श्रीकृष्ण की गीता के अलावा महाभारत में हैं ये 6 और गीता

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ये भी है महाभारत में : महाभारत के शांतिपर्व में विष्णु के 1000 नामों की महिमा का वर्णन विस्तार से मिलता है, तो अरण्यकपर्व में नल-दमयंती की प्रेमकथा, ऋष्य ऋंग की प्रेम कथा, राम-रामायण का संक्षिप्त वर्णन मिलता है वहीं हरिवंशपर्व श्रीकृष्णी की असली कहानी का वर्णन मिलता है। शांतिपर्व में ही ब्रह्माजी के नीतिशास्त्र और राजा पृथु का वर्णन ‍भी मिलता है।
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इसके अलावा महाभारत में सैंकड़ों दृष्टांत और प्रेरक कहानियां है जो भीष्म ने युधिष्टिर को बताई, शल्य ने कर्ण को बताई, अप्सरा ने अर्जुन को बताई, व्यासजी ने शुकदेव को बताई, द्रोण ने अपने शिष्यों को बाताई आदि।
 
इसके अलावा  द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, शल्य, वेदव्यास, पराशर, कर्ण, अश्वत्थामा, धृतराष्ट्र, शकुनी आदि कई महान लोगों के वचन पढ़कर हमें प्रेरणा मिलती है। सभी के नाम से अलग अलग नीतियां प्रचलित हैं।
 
इसके अलावा महाभारत में चौपड़, गेंद, चक्र, धनुष, बाण, तंत्र, मंत्र, यंत्र, यान, रथ, रस्सी, भाला, अखाड़ा, घटोत्कच, बर्बरीक, कुरुक्षेत्र, मायालोक, इंद्रप्रस्थ, द्वारिका, श्राप, वरदान आदि ऐसी हजारों बातों के रहस्य को उजागर किया गया है। इति।



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