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6 जुलाई को वैवस्वत सप्तमी, पढ़ें सूर्यपुत्र वैवस्वत मनु की पौराणिक कथा

मंगलवार,जुलाई 5, 2022
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माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा, गंगा में डुबकी लगाने से क्या सच में धुलते हैं पाप? गंगा स्नान से पापों का नाश होना बतलाया गया है, परंतु नित्य गंगा स्नान करने वाले लोग भी पाप में प्रवृत्त होते देखे जाते हैं।
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Gupta Navaratri ki katha 30 जून से आषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्रि आरंभ हो गई है। गुप्त नवरात्रि से जुड़ी पौराणिक कथा के अनुसार एक समय ऋषि श्रृंगी भक्तजनों को दर्शन दे रहे थे। अचानक भीड़ से एक स्त्री निकलकर आई और करबद्ध होकर ऋषि श्रृंगी से बोली कि ...
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Jagannath puri rath yatra : 1 जुलाई 202 शुक्रवार से ओड़ीसा के समुद्री तट पर बसे पुरी शहर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा कई रस्मों के साथ करीब 9 दिनों तक जारी रहती है। आओ जानते हैं कि आखिर इसके पिछे का क्या है पौराणिक कारण या ...
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भगवान शिव और पार्वती के पुत्र कार्तिकेय को स्कंद भी कहा जाता है। उन्हें दक्षिण भारत में सुब्रमण्यम और मुरुगन कहते हैं। दक्षिण भारत में उनकी पूजा का अधिक प्रचलन है। कार्तिकेय का वाहन मोर है। एक कथा के अनुसार कार्तिकेय को यह वाहन भगवान विष्णु ने उनकी ...
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श्री शनिदेव की लोहा एवं पत्थरयुक्त दिखाई देने वाली, काले वर्ण वाली 5 फुट 9 इंच लंबी तथा 1 फुट 6 इंच चौड़ी मूर्ति जो आंगन में धूप, ठंडक तथा बरसात में रात-दिन खुले आकाश के नीचे है। इसके संदर्भ में स्थानीय बुजुर्गों से सुनने में मिला है कि लगभग 350 ...
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Ashadh Maas 2022 इस वर्ष 17 जून 2022, शुक्रवार के दिन आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi) पड़ रही है। आषाढ़ मास की चतुर्थी व्रत की कथा-
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भले ही फादर्स डे (Fathers Day) वर्तमान में अस्तित्व में आया हो, लेकिन हमारे शास्त्रों में पिता और संतान का संबंध और उसके विभिन्न स्वरूपों का वर्णन सदियों से निहित है। यहां आपके लिए प्रस्तुत है कुछ पौराणिक पिता-पुत्र से संबंधित कहानियां...
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कबीर (saint, kabir) भारत के विनम्र संत हैं। उन्हें गुरुओं के गुरु भी कहा जाता है। उनमें पुरुषार्थ, विनय, विवेक, साधना, फक्कड़पन, समन्वय आदि कई विलक्षण विशेषताएं थीं। वे सर्वधर्म सद्भाव के प्रतीक थे। उन्होंने साम्प्रदायिक सद्भावना और सौहार्द को बल ...
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प्रचलित वट सावित्री व्रत कथा (Vat Savitri Vrat 2022 Katha) के अनुसार सावित्री के पति अल्पायु थे, उसी समय देव ऋषि नारद आए और सावित्री से कहने लगे की तुम्हारा पति अल्पायु है।
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गरुड़ भगवान विष्णु का वाहन हैं। भगवान गरुड़ को विनायक, गरुत्मत्, तार्क्ष्य, वैनतेय, नागान्तक, विष्णुरथ, खगेश्वर, सुपर्ण और पन्नगाशन नाम से भी जाना जाता है। गरुड़ हिन्दू धर्म के साथ ही बौद्ध धर्म में भी महत्वपूर्ण पक्षी माना गया है। बौद्ध ग्रंथों के ...
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Pradosh Vrat Katha : प्रतिमाह त्रयोदशी के दिन प्रदोष का व्रत रखा जाता है। ज्येष्ठ माह की त्रयोदशी यानी 12 जून 2022 रविवार को शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत रखा जाएगा। ज्येष्ठ माह की त्रयोदशी के प्रदोष को पचमढ़ी में बड़ा महादेव पूजन दिवस मनाया जाता है। आओ ...
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रविवार के दिन यह व्रत आने के कारण इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाता है। प्रदोष व्रत हर महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है।
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भीमसेन! यदि तुम नरक को बुरा और स्वर्ग को अच्छा समझते हो तो प्रति मास की दोनों एकादशियों को अन्न मत खाया करो। भीम कहने लगे कि हे पितामह! मैं तो पहले ही कह चुका हूं कि मैं भूख सहन नहीं कर सकता। यदि वर्षभर में कोई एक ही व्रत हो तो वह मैं रख सकता हूं, ...
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संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत करने से घर-परिवार में आ रही विपदा दूर होती है, कई दिनों से रुके मांगलिक कार्य संपन्न होते है तथा भगवान श्री गणेश असीम सुखों की प्राप्ति कराते हैं।
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17 मई 2022 को नारद जयंती है। हिन्‍दू मान्‍यताओं के अनुसार नारद मुनि का जन्‍म सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी की गोद से हुआ था। ब्रह्मवैवर्तपुराण के मतानुसार ये ब्रह्मा के कंठ से उत्पन्न हुए थे। जोभी हो नारद को ब्रह्मा के मानस पुत्रों में से एक माना गया ...
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हिरण्यकश्यप ने प्रभु भक्तों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया, लेकिन भक्त प्रहलाद के जन्म के बाद हिरण्यकश्यप उसकी भक्ति से भयभीत हो जाता है, उसे मृत्युलोक पहुंचाने के लिए प्रयास करता है।
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पौराणिक ग्रंथों में देवी यशोदा (Yashoda) को नंद की पत्नी कहा गया है। भागवत पुराण में यह कहा गया है देवकी के पुत्र भगवान श्री कृष्ण का जन्म देवकी के गर्भ से मथुरा के राजा कंस के कारागार में हुआ।
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वर्ष 2022 में 9 मई, दिन सोमवार को मां बगलामुखी जयंती मनाई जा रही है। यहां पढ़ें पौराणिक और प्रामाणिक कथा एवं माहात्म्य-
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Ganga Saptami Janhvi Katha धार्मिक शास्त्रों के अनुसार गंगा सप्‍तमी के विषय में एक प्रचलित कथा है। इसके अनुसार एक बार गंगा जी तीव्र गति से बह रही थी। Ganga Saptami Story
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