आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज पुणे

वेबदुनिया डेस्क

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यूं तो डॉक्टर बनने के कई कॉलेज और इंस्टिट्यूशंस हैं, लेकिन जो गौरव आर्म्ड फोर्सेस से डॉक्टर बनने पर हासिल होता है, वह कहीं और नहीं। यही वजह है कि मेडिकल के क्षेत्र में करियर बनाने वालों की पहली पसंद है एएफएमसी, पुणे।


इतिहास- का निर्माण 1948 में आर्मी मेडिकल ट्रेनिंग सेंटर, द आर्मी स्कूल ऑफ हाइजीन, द सेंट्रल मिलिट्री पैथोलॉजी लैबोरेटरी, द स्कूल ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन और आर्मी स्कूल ऑफ रेडियोलॉजी को मिलाकर किया गया था। शुरुआत में यहां सिर्फ पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनिंग और रिसर्च सेंटर ही आरंभ किया गया था। मई 1955 में यहां डिपार्टमेंट ऑफ डेंटल सर्जरी जोड़ा गया।
पाठ्यक्रम- आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज द्वारा भारत सरकार रक्षा मंत्रालय के पत्र संख्या 11984/ डीजीएएफएमएस/ डीजी 3 (बी)/ 9718/ डी (मेडि) दिनांक 4 जुलाई 1962 के अंतर्गत स्वीकृत अंडर ग्रेजुएट कोर्स संचालित किया जाता है।

कोर्स ड्यूरेशन- एएफएमसी द्वारा संचालित एमबीबीएस की अवधि साढ़े चार वर्ष है। इसके बाद प्रत्याशी को एक वर्ष की इंटर्नशिप करनी होती है।


ड्यूटी- आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने पर छात्रों को अनिवार्य रूप से आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विसेज में कमीशंड ऑफिसर के रूप में सेवा प्रदान करनी होती है। इसके लिए छात्रों के अभिभावकों को प्रवेश के समय ही एक बॉण्ड पर साइन करने होते हैं।
इलिजिबिलिटी- -केंडिडेट भारतीय नागरिक होना चाहिए अथवा वह नेपाल या भूटान का नागरिक हो सकता है या पाकिस्तान अथवा अन्य किसी देश से स्थायी निवास हेतु आया भारतीय मूल का प्रवासी होना चाहिए।
- एडमिशन के समय वह अविवाहित होना चाहिए। कोर्स के दौरान विवाह अनुबंध नहीं है।
- उसे रक्षा मंत्रालय के मापदंडों के अनुसार फिजिकली फिट होना चाहिए। - आवेदन करने वाले वर्ष की 31 दिसंबर को उसकी आयु 17 से 22 वर्ष होनी चाहिए। बीएससी के बाद प्रवेश लेने वालों की अधिकतम आयु 24 वर्ष है।

क्वालिफिकेशन- केंडिडेट नियमित छात्र के रूप में पहले ही प्रयास में अंग्रेजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में कुल 60 प्रतिशत से 12वीं पास होना चाहिए। उसे अंगरेजी में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त होना चाहिए साथ ही वह 10वीं में गणित विषय में भी पास होना चाहिए।
सिलेक्शन प्रोसेस- काबिल केंडिडेट प्रतियोगी परीक्षा देने के लिए बुलाया जाता है। रिर्टन एक्जाम में निष्पादन के आधार पर चयनित उम्मीदवारों को एएफएमसी, पुणे में आयोजित इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। यह इंटरव्यू जून में आयोजित किया जाता है। रिर्टन एक्जाम और इंटरव्यू के आधार पर लड़कों और लड़कियों की अलग-अलग मेरिट सूची बनाई जाती है तथा इसी मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है।
मेडिकल मापदंड- सिलेक्टेड केंडिडेट्स का मेडिकल बोर्ड एएफएमसी द्वारा मेडिकल किया जाता है। सामान्यतः केंडिडेट को रोगमुक्त होना चाहिए। छात्रों का कद 157 सेमी, वजन 39 किलोग्राम से ज्यादा, 6/6, 6/18 दृष्टि तथा छात्राओं का कद 144 सेमी वजन 39 किलो होना चाहिए। उनकी श्रवण शक्ति तथा बोलने की क्षमता सामान्य होनी चाहिए।

सुविधाएं- आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज एक आवासीय कॉलेज है, जहां छात्रों तथा छात्राओं को अलग-अलग होस्टलों में निःशुल्क आवास प्रदान किया जाता है। मेस की सुविधा भी रहती है। उन्हें खेलने के लिए क्रिकेट, स्क्वैश, टेनिस, हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बॉस्केटबाल, हैंडबाल, टेबल टेनिस तथा जिम्नास्टिक्स की निःशुल्क सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
आवेदन प्रक्रिया- एएफएमसी का शिक्षा सत्र अगस्त से शुरू होता है जिसके लिए प्रतिवर्ष दिसंबर में न्यूज पेपर में विज्ञापन प्रकाशित किए जाते हैं। छात्रों को वांछित प्रमाण-पत्रों सहित निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करना आवश्यक है। एएफएमसी महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑव हेल्थ साइंस, नासिक से संबद्ध है जिसे मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मान्यता प्रदान की गई है।



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