पहली बार विंबलडन फाइनल में पहुंची ऐश बार्टी, प्रोफेशनल क्रिकेट का भी रह चुकी है हिस्सा

पुनः संशोधित शुक्रवार, 9 जुलाई 2021 (20:36 IST)

दुनिया की नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की ऐश बार्टी पहली बार विंबलडन के महिला सिंगल्स के फाइनल में पहुंची है। फाइनल में बार्टी का सामना शनिवार को चेक गणराज्य की करोलिना पिलिसकोवा से होगा। साल 2019 में फ्रेंच ओपन जीतने वाली ऐश बार्टी की निगाहें अपना पहला विंबलडन खिताब जीतने पर होगी।

सेमीफाइनल में स्टार खिलाड़ी ने पूर्व चैंपियन एंजेलिक कर्बर को सीधे सेटों में हराया था। कर्बर को बार्टी ने 6-3, 7-6 (3) से हराकर फाइनल का टिकट कटाया।


क्रिकेट से रहा है खास लगाव


आज दुनियाभर में ऐश बार्टी के करोड़ो दीवाने हैं, लेकिन शायद ही कुछ लोग यह बात जानते होंगे कि टेनिस के साथ-साथ वह प्रोफेशनल क्रिकेट भी खेल चुकी है। जी हां, ऐश बार्टी में अपने क्रिकेटिंग टैलेंट का नमूना पेश कर चुकी है।


बार्टी ने 15 साल की उम्र में पेशेवर टेनिस खेलना शुरू किया था, लेकिन साल 2011 में उन्होंने विंबलडन डेब्यू किया था। मगर 2014 में उन्होंने टेनिस से ब्रेक लाकर क्रिकेट खेलना शुरू किया। 19 साल की उम्र में उन्होंने क्वींसलैंड टीम के साथ ट्रेनिंग शुरू की। बाद में ब्रिस्बेन हीट के साथ उन्होंने महिला बिग बैश लीग का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया।


बल्ले से रही फ्लॉप


बार्टी ने क्रिकेट खेलना तो जरुर शुरू किया लेकिन इसमें उनका प्रदर्शन एकदम फीका रहा। 2015-16 के महिला बिग बैश सत्र में उनको 9 टी20 मैच खेलने का मौका मिला लेकिन उनके बल्ले से 11.33 की साधारण सी औसत के साथ मात्र 68 रन देखने को मिले।

इसके बाद उन्होंने क्रिकेट के मैदान से अपनी दूसरी बना ली और विमेंस डबल्स के साथ एक बार फिर से अपने टेनिस करियर की शुरुआत की।


2011 में जीता था जूनियर विंबलडन का खिताब


ऐश बार्टी ने साल 2011 में जूनिय विंबलडन का खिताब जीतकर अपने नाम किया था। मगर इसके बाद बीमार रहने के चलते उन्होंने दो सालों तक टेनिस से दूसरी बना ली थी।
हाल ही में अपने दिए एक बयान में उन्होंने कहा था कि, ''मेरे करियर में कई उतार चढ़ाव आए, लेकिन मैंने एक दिन या एक पल के लिए भी अपनी राह नहीं बदली।''



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