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Gaj Lakshmi Vrat Katha : क्यों मनाया जाता है महालक्ष्मी व्रत, 1 लोककथा और 2 पौराणिक कथा से जानिए राज

सोमवार,सितम्बर 27, 2021
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हिन्दू धर्म में त्रिदेवियों में से एक है माता लक्ष्मी। दीपावली के दिन इनकी विशेष पूजा होती है साथ ही विशेष अवसरों पर महालक्ष्मी की घर में स्थापना करके उनकी पूजा की जाती है। खासकर महाराष्ट्र में महालक्ष्‍मी की पूजा का प्रचलन है। हम अक्सर 2 नाम सुनते ...
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भगवान श्रीकृष्ण हम सबको प्रिय हैं,आइए जानते हैं उन पर किसने क्या रचा है।
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कहते हैं कि यदि कर्ज नहीं उतर पा रहा है तो बारिश का पानी एक बाल्टी में एकत्रित कर लें और उसमें दूध डालकर भगवान स्मरण करके पूरे माह में इसी तरह स्नान कर लें। ऐसा करने से धीरे-धीरे आपका कर्ज उतरने लगेगा।
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पौराणिक गाथाओं के अनुसार भगीरथी नदी गंगा की उस शाखा को कहते हैं, जो गढ़वाल (उत्तरप्रदेश) में गंगोत्री से निकलकर देवप्रयाग में अलकनंदा में मिल जाती है व गंगा का नाम प्राप्त करती है।
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आओ जानते हैं कि गंगाजल की पवित्रता की 10 महत्वपूर्ण बातें।
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अगर घर में चींटियां निकल रही हैं तो यह आपके जीवन में होने वाली किसी बात को लेकर संकेत है।
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हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्राद्ध पक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक कुल 16 दिनों तक चलता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 20 सितंबर 2021, सोमवार (Pitru Paksha 2021 Start Date) को आरंभ होंगे जिसका समापन 6 अक्टूबर 2021, बुधवार को ...
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यदि घर में दिन-प्रतिदिन कलह बढ़ रहा हो। हर काम में बाधा आ रही हो। तो निश्चय ही जानना चाहिए कि घर अशुद्ध है। इन समस्याओं का निपटारा हो सकता है। प्रस्तुत है घर को पवित्र और शुद्ध रखने का यह पौराणिक उपाय ....
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ना बीबी न भैया “सबसे बड़ा रुपइया” सभी ने सुना होगा। यह पैसा जो सिक्के में या नोटों में भले ही अलग-अलग आकार, रंग-रूप, वजन लिए हुए हो पर जिसकी जेब में ये बसते हैं वो ही इस दुनिया में सबसे रुतबेदार है। इसी के आस-पास सारी दुनिया घूमती है। फिर भी पैसा ...
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केदारनाथ। उत्तराखंड के केदारनाथ वन प्रभाग क्षेत्र में स्थित वासुकीताल कुंड ( Neelkamal in Vasuki Tal Kedarnath Uttarakhand Miracle ) से लेकर करीब 3 किमी क्षेत्र में कई सालों बाद नीलकमल के फूल खिले हैं। इस फूल का खिलना एक चमत्कार ही है क्योंकि यह अति ...
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शुक्रवार को माता लक्ष्मी, माता कालिका और शुक्राचार्य का वार माना जाता है। शुक्रवार का ग्रह है शुक्र ग्रह। शुक्रवार का व्रत रखने और माता लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक संकट दूर होकर धन समृद्धि और ऐश्वर्य बढ़ता है। आओ जानते हैं कि शुक्रवार को माता ...
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जो स्त्री-पुरुष शुक्रवार को संतोषी माता का व्रत करते हैं, उनके लिए व्रत-विधि इस प्रकार है
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समाधि एक बहुत ही पवित्र और अध्यात्मिक शब्द है। इसका संबंध किसी मरने वाले से नहीं है बल्कि मोक्ष, कैवल्य, स्थितप्रज्ञ, निर्वाण प्राप्त व्यक्ति से है। शिवजी हमेशा समाधि में लीन रहते है। अत: इस शब्द का संबंध किसी मरने वाले के क्रिया कर्म के तरीके से ...
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हिन्दू संतों के 13 अखाड़े हैं। शिव संन्यासी संप्रदाय के 7 अखाड़े, बैरागी वैष्णव संप्रदाय के 3 अखाड़े और उदासीन संप्रदाय के 3 अखाड़े हैं। इन्हीं में नाथ, दशनामी आदि होते हैं। आओ जानते हैं कि संत अपने नाम के आगे गिरि, पुरी, आचार्य, दास, नाथ आदि उपनाम ...
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सिंहस्थ, कुंभ या अर्धकुंभ में अखाड़ों का विशेष महत्व होता है। शैव, वैष्णव और उदासीन पंथ के संन्यासियों के मान्यता प्राप्त कुल 13 अखाड़े हैं। पहले आश्रमों के अखाड़ों को बेड़ा अर्थात साधुओं का जत्था कहा जाता था। पहले अखाड़ा शब्द का चलन नहीं था। साधुओं ...
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श्राद्ध पक्ष में आप चाहे तो संपूर्ण गीता का पाठ करें नहीं तो पितरों की शांति के लिए और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए और उन्हें मुक्ति प्रदान का मार्ग दिखाने के लिए गीता के 2रे और 7वें अध्याय का पाठ जरूर करें। यहां प्रस्तुत है गीता के 7वां
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शांतिकुंज गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का जन्म तिथिनुसार आश्विन मास में उत्तरप्रदेश के आगरा जनपद के आंवलखेड़ा गांव में हुआ था।
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हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्राद्ध पक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक कुल 16 दिनों तक चलता है। इस बार पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2021 Start Date) 20 सितंबर 2021, सोमवार को भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि ...
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हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्राद्ध पक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक कुल 16 दिनों तक चलता है। इस बार पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2021 Start Date) 20 सितंबर 2021, सोमवार को भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि ...
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