सतत वृद्धि के लिए शोध जरूरी: पित्रोदा

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 28 मार्च 2011 (19:17 IST)
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पब्लिक इनफार्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशंस पर प्रधानमंत्री के सलाहकार सैम पित्रोदा ने कहा है कि सतत वृद्धि के लिए की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें कल की चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वास्थ्य, उर्जा, और बुनियादी ढाँचा समेत जीवन के तमाम क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा देना होगा।


शोध की जरूरत पर बल देते हुए पित्रोदा ने देश में पब्लिक इनफार्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि हमें सैकड़ों की संख्या में अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की जरूरत है। हमने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर राष्ट्रीय अनुसंधान परिषद की तर्ज पर राज्य स्तरीय अनुसंधान परिषद स्थापित करने को कहा है। पित्रोदा ने कहा कि मंत्रालयों से भी विभाग के स्तर पर अनुसंधान परिषद स्थापित करने का अनुरोध किया है। शोध की संस्कृति निश्चित रूप से विकसित किए जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि देश में सूरत और आगरा जैसे कम से कम 40 औद्योगिक संकुल है। जहाँ सूरत हीरा के लिए प्रसिद्ध है वहीं आगरा चमड़ा उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन दुर्भाग्य से इसमें कोई भी ऐसा संकुल नहीं है जहाँ किसी प्रकार का शोध कार्य होता हो। पित्रोदा ने कहा कि हमें ऐसे लोगों की जरूरत है जो कुछ अलग तरह से काम करें।

उन्होंने कहा कि देश के समक्ष 21वीं सदी की चुनौती है, लेकिन हमारा सोचने का तरीका 19वीं सदी का है। हमें स्वास्थ्य, उर्जा, प्रशासन, बुनियादी ढाँचा जैसे जीवन से जुड़े सभी क्षेत्रों में शोध की जरूरत है। कल की चुनौतियों का सामना करने का कोई और दूसरा रास्ता नहीं है। (भाषा)



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