जुलाई में घूमने जा रहे हैं तो डेस्टिनेशन लिस्ट में केरल का अल्लेप्पी भी शामिल करें

: भारत की दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर अरब सागर और सह्याद्रि पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य स्थित भारत का सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक स्थलों वाला राज्य है। इसकी राजधानी तिरुवनन्तपुरम (त्रिवेन्द्रम) है। यहां के जंगल, हिल स्टेशन और समुद्री तट की प्राकृति छटा देखते ही बनती है। जलाई माह में यहां घूमने यदि जा रहे हैं तो अल्लेपी को भी जरूर शामिल करें। केरल में इस माह वही लोग घूमने जाते हैं जिन्हें बारिश और प्रकृति से प्यार है।

अल्लेप्पी : यह केरल के टॉप पर्यटन स्थल में से एक है। इसे अलाप्पुझा या आलप्पुषा भी कहते हैं। इसे पूर्व का वैनिस भी कहा जाता है। इसकी असीम सुंदरता, बैकवॉटर यात्रा हर साल यात्रियों को बड़ी संख्या में आकर्षित करती है। नारियल के पेड़ों से होकर गुजरती नौकाएं आपका मन मोह लेंगी।

हरियाली और नौका दौड़ : यहां पर आप अल्लेप्पी की यात्रा में हरेभरे धान के खेतों जहां आपको आकर्षित करेंगे वहीं एविफुना और केरल की लोकपरंपरा भी आपका मन मोह लेंगी। अगस्त और सितंबर के महीनों के दौरान होने वाली पारंपरिक नाव दौड़ यहां का प्रमुख आकर्षण हैं।

समुद्री तट : यहां का समुद्री तट भी बहुत सुंदर और मन को मोह लेने वाला है। यहां आप मुख्‍य शहर से 11 किलोमीटर दूर मारारी बीच और थम्पोली बीच पर जाकर पानी साफ में तैरने, सूर्यास्त देखने और रियाली के लुभावने दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। यहां पर हॉलिडे रिसॉर्ट्स और होमस्टे आवास में रुका जा सकता है। मुख्य अल्लेपी में भी बीच है जिसे अल्लेप्पी बीच कहा जाता है। थोटापल्ली बीच, पुननप्रा बीच भी बहुत सुंदर है।

पूजा स्थल : यहां पर अम्बालाप्पुझा श्री कृष्ण मंदिर बहुत लोकप्रिय है। केरल शैली के स्थापत्य पैटर्न में र्निमित को 'दक्षिण का द्वारका' कहा जाता है। इसके साथ ही मन्नारसाला श्री नागराजा मंदिर भी देखें। इसके अलावा यहां पर चंपाकुलम कल्लोरकाडु मार्थ मरियम (सेंट मैरीज) बेसिलिका, जिसे सेंट मैरी फ़ोरेन कैथोलिक चर्च के नाम से जाना जाता है को भी देखना जा सकता है जो 427 ईस्वी में र्निमित हुआ था। इसके अलावा मुल्लाक्कल राजेश्वरी मंदिर, करुमादिक्कुट्टन, एडथुआ चर्च, चेट्टीकुलंगरा देवी मंदिर आदि देख सकते हैं।
: यहां पर सबसे सुंदर और प्रसिद्ध हाउसबोट्स है। धान के खूबसूरत खेत, नारियल के पेड़, घनी हरियाली और प्राकृतिक सुन्दरता को नदी के मार्ग से देखने के लिए हाउसबोट्स का सफर बहुत ही रोमांचभरा होता है।

अल्लेप्पी बैकवाटर्स : झीलों को अलेप्पी बैकवाटर्स के रूप में जाना जाता है। आसपास हरियाली और लंबे लंबे वृक्षों के बीच सुंदर और साफ झीलें प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। आकर्षित दृश्यों, खारे लैगून और झीलों की भूलभुलैया की वजह से अल्लेप्पी को पूर्व का वेनिस भी कहा जाता हैं। वेम्बनाड झील या पुन्नमदा झील का आनंद लें।
: कुमारकोम पक्षी अभ्यारण पर्यटकों की पहली पसंद है जिसे विंबानड पक्षी विहार भी कहते हैं। हजारों पक्षियों को एकसाथ झीलों के उपर उड़ते हुए देखना अद्भुत है। कव्नर नदीके दक्षिणी छोर पर स्थित यह अभ्यारण लगभग 14 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है।

: इस जगह पर केरल का प्रसिद्ध स्पा और मसाज सेंटर भी है जहां पर आयुर्वेदिक और प्राकृतिक तरीके से यह कार्य किया जाता है।

अन्य स्थान : कुट्टनाड, रेस नेहरू ट्रॉफी स्नेक बोट रेस, वेम्बनाड झील, पुन्नमदा झील, रेवी करुणाकरण संग्रहालय, पाथिरमानल द्वीप, पल्लिपुरम गाँव आदि को देख सकते हैं। अल्लेप्पी में घूमने के लिए अक्टूबर से फरवरी माह के बीच के समय को सबसे अच्छा माना जाता है। लेकिन मानसून के शौकिन लोग यहां जुलाई और अगस्त में आते हैं।
कैसे पहुंचे : अल्लेप्पी का सबसे निकटतम हवाई अड्डा कोच्चि में है। कोच्चि से 82 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है अल्लेपी। यहां पर ट्रेन या बस से जाया जा सकता है। और कोच्ची जैसे शहरो से बसे नियमित रूप से चलती हैं।



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