महिला दिवस विशेष : आधी आबादी की पूरी बात, नारी के मन की आवाज

आधी आबादी के साथ, सेहत और सुरक्षा की बात...





महिला दिवस... एक दिन और कई सवाल.... कहीं नहीं मिलते हैं उनके जवाब.... वेबदुनिया पर बहुत बड़ी-बड़ी कीर्तिमान रचने वाली बातें न करते हुए महिलाओं की, महिलाओं द्वारा, महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा उपेक्षित की जाने वाली समस्या सेहत के मुद्दे पर बात करने जा रहा है....हमने बात की महिला चिकित्सकों से और जाना कि आम तौर पर महिलाओं की मानसिक और शारीरिक परेशानियां क्या हैं?



हमने इस गंभीर विषय पर बात करने से पहले कुछ वर्ग निर्धारित किए हैं, नन्ही कच्ची बच्ची से लेकर कुंवारी किशोरियों तक, करियर के रास्ते पर आगे बढ़ती युवतियों से लेकर गृहिणियों तक, कामगार और घरेलू सहायक महिलाओं से लेकर विभिन्न संस्थानों में कार्यरत कामकाजी महिलाओं तक...हमने कोशिश की है कि उनकी मानसिक समस्या से लेकर शारीरिक समस्या तक हर मुद्दों के समाधान तलाशे जाएं....कोई रास्ता निकाला जाए ताकि खुशनुमा जिंदगी के खुशनुमा पल हर महिला अपने आंचल में समेट सके, हर महिला के चेहरे पर हंसी का गुलाबी छींटा हो ना की तनाव की गहरी लकीर...हर महिला खुलकर सांस ले सके, घुटन के अंधेरों को चीर.....

दूसरी बात हमने उनकी स्वतंत्रता और सहजता के साथ जीवन जीने के सवालों पर की है... चाहे वह धर्म हो या कर्म क्या इनके नाम पर उनकी सहज, स्वतंत्र जीवन जीने की राह में बाधाएं उत्पन्न की जाती है? घूंघट से लेकर हिजाब तक, सुहाग चिन्हों से लेकर तीज त्योहार तक हर बात महिलाओं से जुड़कर महिलाओं पर ही खत्म क्यों होती है? सामाजिक और धार्मिक मान्यताएं, विसंगतियां और प्रथाएं उनकी सोच और विचार शक्ति पर इतनी हावी क्यों हो जाती हैं?


तीसरी बात हर बार की तरह सुरक्षा के मुद्दे से जुड़ी है जो हर शहर हर प्रदेश में प्यार से लेकर घरेलू मामलों तक में हत्या के भयावह आंकड़े बढ़ा रही है....

आइए क्लिक कीजिए महिला दिवस की इस विशेष प्रस्तुति में हमारे साथ सहभागी बनने के लिए.... यहां आपको मिलेंगे विचारोत्तेजक आलेख, गहन गंभीर विमर्श, कविताएं, विशेषज्ञों के परामर्श और हर आम और खास महिला के विचार.....वीडियो भी और परिचर्चा भी.... महिला दिवस की शुभकामनाएं हम सभी को....



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