0

गुरु पूर्णिमा : महर्षि वेद व्यास के बारे में 15 रोचक बातें

शुक्रवार,जुलाई 23, 2021
0
1
भारतीय राज्य केरल में शबरीमाला में अयप्पा स्वामी का प्रसिद्ध मंदिर है, जहां विश्‍वभर से लोग अयप्पा स्वामी के दर्शन करने के लिए आते हैं। आओ जानते हैं स्वामी अयप्मा की 20 विशेष बातें।
1
2
महाराष्ट्र की संत परापंरा में तुकाराम को संत शिरोमणि कहा जाता है। संत नामदेव, संत ज्ञानेश्वर, संत एकनाथ, संत सेन महाराज, संत जानाबाई, संत बहिणाबाई आदि नामों के साथ ही संत तुकाराम का नाम भी लिया जाता है। वारंकरी संप्रदाय में कई संत हुए हैं।
2
3
द्वापर के बाद भगवान कृष्ण पुरी में निवास करने लगे और बन गए जग के नाथ अर्थात जगन्नाथ। पुरी का जगन्नाथ धाम चार धामों में से एक है। यहां भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजते हैं। आओ जानते हैं बलभद्र और सुभद्रा के बारे में कुछ
3
4
पुराणों अनुसार ब्रह्मा जी के मानस पुत्र:- मन से मारिचि, नेत्र से अत्रि, मुख से अंगिरस, कान से पुलस्त्य, नाभि से पुलह, हाथ से कृतु, त्वचा से भृगु, प्राण से वशिष्ठ, अंगुष्ठ से दक्ष, छाया से कंदर्भ, गोद से नारद, इच्छा से सनक, सनन्दन, सनातन, सनतकुमार, ...
4
4
5
ऐसा कहा जाता है कि महावतार बाबा ने आदिशंकराचार्य को क्रिया योग की शिक्षा दी थी और बाद में उन्होंने संत कबीर को भी दीक्षा दी थी। इसके बाद प्रसिद्ध संत लाहिड़ी महाशय को उनका शिष्य बताया जाता है। इसका जिक्र लाहिड़ी महाशय के शिष्य स्वामी युत्तेश्वर गिरि ...
5
6
बाबा नीम करोली एक चमत्कारिक बाबा थे। उनके भक्त उन्हें हनुमानजी का अवतार मानते हैं। वे एक सीधे सादे सरल व्यक्ति थे। उनके संबंध में कई तरह के चमत्कारिक किस्से बताए जाते हैं। आओ जानते हैं बाबा नीम करोली जी के संबंध में 10 रोचक बातें।
6
7
भगवान गणेशजी के जन्म स्थान कौनसा है या कहां पर उनकी उत्पत्ति हुई थी। इस संबंध में कई तरह के मत मिलते हैं परंतु हम यहां पर एक ही तरह का मत बता रहे हैं। आओ जानते हैं कि गणेशजी का जन्म कहां पर हुआ था।
7
8
पुराणों अनुसार ब्रह्मा जी के मानस पुत्र:- मन से मारिचि, नेत्र से अत्रि, मुख से अंगिरस, कान से पुलस्त्य, नाभि से पुलह, हाथ से कृतु, त्वचा से भृगु, प्राण से वशिष्ठ, अंगुष्ठ से दक्ष, छाया से कंदर्भ, गोद से नारद, इच्छा से सनक, सनन्दन, सनातन, सनतकुमार, ...
8
8
9
प्रतिवर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन संत कबीर की जयंती मनाई जाती है। अंग्रेजी माह के अनुसार इस बार 24 जून 2021 गुरुवार को कबीरदास जयंती मनाई जाएगी। आओ जानते हैं संत कबीरदासजी के बारे में 10 अनसुनी बातें।
9
10
सभी ने कपिल मुनि का नाम सुना होगा। श्रीमद्भगवत के अनुसार इन्हें विष्णु के 24 अवतारों में से एक पांचवां अवतार माना जाता है। इनको अग्नि का अवतार और ब्रह्मा का मानस पुत्र भी कहा गया है। आओ जानते हैं कपितल मुनि के बारे में 10 खास बातें।
10
11
पुराणों अनुसार ब्रह्मा जी के मानस पुत्र:- मन से मारिचि, नेत्र से अत्रि, मुख से अंगिरस, कान से पुलस्त्य, नाभि से पुलह, हाथ से कृतु, त्वचा से भृगु, प्राण से वशिष्ठ, अंगुष्ठ से दक्ष, छाया से कंदर्भ, गोद से नारद, इच्छा से सनक, सनन्दन, सनातन, सनतकुमार, ...
11
12
पुराणों अनुसार ब्रह्मा जी के मानस पुत्र:- मन से मारिचि, नेत्र से अत्रि, मुख से अंगिरस, कान से पुलस्त्य, नाभि से पुलह, हाथ से कृतु, त्वचा से भृगु, प्राण से वशिष्ठ, अंगुष्ठ से दक्ष, छाया से कंदर्भ, गोद से नारद, इच्छा से सनक, सनन्दन, सनातन, सनतकुमार, ...
12
13
पुराणों अनुसार ब्रह्मा जी के मानस पुत्र:- मन से मारिचि, नेत्र से अत्रि, मुख से अंगिरस, कान से पुलस्त्य, नाभि से पुलह, हाथ से कृतु, त्वचा से भृगु, प्राण से वशिष्ठ, अंगुषठ से दक्ष, छाया से कंदर्भ, गोद से नारद, इच्छा से सनक, सनन्दन, सनातन, सनतकुमार, ...
13
14
हिन्दू माह के अनुसार नारद जयंती हर वर्ष ज्येष्ठ माह के कृष्‍ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है। अंग्रेजी माह के अनुसार इस पर 27 मई 2021 गुरुवार को यह जयंती मनाई जाएगी। आओ जानते हैं कि नारदजी का जन्म कैसे हुआ था।
14
15
योगी नरहरिनाथजी के अनुसार, महायोगी गोरक्षनाथ का जन्म वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि और वार मंगलवार को हुआ था। अंग्रेजी माह के अनुसार इस बार यह जयंती 26 मई 2021 बुधवार को मनाई जाएगी। शैव संप्रदाय के अंतर्गत ही शाक्त, नाथ और संत संप्रदाय आते हैं। उन्हीं ...
15
16
पुराण अनुसार मुख्यत: पितरों को दो श्रेणियों में रखा जा सकता है- दिव्य पितर और मनुष्य पितर। दिव्य पितर उस जमात का नाम है, जो जीवधारियों के कर्मों को देखकर मृत्यु के बाद उसे क्या गति दी जाए, इसका निर्णय करता है। इस जमात का प्रधान यमराज है। यमराज की ...
16
17
भगवान चित्रगुप्त को भगवान यमराज के साथ बताया जाता है। भगवान चित्रगुप्त की कार्तिक शुक्ल द्वितीया अर्थात भाईदूज के दिन पूजा करते हैं। भाईदूज के दिन कलम, स्याही, पुस्तक, बहिखाता आदि की पूजा करते हैं। वैशाख शुक्ल षष्ठी को उनका प्रकटोत्सव मनाया जाता है। ...
17
18
आदि शंकराचार्यजी और गुरु गोरखनाथजी ने हिन्दू सनातन धर्म को फिर से सुगठित किया था। आदि शंकराचार्यजी ने बहुत कम उम्र में ही बहुत बड़ा कार्य किया था। उनके बारे में कुछ लोगों ने बहुत ज्यादा भ्रम फैला रखा है और कई लोग उनके बारे में कम ही जानते हैं। आओ ...
18
19
प्रजापति कश्यप की पत्नी विनता के दो पुत्र हुए- गरूड़ और अरुण। गरूड़जी विष्णु की शरण में चले गए और अरुणजी सूर्य के सारथी हुए। सम्पाती और जटायु इन्हीं अरुण के पुत्र थे। आओ जानते हैं संपाती के बारे में पौराणिक तथ्‍य।
19