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महाकाल की नगरी का उज्जैन नाम कैसे पड़ा, जानिए अवंतिका नाम की रोचक जानकारी

रविवार,जुलाई 3, 2022
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Puja ghar vastu : घर का पूजाघर या मंदिर बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इसमें नियम अनुसार ही मूर्तियां, पूजा सामग्री या अन्य वस्तुएं रखना चाहिए। घर के मंदिर या पूजाघर में से तुरंत हटाएं ये 5 वस्तुएं और रखें 7 पवित्र वस्तुएं।
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Tulsi and Gangajal : हिन्दू धर्म में गंगाजल और तुलसी का मिलन बहुत ही पवित्र माना जाता है। गंगा जहां शिव से संबंध रखती है वहीं तुलसी श्रीहिर विष्णु से। दुनिया के सभी जलों में सबसे पवित्र जल गंगा के जल को माना जाता है और तुसली को सबसे पवित्र पौधा माना ...
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Bhojan ke niyam: भोजन करने को लेकर हिन्दू शास्त्रों और आयुर्वेद में कुछ नियम और सेहत से जुड़ी जरूरी बातों को बताया गया है। प्राचीनकाल से ही इन बातों का सभी पालन करते आएं हैं परंतु आधुनिककाल में यह सबकुछ छूट गया है। अब लोग पाश्चात्य भोजन स्टाइल को ...
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20 traditions of 18 Puranas, your life will change: पुराण का शाब्दिक अर्थ है- प्राचीन आख्यान या पुरानी कथा। पुराणों में दर्ज है प्राचीन भारत का इतिहास। इसमें प्राचीन कथाओं के साथ ही ज्ञान, विज्ञान और धर्म की कई गहन गंभीर बातें भी समाहित हैं। आओ ...
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गरुड़ भगवान विष्णु का वाहन हैं। भगवान गरुड़ को विनायक, गरुत्मत्, तार्क्ष्य, वैनतेय, नागान्तक, विष्णुरथ, खगेश्वर, सुपर्ण और पन्नगाशन नाम से भी जाना जाता है। गरुड़ हिन्दू धर्म के साथ ही बौद्ध धर्म में भी महत्वपूर्ण पक्षी माना गया है। बौद्ध ग्रंथों के ...
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Mandir me ghanti kyu bajate hai scientific reason : घंटे या घंटियां 4 प्रकार की होती हैं:- 1.गरूड़ घंटी, 2.द्वार घंटी, 3.हाथ घंटी और 4.घंटा। मंदिर या घर के पूजाघर में आपने देखा होगा गरुड़ घंटी को, जिसे पूजा या आरती करते वक्त बजाया जाता है। आओ जानते ...
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देशभर में जो ज्योर्तिलिंग है वे सभी स्वंभू है परंतु पत्थर के शिवलिंग के अलावा शिवलिंग कई प्रकार और पदार्थ या धातु से बनाए जाते हैं। शिवपुराण अनुसार भगवान विष्णु ने पूरे जगत के सुख और कामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान विश्वकर्मा को अलग-अलग तरह के ...
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शिवपुराण अनुसार भगवान विष्णु ने पूरे जगत के सुख और कामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान विश्वकर्मा को अलग-अलग तरह के शिवलिंग बनाकर देवताओं को देने की आज्ञा दी। विश्वकर्मा ने अलग-अलग पदार्थो, धातु व रत्नों से शिवलिंग बनाए। जैसे पारद, मिश्री, जौं चावल, ...
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आओ जानते हैं कि गंगाजल की पवित्रता की 10 महत्वपूर्ण बातें।
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हिन्दू धर्म में प्रकृति का बहुत महत्व बताया गया है। हिन्दू धर्म के सभी त्योहार प्रकृति से ही जुड़े हुए हैं। प्रकृति से हमें फल, फूल, सब्जी, कंद-मूल, औषधियां, जड़ी-बूटी, मसाले, अनाज, जल आदि सभी प्राप्त होते ही हैं। इसलिए भी इसका संवरक्षण करना जरूरी ...
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5 June Environment Day : एकेश्वरवादी धर्म के लोगों को लिए यह बात बड़ी अजीब लगती है कि हिन्दू धर्म के लोग वृक्ष की पूजा क्यों करते हैं (Worship of Nature in Hinduism) जबकि वह कोई ईश्‍वर या भगवान नहीं है? दरअसल, हिन्दुइज्म यह मानता है कि इस ब्रह्मांड ...
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हाल ही में मथुरा की एक अदालत ने गुरुवार को वह याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली जिसमें शाही ईदगाह को हटाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि ईदगाह का निर्माण केशवदेव मंदिर की जमीन पर किया गया जो भगवान कृष्ण का ...
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24th May birthday of varanasi : वाराणसी को काशी और बनारस भी कहते हैं। 24 मई को वाराणसी का जन्मदिन मनाया जाता है। आजादी के बाद शहर का एक इतिहास और उसकी बायोग्राफी सहेजने की परंपरा के क्रम में वाराणसी शहर का भी गजेटियर बना और उसे दस्‍तावेजों में दर्ज ...
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History of Qutub Minar Or Surya dhruv stambha : कुतुब मीनार, ध्रुव स्तंभ, विष्णु स्तंभ या सूर्य स्तंभ, क्या कहें? इसी कुतुब मीनार के एक ओर एक मस्जिद बनी हुई है जिसे कुबत−उल−इस्लाम मस्जिद और इसके दूसरी ओर एक लौह स्तंभ लगा हुए है, जिस पर संस्कृत में ...
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प्रत्येक माह में दो चतुर्थी होती है। इस तरह 24 चतुर्थी और प्रत्येक तीन वर्ष बाद अधिमास की मिलाकर 26 चतुर्थी होती है। सभी चतुर्थी की महिमा और महत्व अलग-अलग है। आओ जानते हैं चतुर्थी का व्रत करने के 5 लाभ।
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History of Kashi Vishwanath Temple : ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर एक बार फिर विवाद चल रहा है। पुरातत्व विभाग ने इसका सर्वे कार्य पूरा कर लिया है। आओ जानते हैं कि क्या है ज्ञानवापी मस्जिद के विवाद का इतिहास, शिव मंदिर होने के दावे पर क्या कहते हैं ...
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History of gyanvapi masjid mosque: कहते हैं कि काशी में शिवजी का एक बहुत ही विशालकाय मंदिर था। इसे मध्यकाल में तोड़कर यहां पर एक मस्जिद बना दिए जाने का दावा किया जाता रहा है। आओ जानते हैं काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद का प्राचीन इतिहास।
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वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी चतुर्दशी को भगवान नृसिंह देव का प्रकटोत्सव मनाया जाता है। इस दिन व्रत रखकर उनकी पूजा करने से सभी तरह के संकट समाप्त हो जाते हैं और व्यक्ति सभी तरह के सुख पाता है। आओ जानते हैं श्री हरि विष्णु के इस अवतार की 10 ...
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बलराम का बलदाऊ और बलभद्र भी कहा जाता है, लेकिन उनका एक नाम संकर्षण भी है। आओ जानते हैं कि आखिर उनका श्रीकृष्‍ण के साथ क्या था रिश्ता और क्यों कहते हैं उन्हें संकर्षण।
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