अमेरिका में महंगाई की मार, भारतीय बाजारों में बड़ी गिरावट, निवेशकों को 3.39 लाख करोड़ का नुकसान

पुनः संशोधित शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2022 (12:38 IST)
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नई दिल्ली। अमेरिका में मुद्रास्फीति के ऊंचे आंकड़े सामने आने से सकते में आए घरेलू के बेहद कमजोर रुख के बीच शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में निवेशकों की संपत्ति में 3.39 लाख करोड़ रुपए से अधिक की गिरावट आ गई।

कमजोर शुरुआत के बाद 30 शेयरों पर आधारित का सूचकांक सेंसेक्स 1,011.93 अंक गिरकर 57,914.10 पर पहुंच गया। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण शुरुआती कारोबार में 3,39,519.47 करोड़ रुपये घटकर 2,64,41,844.80 करोड़ रुपए रह गया।

जनवरी में अमेरिका में मुद्रास्फीति आशंका से भी अधिक 7.5 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। यहां 40 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। एक फरवरी 1982 को यह 7.6% पर थी। कहा जा रहा है कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक दरों में आधा पर्सेंट की बढ़ोतरी कर सकता है। जुलाई तक रेट में एक पर्सेंट की बढ़त की उम्मीद है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने नागरिकों से यूक्रेन को तुरंत छोड़ने को कहा है। इससे आशंका है कि रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई कभी भी हो सकती है। इसका असर अमेरिका समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों पर हुआ।


बीएसई पर आईटी के शेयर लाल निशान में रहे। सर्वाधिक करीब तीन फीसदी की गिरावट इंफोसिस में हुई। टेक महिंद्रा और विप्रो के शेयर भी नुकसान में रहे।



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