उद्धव में बाल ठाकरे जैसा दमखम नहीं, 50 विधायक टूटना बड़ी बात : नाईक

Author संदीप श्रीवास्तव| पुनः संशोधित बुधवार, 6 जुलाई 2022 (20:37 IST)
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अयोध्या। दिवसीय अयोध्या दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री व महाराष्ट्र भाजपा के कद्दावर नेता राम नाईक ने महाराष्ट्र में मचे राजनीतिक घमासान पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे को विधान के अनुसार काम करने की आदत नहीं है। स्वर्गीय बाला साहब ठाकरे के पीछे जो कार्यकर्ताओं की शक्ति थी वह उद्धव ठाकरे के पास नहीं है।

नाईक ने कहा कि शिवसेना से 50 विधायक निकल जाना बड़ी बात है। अगर लड़ना है तो लड़ने की दृष्टि से लड़ना चाहिए। नाईक ने कहा कि शिवसेना अब संगठन के पदाधिकारियों से एफिडेविट लेने की सोच रही है कि वे उनके साथ पार्टी में हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि जो इतने साल से आपके संगठन में है, उनसे आप एफिडेविट ले रहे हो इससे यह साफ दिखाई दे रहा है कि जनतंत्र चलाने के लिए जो मानसिकता होनी चाहिए दुर्भाग्यवश उद्धव ठाकरे में वो मानसिकता नहीं है।

आठवां अजूबा राम मंदिर : राम मंदिर मामले पर राम नाईक ने कहा कि दुनिया में सात अजूबे हैं, उसमें भारत का एक ताजमहल भी है और अब 8वां अजूबा अयोध्या का राम मंदिर होगा। उन्होंने कहा है कि यूपी के विकास में अखिलेश के 70% अंक हैं, वहीं योगी सरकार इससे ज्यादा हासिल कर रही है। यूपी में परिवर्तन हो रहा है। इसका प्रमाण हाल के उपचुनाव में मिला है।

इस मौके पर उन्होंने योगी सरकार के कामकाज की जमकर तारीफ की। उन्होंने यूपी के विकास में अहम भूमिका निभाई है। कभी यूपी औद्योगिक विकास में देश में 14वें स्थान पर था, अब यूपी दूसरे नंबर पर पहुंच चुका है। इसका श्रेय सीएम योगी आदित्यनाथ को जाता है।

उन्होंने कहा कि यूपी से दुनिया के सिर्फ तीन देश बड़े हैं। इनमें अमेरिका, चाइना और इंडोनेशिया शामिल हैं। बाकी सभी देश यूपी से छोटे हैं। वह बोले कि यूपी में विकास योजनाओं और प्रगति की जो बुनियाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रिमंडल ने रखी है वह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य रहा है कि मेरे कार्यकाल में ही अखिलेश यादव भी मुख्यमंत्री थे और उसके 1 वर्ष बाद योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने। दोनों की तुलना की जाए तो योगी को ज्यादा अंक मिलेंगे।



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