धीरे-धीरे गति पकड़ रही है अर्थव्यवस्था-मुखर्जी

नई दिल्ली (भाषा)| भाषा|
हमें फॉलो करें
पिछले वित्तवर्ष में उपलब्ध कराए गए सिटुमलेस पैकेज के चलते अर्थव्यवस्था की गाड़ी धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी है लेकिन इस बार इस रफ्तार को प्रभावित कर सकता है।


वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने लोकसभा में बताया कि अर्थव्यवस्था ने गति पकड़ना शुरू किया है लेकिन अभी भी मैं पूरी तरह आश्वस्त नहीं हूँ क्योंकि कम बारिश के विपरीत प्रभाव के चलते अन्य समस्याएँ रास्ते में आ सकती हैं।

सितंबर 2008 से लेकर जून 2009 के बीच क्रेडिट की कमी संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मेरे सहयोगी कृषिमंत्री शरद पवार आकलन कर रहे हैं। हम भी स्थिति का आकलन करने में जुटे हैं लेकिन यह एक समस्या है और यह समस्या एक सचाई है और हम इससे निपटने की कोशिश कर रहे हैं।

वित्तमंत्री ने कहा कि जब औद्योगिक संकट ने विकसित देशों को अपनी चपेट में लिया और वित्तीय संकट एक प्रमुख वित्तीय समस्या बन गया तो पूरी दुनिया में इसका बेहद बुरा असर हुआ।


उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर में दो तथा जनवरी में एक स्टिमुलेस पैकेज उपलब्ध कराया था। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार ऐसी नहीं होती कि इसे कभी भी 'स्विच ऑफ और स्विच ऑन' किया जा सके।
मुखर्जी ने कहा कि यदि हम आज क्रेडिट पालिसी को समायोजित करके कोई कदम उठाते हैं तो कुल अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ने में वक्त लगेगा।



और भी पढ़ें :