भारतीय टीम में वापसी चाहते हैं वीरेंद्र सहवाग

नई दिल्ली| भाषा|
FILE
नई दिल्ली। खराब फॉर्म में चल रहे आक्रामक सलामी बल्लेबाज आईपीएल-7 में अच्छे प्रदर्शन के जरिए भारतीय टीम में वापसी करना चाहते हैं और उन्हें यकीन है कि उनके भीतर अभी क्रिकेट के 2-3 साल बाकी हैं।


सहवाग ने कहा कि हर खिलाड़ी के करियर में अच्छा और खराब दौर आता है। एक शतक जमाने पर मीडिया तारीफों के पुल बांधने लगता है और एक या दो खराब पारी के बाद आलोचना करने लगता है। खिलाड़ी को फॉर्म में लौटने के लिए समय देना चाहिए।

भारतीय टीम में वापसी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि पिछले कुछ अर्से से मेरे रन नहीं बन रहे थे लेकिन मुझे यकीन है कि आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करके मैं वापसी कर सकूंगा। हर मैच एक मौके की तरह होता है और मैं नई टीम (किंग्स इलेवन पंजाब) के साथ जुड़कर काफी रोमांचित महसूस कर रहा हूं।

10 बरस पहले आज ही के दिन मुल्तान टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ तिहरा शतक जड़ने वाले इस बल्लेबाज ने हाल ही में अबूधाबी में चैंपियन काउंटी टेस्ट मैच में डरहम के खिलाफ एमसीसी के लिए 97 गेंदों में 109 रन बनाए थे। यह पूछने पर कि क्या इस पारी से उनका खोया आत्मविश्वास लौटा? उन्होंने कहा कि उनका मनोबल कभी गिरा नहीं था।

उन्होंने यहां अंडर-14 क्रिकेटरों के लिए ‘डेरी बेस्ट क्रिकेट लीग’ के लांच से इतर कहा कि जब मेरे रन नहीं बन रहे थे, तब भी मेरा आत्मविश्वास और मनोबल गिरा नहीं था। मुझे यकीन है कि मेरे भीतर अभी 2-3 साल का क्रिकेट बाकी है और मैं वापसी करूंगा।

आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले पर कोई टिप्पणी करने से उन्होंने इंकार कर दिया। बांग्लादेश में चल रहे टी-20 विश्व कप में भारत को खिताब का सबसे प्रबल दावेदार बताते हुए उन्होंने कहा कि उपमहाद्वीप में टूर्नामेंट होने का भारत को फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा फायदा यह है कि टूर्नामेंट उपमहाद्वीप में हो रहा है। बांग्लादेश के हालात से हम वाकिफ हैं और हमारे सभी खिलाड़ी आईपीएल खेलते हैं जिससे टी-20 की हमारी तैयारी बेहतर है। सहवाग ने खराब दौर से जूझ रहे युवराज सिंह को मैच विनर बताते हुए कहा कि एक या दो अच्छी पारियों से उनका खोया फॉर्म लौट आएगा।

उन्होंने कहा कि युवराज अकेले दम पर मैच जिताने में माहिर है। कैंसर से उबरने के बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच जिताया था। उनकी प्रतिभा किसी से छिपी नहीं है लेकिन उन्हें समय देने की जरूरत है।
मुझे उम्मीद है कि वे टूर्नामेंट में सेमीफाइनल या फाइनल में मैच जिताऊ पारी खेलेंगे। 3 में से 2 मैचों में 'मैन ऑफ द मैच' पुरस्कार जीत चुके लेग स्पिनर अमित मिश्रा की तारीफ करते हुए सहवाग ने कहा कि उसका इंतजार रंग लाया।

उन्होंने कहा कि अमित अच्छा गेंदबाज है और उसने मौके का इंतजार किया। मौका मिलने पर उसे भुनाया। टी-20 में एक ओवर मैच का पासा पलट सकता है और वह उम्दा प्रदर्शन कर रहा है।
10 साल पहले मुल्तान में जड़े अपने तिहरे शतक को याद करते हुए सहवाग ने कहा कि दूसरे छोर पर सचिन तेंदुलकर के होने से उन्हें काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं तिहरा शतक जड़ने वाला पहला भारतीय बनूंगा। मुझे पता भी नहीं था कि मुझसे पहले किसी ने तिहरा शतक नहीं बनाया है।

मेरे साथ सचिन बल्लेबाजी कर रहे थे और 290 के पार पहुंचने पर उन्होंने मुझसे कहा कि अब छक्का लगाने की कोशिश मत करना। उनके रहने से मुझे काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि हर साल मैं अपने शतक की वर्षगांठ मनाता हूं और इस साल तो एक दशक पूरा हो गया तो आज भी परिवार के साथ इसे सेलिब्रेट करूंगा।
यह पूछने पर कि मौजूदा भारतीय बल्लेबाजों में से कौन टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक जड़ सकता है, उन्होंने कहा कि तिहरे शतक के लिए समय और काफी संयम चाहिए।

मुझे लगता है कि चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली और रोहित शर्मा यह कर सकते हैं चूंकि वे मध्यक्रम में खेलते हैं। हाल ही में कपिलदेव ने कहा था कि विराट कोहली भविष्य में सचिन के रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं लेकिन सहवाग ने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा कि विराट ने अभी शुरुआत की है। सचिन के आसपास जाने में उन्हें समय लगेगा। 5 साल बाद कह सकेंगे कि वे उनके रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे या नहीं। जूनियर पिच 2014 के बारे में उन्होंने कहा कि भारत में सही समय पर प्रतिभाओं को तलाशने की दिशा में यह उनका प्रयास है।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य अंडर-12 और अंडर-14 आयुवर्ग के बच्चों को कम से कम 8 -10 मैचों का अनुभव देना है। 5 अप्रैल से शुरू हो रहे टी-20 टूर्नामेंट में इस साल 24 टीमें भाग लेंगी। (भाषा)



और भी पढ़ें :