अखिलेश के जिन्ना वाले बयान पर RLD ने झाड़ा पल्ला, UP प्रदेश अध्यक्ष मसूद बोले- जिन्ना हमारे आईकॉन नहीं

हिमा अग्रवाल| पुनः संशोधित रविवार, 5 दिसंबर 2021 (21:58 IST)
मेरठ में राष्ट्रीय लोकदल के उत्तरप्रदेश अध्यक्ष मसूद ने कहा कि समाजवादी पार्टी और का गठबंधन कल्पना से अधिक सीट हासिल करेगा। गठबंधन की इतनी सीट आएगी कि दूसरी पार्टियों को दूरबीन से भी दिखाई नहीं देंगी। भाजपा नेताओं की बयानबाजी पर मसूद बोले कि वे कहते हैं- ठोंक देंगे, पीट देंगे, नर्क में पहुंचा देंगे, बुलडोजर चलवा देंगे, नंगा कर देंगे, एनएसए लगा देंगे और लूंगी टोपी जैसी भाषा सत्ता में बैठे लोगों के द्वारा बोली जा रही है।

पश्चिमी उत्तरप्रदेश में सपा-रालोद गठबंधन की पहली रैली आगामी 7 दिसंबर को होने जा रही है। दोनों ही पार्टियां रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए दिलो-जान से जुट गई है। गठबंधन रैली की तैयारियों का जायजा लेने के लिए रालोद प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर मसूद मेरठ पहुंचे और यहां उन्होंने अखिलेश के जिन्ना वाले बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जिन्ना की वजह से देश बंटा, जिन्ना हमारे आईकॉन नहीं हैं।

रालोद के प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट तौर पर बोले कि रालोद न जिन्ना की साथी, न जिन्ना का दोस्त, न समर्थक है, अपितु जिन्ना का कटु आलोचक है, क्योंकि जिन्ना के कारण से देश का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है, देश का बंटवारा हुआ है। जब रालोद के प्रदेश प्रमुख ने पूछा गया कि अखिलेश जी जिन्ना का जिक्र करते है तो आप अब उनके साथ खड़े हैं तो उन्होंने कहा कि जिन्ना की जो सब बातें हैं वे आप अखिलेशजी से पूछिए।
हालांकि उन्होंने सफाई देते हुए यह भी कहा कि इतिहास का वर्णन कर रहे थे। डॉक्टर मसूद ने कहा कि जो भी इतिहास पढ़ेगा तो उसका नाम मिटा दिया जाएगा क्या? इतिहास पर क्या कालिख लगा दिया जाएगा? मसूद बोले कि जो लोग गांधीजी के हत्यारे नाथूराम गोड़से का मंदिर बनवा रहे हैं, वे गांधी के नहीं है, वो दूसरों के क्या होंगे।
डॉ. मसूद अहमद ने कहा उत्तर प्रदेश की सरकार को घेरते हुए कहा कि हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी पेपर लीक करने वालों के घर बुलडोजर चलाने की बात कर रहे थे, लेकिन टीईटी के पेपर लीक होने में भाजपा विधायक के भाई का नाम सामने आ रहा है, अब भाजपा विधायक के घर कब बुलडोजर चलेगा।

मसूद ने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि किसानों की एकता और ताकत ने भाजपा सरकार को झुका दिया है, अन्नदाता ने एक साल तक आंदोलन किया और सरकार को कृषि कानून वापस लेना पड़ा है, जो किसानों की बड़ी जीत है। अब सपा और रालोद का गठबंधन भाजपा की सत्ता को बेदखल करने का काम करेगा। 7 दिसंबर को होने वाली गठबंधन रैली का लक्ष्य है- भाजपा को उत्तरप्रदेश से बाहर करना है, आगामी विधानसभा चुनाव में सपा-रालोद मिलकर स्वीप करने जा रहा है, ये गठबंधन 400 सीटों पर जीत हासिल करेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान में भाजपा के दिग्गज नेताओं की हालत ऐसी हो गई है कि उन्हें स्टूल पर बैठना पड़ रहा है।
मिशन 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर रालोद के प्रदेश अध्यक्ष मसूद ने संकल्प-पत्र को भी पढ़कर सुनाया। इस संकल्प पत्र में 22 घोषणा की गई है। इसमें सबसे पहले 1 करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा किया गया है, किसानों को आलू का डेढ़ गुना दाम मिलेगा, गन्ना किसानों को लागत का डेढ़ गुना दाम व 14 दिनों में भुगतान मिलेगा, 12 हजार रुपए प्रतिवर्ष किसान सम्मान निधि दी जाएगी, वृद्धावस्था पेंशन की राशि तीन गुना बढ़ाई जाएगी, महिलाओं के लिए भर्तियों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा, किसानों के लिए प्रभावी बीमा योजना बनाई जायेगी, किसानों और बुनकरों का बिजली का पिछला बिल माफ और आगे का बिल हाफ किया जाएगा।

पूर्वांचल बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तरप्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना, नए कृषि कानूनों के विरुद्ध विधानसभा में प्रस्ताव पारित, उत्तरप्रदेश पुलिस जनता की सेवा के लिए काम करेगी, मान्यवर काशीराम योजना में सभी गरीबों को हक व न्याय मिलेगा, पिछडे वर्ग के छात्रों को 100 बड़े कालेजों में छात्रवृति मिलेगी, गांव-गांव डॉक्टर, घर-घर दवाई की पहुँच को सुनिश्चित किया जायेगा, आधारभूत संरचना का बिछेगा जाल, बेहतर होंगे शहर, रोशन होगा कस्बा और गांव, कृषि, पशुपालन और डेयरी के लिए अलग बजट की व्यवस्था की जायेगी, नई खेल नीति बनाएंगे, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के विजन पर छात्रों को सुविधाएं एवं अनुदान दिया जाएगा, सबको भोजन-सबको काम मिलेगा, कोविड मृतकों के आश्रितों / परिजनों को 4 लाख की सहायता राशि दी जाएगी, न्यायिक आयोग से जनता के विरुद्ध लंबित मुकदमों का निस्तारण होगा, शहीदों के परिजनों को एक करोड़ की राशि दिए जाने की घोषणा की गई है।
अब देखना होगा कि ये चुनावी घोषणाएं और वादे जनता को कितना लुभा पाते हैं। सपा की तेज रफ्तार साइकिल और जमीन से जुड़े रालोद के हैंडपंप से वोटों की वर्षा होती है या नहीं।



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