0

गजब टीचर की अजब कहानी, मिलते हैं फिल्मी शिक्षकों से...

रविवार,सितम्बर 5, 2021
teachers
0
1
भारत में महिलाओं पर शुरू से ही न जाने कितनी रोक-टोक और बंदिशे लगाई है। लेकिन जिस भी क्षेत्र में महिलाओं को कमतर आंका गया है, उस क्षेत्र में इतिहास रचा। वर्तमान में महिलाएं कई क्षेत्र में आज परचम लहरा रही है। लेकिन आज इस इतने बड़े मुकाम पर पहुंचने के ...
1
2
टीचर्स डे के इतिहास की बात करें, तो पहली बार 60 के दशक में टीचर्स डे मनाया गया था। आइए जानते हैं टीचर्स डे से जुड़ी हुई खास बातें-
2
3
हर साल 5 सितंबर को ‘शिक्षक दिवस’ मनाया जाता है। यह दिवस पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाते हैं। एक टीचर अपने विद्यार्थियों से कई तरह की अपेक्षा रखता है और वह संभवत: कई बातों को समझना या कहना ...
3
4
शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन शिक्षकों को बधाई देकर उनके प्रति आदर व्यक्त करते हैं। उनका शुक्रिया अदा करते हैं क्‍योंकि वह हमें बहुत कुछ सिखाते हैं। जरूरी नहीं होता जो आज सिखाया गया हो वह उसी दिन, उसी वक्त काम आए। लेकिन जब उस ...
4
4
5
टीचर्स डे की शुभकामनाएं...हमने संजोई है विशेष सामग्री खास आपके लिए... क्लिक कीजिए....
5
6
हर साल 5 सितंबर को ‘शिक्षक दिवस’ मनाया जाता है। यह दिवस पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाते हैं। आओ जानते हैं 10 महान विचारकों के शिक्षा और शिक्षक पर विचार।
6
7
शिक्षक दिवस पर हमें अपने हर तरह के शिक्षकों को सलाम करना चाहिए....गुरु को जरूर याद करें जब हम जीवन में सफलता की सीढ़ियां चढ़ते हैं... क्योंकि गुरु हमें गढ़ते हैं....
7
8
कहीं कोई एक बात, एक शब्द, एक सलाह, एक समझाइश हमें याद रह जाती है और उसी के साथ याद रह जाते हैं कोई एक ऐसे टीचर जिन्होंने हमें संभाला था,.... इन विचारों को पढ़कर आपको भी कोई टीचर याद आते हैं तो हमें जरूर बताएं... उनकी वह बात जो आप आज तक नहीं भूल ...
8
8
9
प्राचीन भारत की शिक्षा व्यवस्था और नीति वर्तमान से बहुत अलग थी। वहां शिक्षा के धनोपार्जन उद्येश्य के साथ ही चरित्र निर्माण और आत्मविकास पर ज्यादा फोकस था। आओ जानते हैं प्राचीन भारत की शिक्षा व्यवस्था पर 10 रोचक बातें।
9
10
प्रोफेसर और दार्शनिक जे. कृष्णमूर्ति का जन्म 1895 में आंध्रप्रदेश के मदनापाली में मध्‍यवर्ग परिवार में हुआ। कृष्णमूर्ति ने बड़ी ही फुर्ती और जीवटता से लगातार दुनिया के अनेकों भागों में भ्रमण किया और लोगों को शिक्षा दी और लोगों से शिक्षा ली। उन्होंने ...
10
11
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म चेन्नई से 40 किलोमीटर दूर तमिलनाडु में आंध्रप्रदेश से सटे स्थान तिरूतनी नाम के एक गांव में 5 सितम्बर सन् 1888 को हुआ था।
11
12
अलग-अलग देशों में अलग अलग तारीखों पर ‘टीचर्स डे’ मनाया जाता है। चीन में हर साल 10 सितंबर, कनाडा में पांच अक्टूबर, यूनान में 30 जनवरी, मेक्सिको में 15 मई, पराग्वे में 30 अप्रैल, श्रीलंका में 6 अक्टूबर और थाईलैंड में 16 जनवरी को ‘टीचर्स डे’ मनाया जाता ...
12
13
मेरे विद्यार्थियों, आप उस युग में जी रहे हैं, जिसमें स्रोतों की प्रचुरता है, आगे बढ़ने के बहुत से द्वार हैं पर याद रखना, छोटी सफलता के छोटे द्वारों के लिए आपका कद बहुत बड़ा है।
13
14
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म-दिवस के अवसर पर शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए भारतभर में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। राधाकृष्णन पेशे से एक शिक्षक ही थे। उनका शिक्षा के प्रति बहुत प्यार था और ...
14
15
आजादी के बाद हमारी शिक्षा नीति में कई बदलाव होते रहे हैं। हर सरकार अपने तरीके से शिक्षा नीति को निर्धारित करती है। भारत का शिक्षा तंत्र या शिक्षा से देश को क्या लाभ मिल रहा है यह तो किसी सर्वे से ही तय होगा, परंतु देश के माहौल और लोगों को देखकर लगता ...
15
16
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान शिक्षक थे, जिन्होंने अपने जीवन के चालीस साल अध्यापन को दिए। सन् 1962 में पहली बार पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया था
16
17
वैसे तो संसार में सैंकड़ों ऐसे शिक्षक हुए हैं जिन्होंने अपनी शिक्षा से दुनिया को बदल कर रख दिया है। यहां प्रस्तुत है प्राचीन भारत के ऐसे शिक्षकों के नाम जिनकी शिक्षा आज भी प्रासंगिक मानी जाती है।
17
18
देश के नाम एक शि‍क्षक की दुखभरी दास्‍तान...
18
19
प्राचीन भारत में ऋषि-मुनि वन में कुटी या आश्रम बनाकर रहते थे। जहां वे ध्यान और तपस्या करते थे। उक्त जगह पर समाज के लोग अपने बालकों को वेदाध्यन के अलावा अन्य विद्याएं सीखने के लिए भेजते थे। ब्रह्मचर्य आश्रम को ही मठ या गुरुकुल कहा जाता है। आओ जानते ...
19
20
इस वक्त कोविड-19 के कारण बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस चल रही हैं जिससे कि बच्चों की पढ़ाई पर कोरोनावायरस का असर न पड़े। कोरोनावायरस महामारी के चलते स्कूल बंद हैं, लेकिन कई क्लासेस ऑनलाइन चल रही हैं जिसमें शिक्षक छात्रों को ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ...
20
21
सर आज इस दुनिया में नहीं है.. लेकिन उनके सिखाए पाठ सदा मेरे साथ रहते हैं। जीवन में शिक्षक तो बहुत मिले पर गुरु सिर्फ एक ही मिले और वह थे ताम्रकर सर...
21
22
Exam सिर्फ स्कूल -कॉलेज ही नहीं...ज़िन्दगी भी लेती है..और सच्चा व आत्मविश्वासी विद्यार्थी ही उसमें सफल हो पाता है..।तो बस....!सारे इम्तिहान की तैयारी कर लें... वॉट्सऐप पर तो बहुत दिखाते हैं... अब यहाँ भी नकारात्मकता को ठेंगा दिखाकर सकारात्मकता के ...
22
23
वे प्राइमरी टीचर हैं हम उनको क्यों विश करें, यही होते हैं हमारे शब्द। इस सोच को बदलने की जरूरत है। शिक्षक दिवस ही शिक्षक का असली सम्मान दिवस नहीं है। उसका असली सम्मान दिवस तब होता है जब उसका पढ़ाया हुआ कोई विद्यार्थी सार्वजनिक रूप से उसको नतमस्तक ...
23
24
ज्ञान के साथ-साथ कुछ और भी योग्यताएं हैं जो एक शिक्षक को अपने आप में बेहतरीन और स्टूडेंट्स का पसंदीदा बनाती हैं। जानिए ऐसी ही 5 खूबियां जो आपको भी बना सकती हैं बेहतरीन शिक्षक -
24
25
भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है जबकि अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस का आयोजन 5 अक्टूबर को होता है। रोचक तथ्य यह है कि शिक्षक दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है
25
26
युवाशक्ति को उचित दिशा दिए बिना हम सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित भारत का निर्माण नहीं कर सकते और शिक्षा का विकास रथ युगीन अपेक्षाओं के अनुरूप उचित पथ पर अग्रसर किए बिना चरित्रवान, अनुशासित युवकों की पीढ़ी का विकास नहीं किया जा सकता।
26
27
मेरे विद्यार्थियों, आप उस युग में जी रहे हैं, जिसमें स्रोतों की प्रचुरता है, आगे बढ़ने के बहुत से द्वार हैं पर याद रखना, छोटी सफलता के छोटे द्वारों के लिए आपका कद बहुत बड़ा है।
27
28
शिक्षक दिवस यानी शिक्षकों का दिन, उनकी महत्ता बताने का दिन, समाज में जागृति, क्रांति तथा नई दिशा बताने वाले शिक्षक का गौरवशाली दिन। शिक्षक शब्द विस्तृत अर्थ रखता है। उसी को देखते हुए सर्वपल्ली के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का औचित्य ...
28
29
शिक्षकों का बदलाव की क्षमता से युक्त होना अनिवार्य है। अध्यापन प्रमाण पर आधारित व्यवसाय होना चाहिए और कि इससे बच्चों के लिए बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। विशेष रूप से वे सुझाते हैं कि संस्कृति में परिवर्तन की जरूरत है, जहां शिक्षक और राजनीतिज्ञ ...
29
30
भारतवर्ष की सनातन सांस्कृतिक परंपरा में ‘शिक्षा’ स्वयं में बहुअर्थगर्भित शब्द है। यहां शिक्षा का अभिप्राय साक्षरता अथवा शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की उपलब्धता मात्र नहीं है।
30
31
लोहे का बना मामूली-सा अंकुश इतने बड़े और बलवान हाथी को वश में कर लेता है, उसी तरह गुरु मंत्र में केवल देवताओं को ही नहीं, बल्कि स्वयं प्रभु को वश में कर लेने की शक्ति होती है।
31
32
शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराने के नए-नए उपाय सोचे जाते हैं, लेकिन उनके कल्याण का कोई उपाय शिक्षा नीति का विचार विषय ही नहीं बन पाता।
32