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Surya Namaskar : रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानी है तो सीख लीजिए सूर्य नमस्कार

मंगलवार,सितम्बर 28, 2021
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कई लोग जब रात में सोते हैं तो उनके पैर सड़पते रहते हैं या दर्द करते रहते हैं। खासकर पिंडलियां दर्द करती रहती है। ऐसा कई कारणों से होता है। कारणों का पता चलने पर ही हम उसका निदान कर सकते हैं। आओ जानते हैं कि आखिर क्यों सडपते हैं पैर।
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आधुनिक जीवन शैली के चलते तोंद या मोटापा एक वैश्विक समस्या बन गई है। वैसे भी लॉकडाउन के कारण अधिकतर लोग इस समस्या से गुजर रहे हैं। कब्ज, अपच या अनाप-शनाप खाने और मद्यपान से पाचन तंत्र कमजोर हो चला है और जिसके चलते अब इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो गया है। ...
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अंगसंचालन या सूक्ष्म व्यायाम के बाद ही हमें योग के आसन करना चाहिए। मुख्‍यत: 84 योग आसन हैं उन्हीं में से एक है परिवृत्त पार्श्वकोणासन। आओ जानते हैं कि यह योगासन किस तरह करते हैं और क्या है इसके फायदे।
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योग में शरीर के भीतर जमा गंदगी को निकालने के लिए कई आसन और क्रियाएं हैं। क्रियाओं में जैसे गणेश क्रिया, जलनेति, धौति क्रिया और वमन क्रिया की जाती है। उसी तरह आसनों में उत्कटासन या उत्कट आसन का महत्व है। आओ जानते हैं कि यह किस तरह किया जाता है।
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अनियमित और मसालेदार भोजन के अलावा आरामपूर्ण जीवनशैली के चलते तोंद एक वैश्विक समस्या बन गई है जिसके चलते डायबिटीज, हार्टअटैक, किडनी, मूत्राशय, रीढ़ की हड्डी, कमर दर्द जैसे आदि कई रोगों का खतरा बढ़ जाता है। कुछ भी नहीं है फिर भी तोंद के चलते व्यक्ति ...
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बच्चों का शरीर बहुत ही लचीला होता है इसीलिए वे जल्दी ही सभी तरह के योगासन सीख सकते हैं परंतु बच्चों के शरीर के अनुसार ही उन्हें योग व्यायाम कराना चाहिए क्यों कि लचीला होने के साथ ही उनका शरीर नाजुक भी होता है। ऐसे में ज्यादा कठिन आसन नहीं कराना ...
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सिर्फ वेबदुनिया पर... योग मुद्राओं के आकर्षक और उत्कृष्ट सामग्री। 21 जून को हमारे यानी वेबदुनिया के साथ मनाइए विश्व योग दिवस। हम लेकर आए हैं योग दिवस के साथ योग का इतिहास, परम्परा और विशेष आलेख....
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हर कोई सरल योगासन तो सीख ही जाता है जिससे शरीर लचीला बनता है परंतु कठिन योगासन सिखने या करने में थोड़ा जोखिम भी रहता है। आओ विश्‍व योगा दिवस पर जानते हैं कि वे कौनसे 7 कठिन योगासन है जिन्हें करने से शरीर मजबूत होता है।
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डायबिटीज एक महामारी है। इसे मधुमेह और शुगर भी कहते हैं। एक अनुमान के मुताबीक दुनिया में 42 करोड़ से ज्यादा लोग इस रोग के शिकार है। यह रोग अनियमित जीवनशैली और अत्यधिक रूप में बाहर का भोजन करने से भी होती है। यह अधिक चिंता करने या अनिद्रा के कारण भी ...
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फेफड़ों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होता है। क्योंकि हमारे सांस लेने की प्रक्रिया वहीं से शुरू होती है। अगर आपके फेफड़ें सुरक्षित रहेंगे तो लंबी जिंदगी आराम से जी सकते हैं अन्यथा कई प्रकार की बीमारियां आपको घेर सकती है। जैसे आपको अस्थमा हो सकता है, ...
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कोरोना वायरस (coronavirus) का संक्रमण फेफड़ों को कमजोर कर देता है। इस दौर में जहां इम्युनिटी पावर (Immunity power) बढ़ाना जरूरी है वहीं फेफड़ों (Lungs) को सुरक्षित और मजबूत बनाए रखना भी जरूरी है और सबसे जरूरी है शरीर के भीतर का ऑक्सीजन लेवल बढ़ाना। ...
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काल कैसा भी हो लेकिन स्वस्थ्य और फिट लाइफ के लिए योग, प्रणायाम या एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए। इससे आपकी बाॅडी पर कभी भी एक्स्ट्रा फैट जमा नहीं होगा। साथ ही आप में तरावट बनी रहेगी, आपका मन शांत रहेगा और कमजोरी भी नहीं लगेगी। तो आइए जानते हैं 5 सरल ...
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कोरोना काल में योगासन, प्राणायाम और योग क्रियाओं के महत्व को समझा जाने लगा है। योगासन अर्थात आसन या योगा पोश्चर। आसनों का मुख्य उद्देश्य शरीर के मल का नाश करना है। शरीर से मल या दूषित विकारों के नष्ट हो जाने से शरीर व मन में स्थिरता का अविर्भाव होता ...
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर काफी खतरनाक है। इससे बचाव के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक युवा, वयस्क और बूढ़ों को इस बीमारी से बचाव के लिए सतर्क किया जा रहा था। लेकिन आने वाली तीसरी लहर में बच्चों पर भी असर होगा ऐसी संभावना जताई जा रही है। ...
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तनाव या पीड़ा शारीरिक हो या मानसिक उसका सारे जीवन पर असर पड़ता है। योग की परंपरा सदियों पुरानी है जो आज भी उतनी ही सक्षम है जितनी पहले हुआ करती थी।
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सिर के बल किए जाने की वजह से इसे शीर्षासन कहते हैं। शीर्षासन को करना गठिन होता है। किसी योग्य योग शिक्षक की देखरेख में करना चाहिए अन्यथा गर्दन में समस्या उत्पन्न हो सकती है या और किसी तरह की समस्या खड़ी हो सकती है। आओ जानते हैं शीर्षासन करना का ...
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इस आसन को करने से व्यक्ति स्वयं को पूर्ण विश्राम की स्थिति में अनुभव करता है इसीलिए इसे विश्रामासन कहते हैं। इसका दूसरा नाम बालासन भी है। यह तीन प्रकार से किया जाता है। पेट के बल लेटकर, पीठ के बल लेटकर और वज्रासन में बैठकर। यहां प्रस्तुत है पेट के ...
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अनियमित और मसालेदार भोजन के अलावा आरामपूर्ण जीवनशैली के चलते तोंद एक वैश्विक समस्या बन गई है जिसके चलते डायबिटीज, हार्टअटैक, किडनी, मूत्राशय, रीढ़ की हड्डी, कमर दर्द जैसे आदि कई रोगों का खतरा बढ़ जाता है। कुछ भी नहीं है फिर भी तोंद के चलते व्यक्ति ...
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