शिव पूजा के लिए देवता, दानव और मानव के लिए अलग-अलग हैं शिवलिंग, मानव को किसकी करना चाहिए पूजा?

shivling
shivling
पुनः संशोधित बुधवार, 27 अप्रैल 2022 (17:45 IST)
हमें फॉलो करें
Types of Shivling: शिवजी सभी के आराध्य देव हैं इसीलिए शास्त्रों में देवता, दानव, असुर या मानवों के लिए अलग अलग की पूजा का विधान बताया गया है। शिवलिंग को परमब्रह्मा या शिवजी का निराकार रूप का प्रतीक माना जाता है। शिवपुराण अनुसार भगवान विष्णु ने पूरे जगत के सुख और कामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान विश्वकर्मा को अलग-अलग तरह के शिवलिंग बनाकर देवताओं को देने की आज्ञा दी। विश्वकर्मा ने अलग-अलग पदार्थो, धातु व रत्नों से शिवलिंग बनए। आओ जानते हैं उन्हीं के बारे में।

1. देवलिंग:- जिस शिवलिंग को देवताओं या अन्य प्राणियों द्वारा स्थापित किया गया हो, उसे देवलिंग कहते हैं। वर्तमान समय में धरती पर मूल पारंपरिक रूप से यह देवताओं के लिए पूजित है।

2. असुरलिंग:- असुरों द्वारा जिसकी पूजा की जाए वह असुरलिंग। रावण ने एक शिवलिंग स्थापित किया था, जो असुरलिंग था। देवताओं से द्वैष रखने वाले रावण की तरह के असुर या दैत्य परम भक्त रहे हैं।

3. अर्शलिंग:- प्राचीन काल में अगस्त्य मुनि जैसे संतों द्वारा स्थापित इस तरह के शिवलिंग की पूजा की जाती थी।

4. पुराणलिंग:- पौराणिक काल के व्यक्तियों द्वारा स्थापित शिवलिंग को पुराण शिवलिंग कहा गया है। इस पुराणलिंग की पूजा पुराणिकों द्वारा की जाती है।
5. मनुष्यलिंग :- प्राचीनकाल या मध्यकाल में ऐतिहासिक महापुरुषों, अमीरों, राजा-महाराजाओं द्वारा स्थापित किए गए लिंग को मनुष्य शिवलिंग कहा गया है।

6. स्वयंभूलिंग:- भगवान शिव किसी कारणवश स्वयं शिवलिंग के रूप में प्रकट होते हैं। इस तरह के शिवलिंग को स्वयंभू शिवलिंग कहते हैं। भारत में स्वयंभू शिवलिंग कई जगहों पर हैं। वरदान स्वरूप जहां शिव स्वयं प्रकट हुए थे।
bairath nagar shivling
देवी और देवताओं के Types of of Gods and Goddesses :
1.यक्ष- दही
2.योगी- भस्म
3.नाग- मूंगा
4.देवी- मक्खन
4.इन्द्र- पद्मराग
5.धर्म- पुखराज
6.विश्वेदेव- चांदी
7.वसुगण- पीतल
8.सोम- मोती
9.अग्रिदेव- हीरे
10.ब्राह्मण- मिट्टी
11.विष्णु- इन्द्रनील
12.ब्रह्मपत्नी- रत्न
13.लक्ष्मी- स्फटिक
14.मयासुर- चन्दन
15.मणि कुबेर- सोना
16.आदित्यगण- तांबे
17.ब्रह्मा- चमकीला सोने
18.वरुण- श्याम या काले रंग
19.बाणासुर- पारद या पार्थिव
20.अश्विनी कुमार- पार्थिव लिंग
Parad Shivling
शिवलिंग के वे प्रकार जो विशेष मनोकामना हेतु पूजे जाते हैं- Those which are worshiped for special wishes::
1. पारद शिवलिंग:- पारद शिवलिंग अक्सर घर, ऑफिस, दूकान आदि जगहों रखा जाता है। इस शिवलिंग की पूजा अर्चना करने से जीवन में सुखशांति और सौभाग्य प्राप्त होता हैं।

2. मिश्री शिवलिंग:- यह शिवलिंग चीनी या मिश्री से बना होता हैं। कहते हैं कि इस की पूजा करने से रोगों का नाश होकर पीड़ा से मुक्ति मिलती हैं।

3. जौं और चावल से बने शिवलिंग:- पारिवारिक समृद्धि के लिए इसका पूजना होता हैं। जो दम्पति संतानसुख से वंचित हैं उन्हें संतान सुख की प्राप्ति होती हैं।
4. भस्म शिवलिंग:- यज्ञ की भस्म से बनाए गए इस शिवलिंग से सिद्धियों की होती है। इसकी पूजा अक्सर अघोरी सम्प्रदाय के लोग करते हैं।

5. गुड़ शिवलिंग:- गुड़ और अन्न से मिल कर बने इस शिवलिंग की पूजा करने से कृषि और अन्न उत्पादन में वृद्धि होती हैं।

6. फल-फूल के शिवलिंग:- फूल से बने शिवलिंग की पूजा करने से भूमि-भवन से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिलता हैं। वहीं, फल से बने शिवलिंग की पूजा करने से घर में अन्न-जल आदि में बरकत बनी रहती।
7. स्वर्ण-रजत से बने शिवलिंग:- सोने और चांदी के धातु से बने शिवलिंग से सुख-समृद्धि तथा धन वैभव की प्राप्ति होती हैं।

8. बिबर मिटटी के शिवलिंग:- बिबर की मिटटी से बने शिवलिंग की पूजा करने से विषैले प्राणी जैसे सर्प-बिच्छू आदि के भय से मुक्ति मिलती हैं।

9. दही से बने शिवलिंग:- दही को कपड़े में बांध कर बनाया गया शिवलिंग सुख, समृद्धि और धन संपत्ति की प्राप्ति के लिए होता हैं।
10. लहसुनिया शिवलिंग:- लहसुनिया से बने शिवलिंग की पूजा से हमें हमारे शत्रु पर विजय प्राप्ति की समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं।



और भी पढ़ें :