क्रिकेटरों को अगले 9 वर्ष तक नहीं मिलेगा आराम

व्यस्त कार्यक्रम से त्रस्त भारतीय क्रिकेटरों को आगे भी चैन की सांस नहीं मिलने वाली है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के नए भविष्य के दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) के हिसाब से भारतीय खिलाड़ियों को अगले नौ साल में लगभग हर महीने क्रिकेट खेलनी पड़ेगी। वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्तमान में चल रही श्रृंखला से लेकर अप्रैल 2020 तक भारतीय टीम के कार्यक्रम को देखा जाए तो इस बीच केवल 2015 में जुलाई का महीना ऐसा होगा जबकि क्रिकेटर घर में आराम फरमा सकेंगे।


इसके बाद अगस्त 2016 के शुरू में ही टीम जिम्बाब्वे दौरे से लौट आएगी और फिर सितंबर में चैंपियन्स लीग से पहले तक कोई मैच नहीं खेलना है। इन दो महीनों को छोड़कर अगले नौ साल में किसी न किसी तरह से क्रिकेट के मैदान पर दिखेंगे। बीच में जब वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेलेंगे तब इंडियन प्रीमियर लीग में व्यस्त रहेंगे। जिसके लिए एफटीपी में विशेष व्यवस्था की गई है।
भारत इस दौरान लगभग 95 टेस्ट मैच खेलेगा जिसमें वेस्टइंडीज के खिलाफ छह जुलाई से डोमिनिका में शुरू होने वाला तीसरा टेस्ट मैच भी शामिल है। इसमें हालांकि पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली श्रृंखलाएं शामिल नहीं है। भारत को एफटीपी के अनुसार अपने इस पड़ोसी से अगले साल मार्च में तीन टेस्ट और पांच एकदिवसीय मैच खेलने हैं।

भारत इस बीच इंग्लैंड के खिलाफ सर्वाधिक 22 टेस्ट मैच खेलेगा जिसमें जुलाई 2014 और इसके चार साल बाद जुलाई 2018 में इंग्लैंड की सरजमीं पर होने वाली पांच-पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला भी शामिल हैं। भारत इस तरह से लंबे अर्से बाद पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगा। भारतीय टीम इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार-चार टेस्ट मैचों की पांच श्रृंखलाएं भी खेलेगा। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बाद वेस्टइंडीज का नंबर आता है जिसके खिलाफ उसे 15 टेस्ट मैच खेलने हैं।

दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ वह 12-12 टेस्ट मैच जबकि बांग्लादेश और जिम्बाब्वे जैसी कमजोर टीमों के बीच केवल 2-2 टेस्ट मैच ही खेलेगा। भारत को इन नौ साल में पांच-पांच टेस्ट की दो, चार-चार टेस्ट की आठ, पांच ऑस्ट्रेलिया, तीन इंग्लैंड, तीन-तीन टेस्ट की 16 और दो-दो टेस्ट मैच की तीन श्रृंखलाएं खेलनी हैं।

जहां तक एकदिवसीय मैच का सवाल है तो अगले नौ साल में भारत 170 से अधिक एकदिवसीय मैच खेलेगा। इनमें 2015 और 2019 में होने वाले विश्वकप के मैच शामिल हैं जिससे इनकी संख्या बढ़कर 180 तक पहुंचना तय है। भारत इस बीच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सर्वाधिक 35 से 40 वन डे मैच खेलेगा जिसके बाद इंग्लैंड (34 मैच) का नंबर आता है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत वनडे की चार श्रृंखलाएं खेलेगा, लेकिन ये चारों ही सात-सात मैच की होंगी। इसी तरह से वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच और न्यूजीलैंड के खिलाफ चार श्रृंखलाओं में पांच-पांच मैच खेले जाएंगे।
इस बीच भारतीय टीम बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन-तीन मैच की केवल दो द्विपक्षीय श्रृंखलाएं ही खेलेगी। आईपीएल और चैंपियन्स लीग प्रत्येक साल होने से भारत इस दौरान केवल 33 ट्वेंटी-30 अंतरराष्ट्रीय मैच ही खेलेगा। इनमें हालांकि 2012, 2014 और 2016 की ट्वेंटी-20 विश्व चैंपियनशिप के मैच शामिल नहीं हैं। (भाषा)



और भी पढ़ें :