0

क्या आपको भी नहीं आती है रात में नींद, जानिए 7 कारण और 5 उपाय

सोमवार,सितम्बर 20, 2021
0
1
अभी लॉकडाउन का समय चल रहा है, ऐसे समय में आप सूर्य नमस्कार को अपना कर अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं-
1
2
कई लोग जब रात में सोते हैं तो उनके पैर सड़पते रहते हैं या दर्द करते रहते हैं। खासकर पिंडलियां दर्द करती रहती है। ऐसा कई कारणों से होता है। कारणों का पता चलने पर ही हम उसका निदान कर सकते हैं। आओ जानते हैं कि आखिर क्यों सडपते हैं पैर।
2
3
कपालभाति प्राणायाम को हठयोग में शामिल किया गया है। प्राणायामों में यह सबसे कारगर प्राणायाम माना जाता है। यह तेजी से की जाने वाली रेचक प्रक्रिया है। मस्तिष्क के अग्र भाग को कपाल कहते हैं और भाती का अर्थ ज्योति होता है।
3
4
अखड़ों की जगह आजकल जिम का प्रचलन हो चला है। सवाल यह उठता है कि जिम की कसरत करना सही है या योग की? दोनों में अंतर क्या है और क्या होता है फायदा या नुकसान। जानिए कुछ खास 10 बातें।
4
4
5
अगर आप बहुत बिजी है और अपनी केयर करने के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं तो अपने शेड्यूल से सिर्फ 10 मिनट का समय निकाल कर ये फेशियल योगा ट्राई करें।
5
6
कई लोग मॉर्निंग वॉक पर जाते हैं और कई लोग इवनिंग वॉक पर। हालांकि बहुत से लोग रात्रि का भोजन करने के बाद टहलते हैं। टहलने या पैदल चलने जैसा सर्वोपयोगी योग व्यायाम कोई दूसरा नहीं। चिकित्साविद् भी इसके समर्थन में एकमत है। आप किसी भी वक्त टहलने जा रहे ...
6
7
जीवन में लक्ष्य या कोई टार्गेट नहीं डिसाइड किया है तो फिर भविष्य भी अन्सर्टन होगा। लाइफ में टार्गेट पर फोकस होना जरूरी है। योग से यह फोकस बढ़ाया जा सकता है। यदि कोई गोल और उस गोल पर फोकस नहीं है तो हम जीवन में कुछ भी अचीव नहीं कर पाते हैं। आ जानते ...
7
8
आपके मन या शरीर में किसी भी प्राकर की बैचेनी, टेंशन, डिप्रेशन या हाइपर्नेस है तो आप को रात में नींद नहीं आएगी। कई लोगों का दिमाग और जुबान बहुत चलती है जिसके चलते भी अशांति उत्पन्न होती है। लंबे काल तक इससे ग्रस्त रहने से गंभीर रोग भी उत्पन्न हो सकता ...
8
8
9
क्यूटनेस, नेचुरल ब्यूटी और स्लिम बॉडी बनाए रखने के लिए लड़कियों को योग करना चाहिए क्योंकि योग से बेहतर विकल्प दूसरा नहीं है। इससे सुंदरता तो बढ़ेगी ही साथ ही चेहरे पर नेचुरल ग्लो रहेगा। इसे हरदम बॉडी में एनर्जी बनी रहेगी।
9
10
कंप्यूटर पर लगातार आठ से दस घंटे काम करके कुछ लोग कई तरह के रोगों का शिकार हो जाते हैं या फिर तनाव व थकान से ग्रस्त रहते हैं। निश्‍चित ही कंप्यूटर पर लगातार आंखे गड़ाए रखने के अपने नुकसान तो हैं ही इसके अलावा भी ऐसी कई छोटी-छोटी समस्याएं भी पैदा ...
10
11
ध्यान के प्रकार और ध्यान की विधियों में अंतर है। ध्यान कई प्रकार का होता है जिसके अंतर्गत कई तरह की विधियां होती हैं। आओ जानते हैं इस संबंध में संक्षिप्त जानकारी।
11
12
आधुनिक जीवन शैली के चलते तोंद या मोटापा एक वैश्विक समस्या बन गई है। वैसे भी लॉकडाउन के कारण अधिकतर लोग इस समस्या से गुजर रहे हैं। कब्ज, अपच या अनाप-शनाप खाने और मद्यपान से पाचन तंत्र कमजोर हो चला है और जिसके चलते अब इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो गया है। ...
12
13
अंगसंचालन या सूक्ष्म व्यायाम के बाद ही हमें योग के आसन करना चाहिए। मुख्‍यत: 84 योग आसन हैं उन्हीं में से एक है परिवृत्त पार्श्वकोणासन। आओ जानते हैं कि यह योगासन किस तरह करते हैं और क्या है इसके फायदे।
13
14
योग में शरीर के भीतर जमा गंदगी को निकालने के लिए कई आसन और क्रियाएं हैं। क्रियाओं में जैसे गणेश क्रिया, जलनेति, धौति क्रिया और वमन क्रिया की जाती है। उसी तरह आसनों में उत्कटासन या उत्कट आसन का महत्व है। आओ जानते हैं कि यह किस तरह किया जाता है।
14
15
एक उम्र के बाद कमर दर्द एक स्थाई रोग बन जाता है। कई ऐसा होता है कि हम कार्य करते हुए एक ही पोजिशन में बैठे रहते हैं जिसके चलते भी यह समस्या उत्पन्न होती है। यह भी हो सकता है कि यदि आपकी तोंद निकल गई है तो भी कमर दर्द की शिकायत हो जाती है। कमर दर्द ...
15
16
आयुर्वेद के अनुसार व्यक्ति की प्राकृतिक उम्र 120 वर्ष होती है परंतु व्यक्ति 70 से 90 के बीच मर जाता है। कुछ तो 50 में ही स्वर्ग पहुंच जाते हैं। ऐसा क्यों होता है? यदि आपने 7 काम कर लिए तो आपकी आयु बढ़ जाएगी।
16
17
दुनिया भर में रिसर्च किए जा रहे हैं कि किसी भी तरह से उम्र बढ़ने के प्रभाव को रोकने का कोई फार्मूला मिल जाए, लेकिन कोई शॉर्ट कट अभी तक नहीं मिल पाया है। हमने देखा है कि कई लोग वक्त के पहले ही अधेड़ या बूढ़े हो जाते हैं या यदि आप चाहते हैं अपनी बढती ...
17
18
मेडिटेशन आज के वक्त में लोगों की जरूरत बन गया है। तनाव को कम करना, अच्‍छी नींद, दिमाग को शांत रखना, स्थिरता को बनाए रखना, मानसिक शांति के लिए लोग मेडिटेशन करना पसंद करते हैं। शुरुआत में कई लोग मेडिटेशन में विश्वास नहीं रखते हैं लेकिन कुछ महीने बाद ...
18
19
अंग-संचालन को सूक्ष्म व्यायाम भी कहते हैं। इसे आसनों की शुरुआत के पूर्व किया जाता है। इससे शरीर आसन करने लायक तैयार हो जाता है। सूक्ष्म व्यायाम के अंतर्गत नेत्र, गर्दन, कंधे, हाथ-पैरों की एड़ी-पंजे, घुटने, नितंब-कुल्हों आदि सभी की बेहतर वर्जिश होती ...
19