सिंहस्थ और दान : सर्वस्व दान का महत्व


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इस से भगवान विष्णु की निकटता हासिल होती है। अगर कोई श्रद्धालु मन में कोई खास कामना लेकर यह दान करता है, तो उसकी यह इच्छा पूरी होती है। अगर वह कामनाहीन होकर यह दान करता है, तो उसे विष्णु की कृपा हासिल होती है। 
 
 
इस दान के लिए किसी सहायता की जरूरत नहीं होती। श्रद्धालु अकेले ही यह दान करता है। वह विधिपूर्वक या बिना कोई विधान किए यह दान कर सकता है। वैसे विधिपूर्वक यह दान करने से इसका फल ज्यादा मिलता है।
 
इस दान में अपना घर छोड़कर बाकी तमाम चीजें- कपड़ा, बर्तन, नकद, अन्न, रत्न, जेवर वगैरह दान कर दिए जाते हैं। दो तरह के दान बताए गए हैं। या तो श्रद्धालु अपनी इच्छा से सब-कुछ दान करके या फिर दान लेने वाले की इच्छा से दान करें। इस दान में श्रद्धालु अपने लिए दो वस्त्र छोड़ बाकी सब दान कर देता है।
> आगे जानिए किस पद्धति से करें यह दान... >  



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