55 के स्तर पर आ सकता है रुपया : यूबीएस

मुंबई| भाषा| पुनः संशोधित रविवार, 1 जून 2014 (17:22 IST)
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मुंबई। नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार के प्रमुख सुधारों को आगे बढ़ाने की उम्मीद से के मुकाबले रुपया 55 के स्तर पर आ सकता है। की ब्रोकरेज कंपनी ने यह कहा है।


यूबीएस सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में भाजपा को मिली बहुमत तथा अगले कुछ महीनों में सुधारों तथा विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की उम्मीद से देश की आर्थिक वृद्धि बेहतर होने की उम्मीद मजबूत बनी रहेगी।

इसका असर रुपए की विनिमय दर में मजबूती पर भी पड़ने की संभावना है और कुछ निवेशक डॉलर के मुकाबले इसके 55 के स्तर पर जाने का अनुमान जता रहे हैं।

रुपए की विनिमय दर में सुधार से मुद्रास्फीति में कमी की उम्मीद है। रुपया अगर 55 के स्तर पर आता है तो डीजल के मामले में घाटा कम होगा और डीजल सब्सिडी कम होगी।


रिजर्व बैंक के शोध का हवाला देते हुए इसमें ब्रोकरेज कंपनी ने कहा कि रुपए में 10 प्रतिशत की गिरावट से खुदरा मुद्रास्फीति में दीर्घकाल में 0.4 से 1.7 प्रतिशत अंक तथा सकल मुद्रास्फीति में 2.9 प्रतिशत अंक की वृद्धि होती है।
इसके उलट स्थिति में कोई समान स्थिति भले ही न हो, लेकिन मुद्रास्फीति दबाव निश्चित रूप से कम होगा। (भाषा)



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