प्रबोधन कार्यक्रम में बोले योगी आदित्यनाथ, नकारात्मकता किसी जनप्रतिनिधि को कभी आगे नहीं बढ़ा सकती

Last Updated: शनिवार, 21 मई 2022 (14:44 IST)
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लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने शनिवार को विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों को सकारात्मक भाव बनाए रखने की नसीहत देते हुए कहा कि नकारात्मकता किसी जनप्रतिनिधि को कभी आगे नहीं बढ़ा सकती है। उन्होंने विधानसभा सदस्यों को ठेके-पट्‍टे, तबादला-तैनाती से दूरी बनाने की सलाह दी।

योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यहां दूसरे दिन उत्तरप्रदेश विधानसभा में ई-विधान व्यवस्था एवं 18वीं विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि एक विधायक के रूप में वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि एक जनप्रतिनिधि अपना जीवन जितना व्यावहारिक बना ले, जनता के साथ उसका संवाद जितना अच्छा होगा, जनता की अपेक्षाओं पर वह उतना ही खरा उतरता दिखाई देगा।
गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से 5 बार सांसद रह चुके योगी आदित्यनाथ 18वीं विधानसभा में पहली बार गोरखपुर शहर क्षेत्र से सदस्य चुन कर आए हैं। पिछली बार वह विधान परिषद का सदस्य रहते हुए 5 वर्ष तक नेता सदन (मुख्यमंत्री) की भूमिका में रहे।
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यह हमारा सौभाग्य है कि संविधान विशेषज्ञ, शिक्षा, महिला कल्याण एवं बाल विकास व विभिन्न क्षेत्रों का दीर्घ अनुभव रखने वालीं माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी का महत्वपूर्ण उद्बोधन आज माननीय सदस्यों को प्राप्त होगा। उत्तर प्रदेश विगत 03 वर्षों से माननीय राज्यपाल जी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में अलग-अलग क्षेत्रों में विकास और लोककल्याण के लिए योजनाएं लागू करते हुए आगे बढ़ रहा है।आज के इस अवसर पर मैं उनका हृदय से स्वागत व अभिनंदन करता हूं: #UPCM @myogiadityanath - Chief Minister Office, Uttar Pradesh (@CMOfficeUP) 21 May 2022
उल्लेखनीय है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को यहां उत्तरप्रदेश विधानसभा में ई-विधान व्यवस्था एवं 18वीं विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के प्रबोधन कार्यक्रम का आरंभ किया। उप्र की 403 सदस्यों वाली विधानसभा के सत्र की शुरुआत सोमवार से हो रही है और यह पहली बार होगा, जब सत्र की कार्यवाही पेपरलेस (कागजविहीन) होगी।
योगी ने कहा कि नकारात्मकता किसी जनप्रतिनिधि को कभी आगे नहीं बढ़ा सकती है। मैंने हमेशा देखा है, मैंने इस चुनाव में भी देखा कि एक सदस्य छोटी-छोटी बातों को लेकर जाम करते थे। विकास की कोई योजना आती तो भी धरना प्रदर्शन करते थे। विधानसभा का जिस दिन परिणाम आया, मैंने कहा कि उस क्षेत्र का परिणाम बताओ तो पता चला कि वे 4थे नंबर पर थे। योगी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति का धैर्य, शालीनता हमेशा उसको आगे बढ़ाता है। उसका उतावलापन, उसका ठेके-पट्‍टे के प्रति अनुराग, उसका हर एक मामले में हस्तक्षेप करना, हमेशा उसके पतन की ओर लेकर जाता है।
उन्होंने कहा कि जितने उद्दंडता करने वाले लोग थे, वे सब लुढ़कते चले गए तथा जनता-जनार्दन सबकी छुट्टी करती चली गई। उन्होंने विधायकों को ठेके-पट्‍टे, तबादला-तैनाती से दूर रहने की नसीहत दी और कहा कि यह बदनामी का कारण बनता है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से अपेक्षा की कि वे नए सदस्यों को बोलने का मौका देंगे।

योगी ने सवाल उठाया कि अगर उत्तरप्रदेश में जातिवाद की राजनीति सच है तो सुरेश खन्ना (संसदीय कार्य व वित्तमंत्री) कैसे 9वीं बार विधायक बन गए जबकि उनकी जाति का वोट तो शाहजहांपुर में नहीं है। उन्होंने नए सदस्यों को सावधान करते हुए कहा कि जनता, जनार्दनस्वरूप है। अगर कोई नकारात्मक है तो जनता उसे नकारात्मक भाव में ही लेती है।
योगी ने जोर देकर कहा कि अगर हमारे भाव सकारात्मक हैं, प्रदेश-देश हित में हैं, जनता हित में हैं, लोक कल्याण हित में हैं तो जनता भी उसे उसी भाव में लेती है। ने अपने संबोधन में कहा कि 128 ऐसे विधायक हैं, जो पहली बार जनप्रतिनिधि बनकर विधानसभा में आए हैं। 47 महिलाएं हैं, जो पहली बार विधायक बनकर इस सभा में आई हैं। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि महिलाओं की संख्या बढ़ रही है।



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