Fact Check: क्या Himalaya के मालिक ने लोगों से की Patanjali का बहिष्कार करने की अपील? जानिए पूरा सच

Last Updated: मंगलवार, 20 जुलाई 2021 (12:30 IST)
(Photo:Screenshot of viral video)
सोशल मीडिया पर 2 मिनट 20 सेकंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शख्स को लोगों से मुकेश अंबानी की ‘रिलायंस’ और बाबा रामदेव की कंपनी ‘पतंजलि’ का बहिष्कार करने की अपील करते सुना जा सकता है। इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये शख्स हिमालया कंपनी का मालिक है।

क्या हो रहा वायरल-


वीडियो को शेयर करते हुए सोशल मीडिया यूजर्स लिख रहे हैं, “ये मुल्ला कम्पनी का मालिक है, वक्त है इसके भाषण को सुनिए विचार कीजिए और सतर्क हो जाइए, आयुर्वेदिक मेडिसिन से ब्यूटि प्रॉडक्ट्स बनाता है liv52 syrup se lekar himaliya neem tulsi aur hand sensitiser tak सभी ग्रूप में डालिए और खरीदना बंद कीजिए खुद व खुद घुटने पर आ जाएगा बहुतो ऑप्शनस है।”

वीडियो में नजर आ रहा शख्स लोगों से कह रहा है, “हमारे पास जितने भी के जियो के मोबाइल फोन है, उसे सब चेन्ज करो। किसी और के खरीदो चाहे आइडिया, एयरटेल, या फिर वोडाफोन के लो, लेकिन रिलायंस के इस्तेमाल मत करो। आगे ये शख्स लोगों से कहता है, “आप सभी लोग बाबा रामदेव की कंपनी ‘पतंजलि’ का सामान लेना बंद करो, क्योंकि रामदेव का अधिकतर पैसा आरएसएस के लिए हथियार खरीदने का काम करता है।”





क्या है सच-

वायरल वीडियो में दाईं ओर ऊपर की तरफ Times Express Voice of Democracy लिखा हुआ है। इससे हिंट लेते हुए हमने Times Express के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर कुछ कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें यहां 25 जनवरी 2020 को अपलोड किया गया ओरिजिनल वीडियो मिल गया। वीडियो के डिस्क्रिप्शन में दी गई जानकारी के मुताबिक, वीडियो में भाषण दे रहे शख्स देश के मशहूर वकील भानू प्रताप सिंह हैं। CAA पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद वकील भानु प्रताप ने दिल्ली के मुस्तफाबाद में धरने पर बैठी जनता को संबोधित किया।



भानु प्रताप सिंह का ट्विटर अकाउंट चेक करने पर हमें पता चला कि वह सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं और राष्ट्रीय जनहित संघर्ष पार्टी के अध्यक्ष भी हैं।

वहीं, हिमालया की वेबसाइट के मुताबिक, इसके फाउंडर और मालिक मोहम्मद मनाल है, जिनकी मृत्यु 1986 में हो गई थी।


वेबदुनिया ने अपनी पड़ताल में पाया कि सुप्रीम कोर्ट के वकील भानू प्रताप सिंह के पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।



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