मैकेनिकल ब्रांच के छात्रों ने बनाए प्रोजेक्ट्स

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आपको थ्री ईडियट्स का रैंचो याद होगा। हर शख्स में ऐसा एक रैंचो छुपा होता है। मैकेनिकल ब्रांच वालों से तो 'रैंचो' होने की उम्मीद ज्यादा होती है। प्रोजेक्ट तैयार करना भी एक तरह क्रिएटिविटी है। प्रोजेक्ट जब बिजली, पेट्रोल और पर्यावरण बचाने से जुड़ा हो, तो और दिलचस्प हो उठता है।


इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टैक्नोलॉजी के लास्ट ईयर वालों ने जो कुछ किया वो उम्मीद जगाता है कि हमारे रैंचों भविष्य की सारी समस्याओं के हल निकाल सकते हैं। मिसाल के तौर पर कुछ ने बनाई ऐसी हाईब्रीड बाइक, जो तीसरे गीयर में बेट्री से चलती है, जिससे पेट्रोल भी बचता है और आबोहवा भी। एक ग्रुप ने बनाया है ग्राउंड सोर्स कूलिंग एंड हीटिंग सिस्टम, ताकि ठंड के दिनों में कमरे गर्म और गर्मी में कम बिजली से भी ठंडे रहें।
चलेगी बैटरी स


खासियत - बाइक तीसरे गियर में खुद ब खुद बैटरी से चलेगी, ताकि पेट्रोल बचे और पर्यावरण भी।


कैसे - बाइक में मोटर लगाकर उसे तीसरे गियर से जोड़ा गया है। पिछले हिस्से में लगाई गई है पैंतीस एंपीयर की बेट्री। गाड़ी के तीसरे गियर में जाते ही इंजन हो जाएगा खुद ब खुद बंद और गाड़ी चलने लगेगी बेट्री से।
इस प्रोजेक्ट के क्रिएटर हैं - अंकित कमेडिया, अभिषेक शर्मा, अंशुल शारदा, अलंकार सप्रे, कोणार्क शर्मा।

बिजली की खपत कम

खासियत - कमरे ठंडे मौसम में गर्म और गर्म मौसम में ठंडे रहेंगे।
कैसे - तांबे के पाइप का लूप बनाकर जमीन के भीतर दस से पंद्रह फुट गहराई पर डाला जाता है। इसमें क्वाटर एचपी का वाटर पंप है। पानी घूमता है और हर तरह का तापमान काबू में रखता है। बजट और मैंटेनेंस एसी की तुलना में बेहद कम। बिजली की खपत भी कई गुना कम।

इस प्रोजेक्ट के क्रिएटर हैं - राहुल काप्ते, अतुल मालवीय, भरत पंडागरे और अनीक पराढकर।



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