‘स्पार्क’ को ‘बीट’ से मिल रही है टक्कर

नई दिल्ली| भाषा|
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जब एक ही कंपनी के दो उत्पाद आपस में ही प्रतिस्पर्धा करने लगें तो कंपनी के लिए कुछ असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। भारतीय में संभवत: कुछ ऐसी ही स्थिति का सामना कर रही है जनरल मोटर्स।


जनरल मोटर्स की सबसे अधिक बिकने वाली छोटी कार को कंपनी की दूसरी कार से टक्कर मिल रही है और बीट की लाचिंग के बाद से ही स्पार्क की बिक्री में गिरावट का रुख दिख रहा है।
वैसे कंपनी ने इसे ‘उत्पादन की कुछ बाधा’ बताया है और कहा है कि स्पार्क की बिक्री ‘शानदार बनी हुई है।’ जीएम ने इस साल जनवरी की शुरुआत में अपनी दूसरी छोटी कार बीट लांच की और जनवरी में उसने बीट की 2,825 कारें बेची, जबकि स्पार्क कारों की बिक्री 3,477 इकाइयों की रही। दिसंबर, 2009 में कंपनी ने 4,147 स्पार्क कारें बेची थीं।

हालाँकि जनरल मोटर्स इंडिया के उपाध्यक्ष (कंपनी मामलात) पी. बालेन्द्रन ने कहा कि उत्पादन में बाधा की वजह से ऐसा है। स्पार्क के लिए भी 30.45 दिनों की प्रतीक्षा सूची चल रही है। वास्तव में हमें हलोल और तालेगाँव संयंत्रों में दूसरी पाली शुरू करनी पड़ी जिससे बीट और स्पार्क के लिए प्रतीक्षा की अवधि घटाई जा सके।

बालेन्द्रन ने कहा कि अगर आप जनवरी-मार्च, 2009 में स्पार्क के उत्पादन की तुलना 2010 से करें तो स्पार्क की बिक्री 25 प्रतिशत बढ़ी है। जनवरी-मार्च, 2009 में 8,130 कारें स्पार्क की बिकीं, जबकि जनवरी-मार्च, 2010 में कंपनी ने 10,155 स्पार्क की बिक्री की।

फरवरी में बिक्री के मामले में बीट ने स्पार्क को पीछे छोड़ दिया और इस दौरान बीट की कुल 4,431 कारें बिकी, जबकि स्पार्क की बिक्री 3,412 इकाइयों की रही। वहीं मार्च में कंपनी ने बीट की 4,508 कारें बेची, जबकि स्पार्क की बिक्री घटकर 3,266 कारों पर आ गई।
उल्लेखनीय है कि बीट की लांचिंग के 24 दिनों के भीतर जीएम ने बीट के लिए 10,000 से अधिक बुकिंग दर्ज की। शेवरले क्रूज के बाद बीट 300 सिरीज प्लेटफार्म पर तैयार कंपनी की दूसरी कार है जिसका विनिर्माण तालेगाँव संयंत्र में किया जा रहा है। (भाषा)



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