आषाढ़ी पूर्णिमा कब है, क्या करते हैं इस दिन, 10 खास बातें

Purnima 2022 
 
इस वर्ष आषाढ़ी पूर्णिमा (Ashadhi Purnima 2022) 13 जुलाई 2022, बुधवार के दिन मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार आषाढ़ मास की पूर्णिमा को आषाढ़ी पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा कहा जाता है।

आइए जानते हैं इस दिन की 10 खास बातें...

1. आषाढ़ी पूर्णिमा के दिन प्रात: स्नान करने के बाद घर के मंदिर में विधिवत पूजा करें और रोली घोलकर अपने पूजा घर के बाईं और दाईं दोनों तरफ स्वस्तिक का चिह्न बनाकर मंदिर के आगे एक दीपक जलाएं। ऐसा करने से सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

2. दाम्पत्य जीवन में सफलता के लिए पति या पत्नी में से कोई एक चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित करें।

3. यदि आर्थिक संकट से परेशान हैं तो पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के समय चंद्रमा को कच्चे दूध में चीनी और चावल मिलाकर 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: चन्द्रमासे नम:' या 'ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:.' मंत्र का जप करते हुए अर्घ्य दें।

4. धन-संपदा में बढ़ोतरी हेतु स्नानादि से निवृत्त होने के बाद भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करें। पूजा के दौरान विष्णु गायत्री मंत्र- 'ॐ नारायणाय विद्महे, वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णु प्रचोदयात्'। का जाप करके चंद्रोदय के समय चंद्रदेव को अर्घ्य दें।

5. इस दिन माता लक्ष्मी के चित्र पर 11 पीली कौड़ियां चढ़ाकर उन पर हल्दी से तिलक करें। दूसरे दिन सुबह इन कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख लें। इससे घर में धन की कोई भी कमी नहीं रहेगी।

6. आकाश की ओर मुंह करके अच्युत अनंत गोविंद नाम का 108 बार उच्चारण करें। इसके बाद आटे की पंजीरी में केले के टुकड़े मिलाकर भोग लगाकर प्रसाद बांटें। सेहत संबंधी समस्या का समाधान होगा।


7. पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी के मंदिर में जाकर उन्हें इत्र और सुगंधित अगरबत्ती अर्पित करें। इससे धन, सुख समृद्धि और ऐश्वर्य बना रहेगा।

8. किसी कार्य को जल्दी करना चाहते हैं तो लक्ष्मी-नारायण के मंदिर जाकर पहले दोनों का विधिवत पूजा करें। फिर नारियल के गोले के टुकड़े और मिश्री का प्रसाद अर्पित करना चाहिए और कार्य के जल्दी पूरा होने की प्रार्थना करें। आपका काम जल्दी ही पूरा होगा।

9. व्यापार में तरक्की चाहते हैं या चाहते हैं कि साझेदार आपकी बात मानें तो श्री नारायण के मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। मंत्र- 'ॐ नमो भगवते नारायणाय।'

10. मान्यता अनुसार हर पूर्णिमा के दिन पीपल में मां लक्ष्मी का वास होता है। अत: प्रात:काल पवित्र होकर पीपल में मीठा दूध चढ़ाने से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद और धन-ऐश्वर्य का वरदान मिलता है।






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