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भगवान धन्वंतरि जी की आरती

बुधवार,अक्टूबर 27, 2021
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Shri Yamuna ji Aarti in Hindi दीपावली के बाद आने वाले भाई दूज पर्व पर यमुना माता की आरती उतारी जाती है। यमुना जी की आरती पढ़ने या सुनने मात्र से ही भगवान श्री कृष्ण जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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दीपावली पर श्रीराम लंका विजय प्राप्त करके आए थे। दीपावली पर आप श्रीरामजी की स्तुति करते हैं, तो आप भी कष्टों पर विजय प्राप्त कर जीवन के अंधेरे में दीप के प्रकाश जैसा उन्नति व सुखरूपी प्रकाश प्राप्त कर सकते हैं।
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भगवान धन्वंतरि स्तोत्र

सोमवार,अक्टूबर 25, 2021
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि अखंड लक्ष्मी का वरदान देते हैं। स्थायी समृद्धि का आशीष देते हैं लेकिन उन तक आपकी आराधना भी तो पहुंचनी चाहिए।
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दीपावली पर महालक्ष्मी व्रत पूजा के समय पढ़ें धन की देवी महालक्ष्मी जी की आरती और उनके पौराणिक मंत्र- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निस दिन सेवत हर-विष्णु-धाता ॥ॐ जय...
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इंद्रकृत लक्ष्मी स्त्रोत

शनिवार,अक्टूबर 23, 2021
माता लक्ष्मी या महालक्ष्मी की पूजा शुक्रवार, महालक्ष्मी व्रत, दीपावली और कार्तिक मास में की जाती है। इस अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा के बाद पढ़ें इंद्रकृत लक्ष्मी स्त्रोत। आओ पढ़ते हैं इंद्रकृत लक्ष्मी स्त्रोत ( Lakshmi Stotram )।
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लक्ष्मी जी की आरती

शनिवार,अक्टूबर 23, 2021
माता लक्ष्मी या महालक्ष्मी की पूजा शुक्रवार, महालक्ष्मी व्रत, दीपावली और कार्तिक मास में की जाती है। इस अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा के बाद माता मां लक्ष्मीजी की आरती की आती है। आओ पढ़ते हैं मां लक्ष्मीजी की आरती ( Lakshmi Aarti in Hindi )।
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मां लक्ष्मी चालीसा

शनिवार,अक्टूबर 23, 2021
माता लक्ष्मी या महालक्ष्मी की पूजा शुक्रवार, महालक्ष्मी व्रत, दीपावली और कार्तिक मास में की जाती है। इस अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा के समय मां लक्ष्मी चालीसा का पाठ किया जाता है। आओ पढ़ते हैं मां लक्ष्मी चालीसा ( Lakshmi Chalisa Paath ) ।
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महालक्ष्मी स्तु‍ति

शनिवार,अक्टूबर 23, 2021
माता लक्ष्मी या महालक्ष्मी की पूजा शुक्रवार, महालक्ष्मी व्रत, दीपावली और कार्तिक मास में की जाती है। इस अवसर पर मां लक्ष्मी की पूजा के समय स्तुति पाठ किया जाता है। आओ पढ़ते हैं मां लक्ष्मी की स्तुति ( Lakshmi Mahalaxmi Stuti ) ।
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दशरथ कृत शनि स्तोत्र

शनिवार,अक्टूबर 23, 2021
शनिवार के दिन शनिदेव की स्तुति का महतव है। कार्तिक मास के पहले शनिवार के दिन दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ जरूर करना चाहिए। इससे शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है। इस समय मकर, कुंभ, धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती और मिथुन, तुला राशि पर शनि ...
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कार्तिक मास और स्कंद षष्ठी पर शिव पुत्र भगवान कार्तिकेय की स्तुति, पूजा, स्तोत्र पाठ और आरती करने का महत्व है। पढ़ते हैं कार्तिकेय स्तोत्र।
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माता लक्ष्मी या महालक्ष्मी की पूजा शुक्रवार, महालक्ष्मी व्रत, दीपावली और कार्तिक मास में की जाती है। यहां पर मां लक्ष्मी की पूजा के समय स्तुति पाठ, स्त्रोत्र, लक्ष्मी चालीसा का पाठ करने के बाद माता लक्ष्मी की आरती का वाचन किया जाता है। आओ पढ़ते हैं ...
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प्रति रविवार,सूर्य पर्व और सूर्य के राशि परिवर्तन, संक्रांति आदि पर सूर्य की उपासना करने का विशेष महत्व माना गया है। प्रस्तुत है सूर्य चालीसा का संपूर्ण पाठ
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देवी दुर्गा कवच का पाठ हिंदी में प्रस्तुत है...इस पाठ से शरीर के समस्त अंगों की रक्षा होती है, यह पाठ महामारी से बचाव की शक्ति देता है,यह पाठ सम्पूर्ण आरोग्य का शुभ वरदान देता है...यह अत्यंत गोपनीय पाठ है इसे पूरी पवित्रता से किया जाना चाहिए...
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स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता देवी स्कंदमाता की उपासना नवरात्रि के पांचवें दिन की जाती है। आइए पढ़ें आरती...
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शारदीय नवरात्रि पर्व में मां अम्बे की आराधना की जाती है। यहां पढ़ें Durga Ji Ki Aarti-
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नवरात्रि के पावन पर्व पर 9 दिन दुर्गा चालीसा के नित्य पाठ से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और हर तरह के संकट दूर करती है।
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यह आरती करने से श्री हरि विष्णु प्रसन्न होकर खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देते हैं। यहां पढ़ें ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे...
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धार्मिक शास्त्रों में किसी भी खास अवसर पर धन की देवी लक्ष्मी पूजन करने का बहुत महत्व माना गया है। इस दिन माता लक्ष्मी का यह चालीसा जीवन को खुशहाली से भरकर मनचाहा आशीर्वाद देता है
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श्राद्ध पक्ष के दिनों में प्रतिदिन इस कवच का पाठ करके आप अपने पितरों को प्रसन्न करके उनका आशी‍ष पा सकते हैं। यह कवच बहुत ही लाभदायक माना गया है।
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