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श्री राधा जी के जन्म से लेकर हर चमत्कार की 11 शुभ घटनाएं

शुक्रवार,सितम्बर 2, 2022
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प्रतिवर्ष वर्ष जन्माष्टमी के 15 दिन बाद यानी भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी का पर्व मनाया जाता।‌ इस दिन राधा का जन्म हुआ था। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 3 और 4 सितंबर को अष्टमी तिथि रहेगी। 3 सितंबर को राधाष्टमी का उत्सव मनाया ...
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Nidhivan ka rahasya: वृंदावन में निधिवन नाम से एक जगह है जहां पर श्रीकृष्ण का प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर और वन के बारे में कई तरह की जनश्रुति प्रचलित है। कहते हैं कि यहां पर श्रीकृष्‍ण रोज आते हैं और रात में रासलीला करने के बाद यहीं पर शयन करते हैं ...
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Learn Shri Krishna Management : सचमुच श्रीकृष्ण से सीख लेना बहुत ही मुश्किल है। जीवन को बेहतर तरीके से जीना तो कोई श्रीकृष्ण से सीखें। श्रीकृष्ण कहते हैं कि साधारण मानव बनना बहुत ही असाधारण कृत्य है। आपको अपने कर्मों को इस तरह मैनेज करना है कि जीवन ...
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Shri Krishna, Krishna: श्रीकृष्ण को पूर्णावतार कहा जाता है, जिसके कुछ कारण है। लेकिन उन्हें एक कंप्लीट मैन भी कहा जाता जिसके दूसरे कारण हैं। एक व्यक्ति अपने जीवन में कुछ एक विषय में खास बन सकता है। जैसे वह एक श्रेष्ठ पिता, भाई या पति बन सकता है। ...
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Krishna Janmashtami 2022: भगवान श्री कृष्ण के जन्म अवसर पर यानी जन्माष्टमी पर यहां पढ़ें कृष्ण के 108 नाम और उनके अर्थ। खास तौर पर जन्माष्टमी के दिन सौभाग्य, ऐश्वर्य, यश, कीर्ति, पराक्रम और अपार वैभव की चाह रखने वाले कृष्ण भक्तों को उनके इन नामों का ...
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श्रीकृष्ण के जीवन में 8 अंक का बहुत महत्व था। वे श्री विष्णु के 8वें अवतार के रूप में 8वें मनु वैवस्वत के मन्वंतर के 28वें द्वापर में भाद्रपद के कृष्ण पक्ष अष्टमी को 8वें मुहूर्त में जन्में थे। वे 8 वक्त भोजन करते थे। इसीलिए जन्माष्टमी के दिन उनकी ...
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भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म, दर्शन, राजनीति, युद्ध, कर्म, जीवन, सत्य, न्याय, देश, परिवार और समाज आदि कई विषयों पर अपने विचार को महाभारत और इससे इतर प्रस्तुत किया है। श्रीकृष्ण पूर्णावतार थे और उन्होंने जो कहा वह आज भी प्रासंगिक है। उनकी नीतियां आज के ...
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भाद्रापद अर्थात भादो मास के कृष्‍ण पक्ष की अष्टमी को श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। अष्टमी तिथि 18 अगस्त की रात को 9:20 पर प्रारंभ होकर 19 अगस्त की रात को 10:59 बजे समाप्त होगी। तिथि के 18 अगस्त की रात्रि में प्रारंभ होने के चलते कई मंदिरों में 18 अगस्त ...
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Balarama Jayanti 2022: भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलरामजी की आज जयंती है। भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को उनका जन्मोत्सव मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 17 अगस्त को उनका जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। कहते हैं कि बलरामजी को छोटी छोटी ...
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पौंड्रक चुनार देश का प्राचीन नाम करुपदेश था। वहां के राजा का नाम पौंड्रक था। कुछ मानते हैं कि पुंड्र देश का राजा होने से इसे पौंड्रक कहते थे। कुछ मानते हैं कि वह काशी नरेश ही था। चेदि देश में यह 'पुरुषोत्तम' नाम से सुविख्यात था। इसके पिता का नाम ...
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भाद्रपद माह के कृष्‍ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के राजा कंस के कारागार में हुआ था। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार 18 अगस्त 2022 गुरुवार को उनका 5250वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा। आओ जानते हैं उनके जन्म के समय घटी 10 ऐसी ...
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Benefits of worshiping laddu gopal: कृष्‍ण जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्‍ण के बाल रूप की पूजा होती है। बाल रूप को कन्हा, कन्हैया, बालकृष्ण, बालमुकुंद, गोपाल कृष्ण, लड्डू गोपाल आदि नामों से जाना जाता है। लड्डू गोपाल के एक हाथ में लड्डू रहता है इसलिए ...
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भाद्रपद के कृष्‍ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 18 अगस्त 2022 रात्रि 9 बजकर 20 मिनट से अष्टमी प्रारंभ होगी जो 19 अगस्त को रात्रि 10:59 तक रहेगी। श्रीकृष्‍ण का जन्म रात्रि को 12 बजे हुआ हुआ तो इस मास ...
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Krishna Janmashtami bhoga: भादो माह के कृष्‍ण पक्ष की अष्टमी के दिन श्रीकृष्ण जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है, जिसे जन्माष्टमी कहते हैं। इस बार 5250वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन कृष्‍ण मंदिरों में उनके प्रिय भोजन और प्रसाद का उन्हें नैवेद्य ...
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बलराम का बलदाऊ और बलभद्र भी कहा जाता है, लेकिन उनका एक नाम संकर्षण भी है। आओ जानते हैं कि आखिर उनका श्रीकृष्‍ण के साथ क्या था रिश्ता और क्यों कहते हैं उन्हें संकर्षण।
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Story of Krishna Janmashtami : कहते हैं कि मथुरा में श्रीकृष्‍ण जन्मभूमि पर एक विशालकाय मंदिर बना था। इस भव्य मंदिर को कई बार तोड़ा गया और अंत में यहां पर एक ईदागाह बना दी गई। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में हुआ था। आओ जानते हैं मथुरा ...
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14 दिसंबर से गीता जयंती पाक्षिक समारोह प्रारंभ हो चुका है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को गीता जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस एकादशी को मोक्षदा एकादशी भी कहते हैं। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्ध में कुंती पुत्र अर्जुन को ...
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भगवान श्री कृष्‍ण को सांवलिया या सांवरिया सेठ भी कहा जाता है। राजस्थान में सांवलिया सेठ का विश्व प्रसिद्ध मंदिर है जहां प्रतिदिन हजारों लोग दर्शन करने आते हैं। आओ जानते हैं कि क्या है सांवलिया सेठ कहे जाने का इतिहास या पौराणिक कथा।
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भगवान श्रीकृष्ण को मोर मुकुट धारी कहा जाता है क्योंकि वे अपने मुकुट पर मोर पंख धारण करते थे। मोरपंख धारण करने के पांच कारण बताए जाते हैं, लेकिन हमें तो मात्र एक कारण ही समझ में आता है। आओ जानते हैं मोर पंख धारण करने की कथा।
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