भारत ने पाक को पेट्रोल-डीजल निर्यात की पेशकश की

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित गुरुवार, 26 जनवरी 2012 (10:17 IST)
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भारत ने बुधवार को पाकिस्तान को पेट्रोल और डीजल के निर्यात की इच्छा जताई है। भारत ने कहा है कि यदि पड़ोसी देश दीर्घावधि के लिए खरीद का भरोसा दिलाता है, तो भारत की तेलशोधक कंपनियां पाइपलाइन के निर्माण पर भी विचार कर सकती हैं।


पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री असीम हुसैन के साथ बैठक के बाद कहा कि भारत ने पाकिस्तान को पेट्रोलियम उत्पादों और पेट्रोल के निर्यात का प्रस्ताव किया है। उन्होंने इसमें रुचि दिखाई है। अगले कुछ सप्ताह में हम इसका ब्योरा तैयार करेंगे।

पाकिस्तान की मौजूदा रिफाइनिंग क्षमता से देश की आधी जरूरत ही पूरी हो पाती है। वहीं दूसरी ओर भारत में 18.5 करोड़ टन तेल का परिशोधन होता है और एक चौथाई परिशोधित पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया जाता है। पाकिस्तान ने भारत से डीजल आयात की मंजूरी दी हुई। लेकिन भारत से पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।

हालांकि, कोई भी भारतीय रिफाइनरी कंपनी पाकिस्तान को अभी डीजल निर्यात नहीं करती, क्योंकि उसे (पाक को) कुवैत जैसे खाड़ी देशों से सस्ती कीमत पर डीजल मिल जाता है।


भारत से पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के आयात की अनुमति देकर पाकिस्तान मालभाड़ा लागत में काफी बचत कर सकता है। रेड्डी ने कहा कि कई रिफाइनरियां भारत-पाक सीमा पर स्थित हैं, जिससे पाकिस्तान को फायदा होगा।
रेड्डी ने कहा कि यदि पाकिस्तान दीर्घावधि के लिए भारत से पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद का आश्वासन देता है, तो भारत सड़क, रेल और समुद्री रास्ते से पाकिस्तान को ईंधन भेज सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिफाइनरी कंपनियां दीर्घावधि की खरीद गारंटी मिलने पर पाइपलाइन निर्माण की व्यवहार्यता पर विचार सकती हैं।

हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान सरकार खुद पेट्रोलियम उत्पादों का आयात नहीं करती है और समूचा आयात निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा किया जाता है।
पेट्रोलियम और पेट्रोरसायन उत्पादों पर दोनों देशों ने हाल में एक कार्यसमूह का गठन किया है। यह कार्यसमूह क्षेत्र में व्यापार के लिए विस्तृत ब्योरे पर काम करेगा। इसके तहत बुनियादी ढांचे और रेलवे के उन्नयन के अलावा सीमा शुल्क सुविधा और बैंकिंग चैनल का निर्माण जरूरी होगा। रेड्डी ने कहा कि इस कार्यसमूह की पहली बैठक जल्द से जल्द होगी। (भाषा)



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