवीन्द्र जडेजा (नाबाद 24) ने फिर सातवें विकेट के लिए 53 रन की अविजित साझेदारी कर भारत को जीत की मंजिल पर पहुंचा दिया। भारत ने 46.4 ओवर में छह विकेट पर 234 रन बनाए।

भारत को हालांकि जीत के लिए 234 रन का मामूली लक्ष्य मिला था लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से भारतीय बल्लेबाजों ने इस लक्ष्य को मुश्किल बना दिया था, लेकिन विराट ने 94 गेंदों में आठ चौकों और एक छक्के की मदद से 77 रन बनाकर भारत की जीत का मार्ग प्रशस्त कर दिया।

विराट ने एक छोर पर खूंटा गाड़ते हुए सचिन तेंडुलकर (48) के साथ दूसरे विकेट के लिए 75 रन, रोहित शर्मा (10) के साथ तीसरे विकेट के लिए 33 रन और सुरेश रैना (24) के साथ चौथे विकेट के लिए 35 रन की अहम साझेदारियां की। जडेजा ने 28 गेंदों में एक चौके की मदद से नाबाद 24 और अश्विन ने 38 गेंदों में तीन चौकों की मदद से नाबाद 30 रन बनाए।

भारत ने इस मैच में ओपनर गौतम गंभीर को आराम दिया था और वह तीन तेज गेंदबाजों और दो स्पिनरों के साथ उतरा था। भारत की त्रिकोणीय सिरीज में यह पहली जीत है। उसे पिछले मैच में मेजबान ऑस्ट्रेलिया के हाथों 65 से हार का सामना करना पड़ा था।

जीत के लिए 234 रन के सामान्य लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरआत अच्छी नहीं रही और पिछले मैच में आराम लेने वाले वीरेन्द्र सहवाग आठ गेंदों में दो चौकों की मदद से आठ रन बनाकर चलते बने1 उन्हें लसित मलिंगा की गेंद पर नुवान कुलशेखरा ने आउट किया।
लेकिन सचिन और विराट ने टीम को शुरआती झटके से उबार लिया। इस जोड़ी ने दूसरे विकेट के लिए शानदार 75 रन जोडे। सचिन आज अच्छे टच में नजर आ रहे थे लेकिन वह अपने अर्द्धशतक से मात्र दो रन पीछे रह गए। वह 63 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 48 रन बनाने के बाद एंजेलो मैथ्यूज की गेंद को विकेटों पर खेल बैठे।

रोहित शर्मा एक बार फिर बडा स्कोर बनाने में नाकाम रहे और मात्र दस रन बनाकर तिषारा परेरा की गेंद पर तिलकरत्ने दिलशान के हाथों लपके गए। विराट ने फिर रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 35 रन की अहम साझेदारी की। इस दौरान विराट ने 66 गेंदों में सात चौकों की मदद से अपना 19वां अर्द्धशतक पूरा किया।
रैना ने 27 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 24 रन बनाए। वह मैथ्यूज की गेंद पर स्थानापन्न खिलाडी के हाथों लपके गए। कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने खराब शाट खेलकर अपना विकेट गंवाया। वह मात्र चार रन ही बना सके और धम्मिका प्रसाद की गेंद पर मलिंगा के हाथों लपके गए।

एक छोर पर खूंटा गाडकर खेल रहे विराट का धैर्य भी आखिर जवाब दे गया और वह तेजी से रन चुराने के चक्कर में रन आउट हो गए। इस तरह भारत ने अपने छह शीर्ष बल्लेबाज 181 रन तक गंवा दिए थे और उसकी जीत की राह मुश्किल हो चली थी। भारत को जीत के लिए अब भी 53 रन की जरूरत थी जबकि उसके चार पुछल्ले विकेट शेष थे।
लेकिन जडेजा और 'मैन ऑफ द मैच' अश्विन ने धैर्य के साथ खेलते हुए भारत को जीत की मंजिल पर पहुंचा दिया। दोनों बल्लेबाजों ने बिना किसी हड़बड़ी के श्रीलंकाई गेंदबाजों को आराम से खेला और भारत को जीत दिलाकर नाबाद वापस लौटे।

भारत को जब जीत के लिए मात्र एक रन चाहिए था, तब अश्विन का शॉट श्रीलंका के तीन फील्डरों के बीच में गिरा लेकिन किसी ने भी उसे पकड़ने की जहमत नहीं उठाई श्रीलंका की ओर से मैथ्यूज ने 31 रन पर दो विकेट लिए जबकि मलिंगा, धम्मिका और परेरा को एक-एक विकेट मिला।
इससे पहले अश्विन और जहीर खान की अगुआई में भारतीय गेंदबाजों ने किफायती गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका को विकेट पर 233 रन के सामान्य स्कोर पर रोक दिया। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वाका मैदान पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंकाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया और नियमित अंतराल में विकेट लेकर उसे लगातार दबाव में रखा।
दिनेश चांडीमल (64) को छोड़कर श्रीलंका का कोई बल्लेबाज अर्द्धशतक तक नहीं पहुंच सका। तिलकरत्ने दिलशान ने 48, एंजेलो मैथ्यूज ने नाबाद 33, कुमार संगकारा ने 26 और कप्तान माहेला जयवर्द्धने ने 23 रन बनाए।

भारत की तरफ से आफ स्पिनर अश्विन ने दस ओवर में मात्र 32 रन देकर तीन विकेट चटकाए जबकि लंबे समय बाद टीम में लौटे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर ने 44 रन देकर दो विकेट लिए। आर. विनय कुमार और रवीन्द्र जडेजा ने एक-एक विकेट लिया।
भारत इस मैच में तीन तेज गेंदबाजों और दो स्पिनरों के साथ उतरा था और उसकी यह रणनीति सफल रही। श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उपुल तरंगा (4) को जहीर ने पहली स्लिप में सचिन तेंडुलकर के हाथों कैच कराते हुए भारत को पहली सफलता दिला दी।

तरंगा का विकेट जल्दी गंवाने से श्रीलंकाई टीम गहरे दबाव में आ गई। भारतीय गेंदबाजों ने इसका फायदा उठाते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। दिलशान और संगकारा ने दूसरे विकेट के लिए 62 रन जोड़े।
लेकिन जहीर ने संगकारा को विकेट के पीछे महेन्द्र सिंह धोनी के हाथों कैच कराते हुए इस खतरनाक होती साझेदारी को जुदा कर दिया। संगकारा ने 34 गेंदों में दो चौकों की मदद से 26 रन बनाए। दिलशान दो रन से अपना अर्द्धशतक बनाने से चूक गए। उन्हें जडेजा ने प्वाइंट पर विराट कोहली के हाथों कैच कराया।

श्रीलंका के 100 रन 25वें ओवर में पूरे हुए। चांडीमल और माहेला ने इसके बाद चौथे विकेट के लिए 52 रन जोड़े। अश्विन ने माहेला को डीप स्क्वेयर लेग सीमा पर रोहित शर्मा के हाथों कैच कराया। अश्विन ने इसके बाद तिषारा परेरा (7) और चांडीमल को भी चलता कर दिया।
चांडीमल ने 81 गेंदों में चार चौकों 64 रन बनाए। लाहिरू तिरिमाने सात रन बनाकर रन आउट हुए जबकि नुवान कुलशेखरा (7) को विनय कुमार ने रोहित के हाथों कैच कराया। उपकप्तान मैथ्यूज ने 28 गेंदों में दो चौकों की मदद से 33 रन नाबाद रहे। (वार्ता)



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