विधेयकों के पारित न होने का क्षोभ है चिदंबरम को

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित गुरुवार, 30 मई 2013 (16:54 IST)
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नई दिल्ली। वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को इस बात पर क्षोभ है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार प्रमुख दलों के बीच विभिन्न मुद्दों पर मोटी राजनीतिक सहमति के बावजूद आर्थिक सुधार वाले कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित नहीं करा सकी है।


उद्यमी और पूर्व सांसद आरपी गोयनका की स्मृति में बुधवार को यहां आयोजित एक सभा में चिदंबरम ने कहा कि हम विधेयकों को पारित नहीं करा सके हैं। संप्रग सरकार के 10वें साल में मुझे सिर्फ इसी बात का अफसोस है। हमें अधिक वृद्धि हासिल करने के लिए मिलकर काम करना होगा।

वित्तमंत्री ने आगे कहा कि कई महत्वपूर्ण आर्थिक मुद्दों पर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों कांग्रेस और भाजपा के विचारों में कोई प्रमुख अंतर नहीं रहा है। हालांकि कुछ क्षेत्रीय दलों का इन मुद्दों पर अपना विचार हो सकता है।

दीर्घकाल से लंबित कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों में बीमा, पेंशन, कंपनी विधेयक, प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक, वस्तु एवं सेवा कर विधेयक, खाद्य विधेयक और भूमि अधिग्रहण विधेयक शामिल हैं।


चिदंबरम ने कहा कि हमारे पास अब भी 11वां वर्ष हो सकता है या हम मैच का पहला वर्ष शुरू कर सकते हैं। यह कुछ भी हो, पर मुझे लगता है कि हमें अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए, यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। (भाषा)



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