उत्तराखंड बना Corona Vaccine की पहली डोज लगाए जाने वाला राज्य

एन. पांडेय| Last Updated: रविवार, 17 अक्टूबर 2021 (20:16 IST)
देहरादून। राज्य, पूर्ण रूप से पात्र लाभार्थियों को कोरोनावायरस (Coronavirus) वैक्सीन की प्रथम डोज लगाए जाने वाला राज्य बन गया है। यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को इसके लिए बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य को आवश्यकतानुसार वैक्सीन की पर्याप्त संख्या में डोज उपलब्ध कराए जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियत समय से पहले ही इस लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। इसमें स्वास्थ्य, पुलिस विभागों सहित अन्य विभागों के कार्मिकों, विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं, मीडिया और सभी प्रदेशवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

मुख्यमंत्री ने पहली डोज लेने वाले लोगों से दूसरी डोज भी समय पर लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैसे ही 18 वर्ष से कम आयु वालों के लिए वैक्सीनेशन की अनुमति मिलेगी, राज्य सरकार इनका वैक्सीनेशन भी जल्द करवाने का प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भारत सरकार के मार्गदर्शन में 16 जनवरी 2021 से सफलतापूर्वक कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। टीकाकरण अभियान को बढ़ावा देने के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 7729466 पात्र लाभार्थियों का कोविड-19 वैक्सीनेशन किया जाना था। जिसमें सबसे पहले हेल्थ केयर वर्कर्स का टीकाकरण प्रारम्भ किया गया जिसके पश्चात फ्रंटलाइन वर्कर्स फिर 60 से अधिक आयु और 45-59 आयु के गम्भीर रोगों से ग्रसित रोगियों का टीकाकरण प्रारम्भ किया गया, जिसके पश्चात 18 वर्ष से अधिक आयु के समस्त लाभार्थियों का टीकाकरण प्रारम्भ किया गया जिसमें गर्भवती महिलाएं एवं दिव्यांग नागरिक भी सम्मिलित हैं।

राज्य में दिनांक 16 अक्टूबर, 2021 तक कुल 99.6 प्रतिशत हेल्थ केयर वर्कर्स, 99.2 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स और 18 वर्ष से अधिक आयु के 96.1 प्रतिशत लाभार्थियों को कोविड-19 वैक्सीनेशन की प्रथम डोज लगाई जा चुकी
है तथा अन्य शेष लाभार्थियों में गर्भवती महिलाएं (जिनको उचित परामर्श प्रदान कर जागरूक किया जा रहा है और उनके द्वारा सहमति व्यक्त करने पर ही उन्हें वैक्सीन लगाई जा रही है) Contraindicated लाभार्थी (अर्थात जिनको कोई गम्भीर बिमारी है या जो रक्त पतला करने की दवा ले रहे है या जिनको Drug से एलर्जी है या पूर्व में किसी भी टीके से कोई प्रतिकूल प्रभाव हुआ है) और ऐसे लाभार्थी है जो वैक्सीन लगवाने के इच्छुक नहीं है। इस प्रकार राज्य में लगभग समस्त इच्छुक लाभार्थियों को वैक्सीन की प्रथम डोज लगाई जा चुकी है।

वैक्सीनेशन के संबंध में प्रत्येक ग्राम सभा और वार्ड मेम्बर से उनके क्षेत्र में समस्त पात्र लाभार्थियों को कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोज लगाए जाने का प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा रहा है। जिसके क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में पूर्ण रूप से पात्र लाभार्थियों को कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोज लगाई जा चुकी है।

वर्तमान में राज्य में द्वितीय डोज, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांग एवं मानसिक रोग से ग्रसित एवं अन्य लाभार्थियों का टीकाकरण यथावत चलता रहेगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, डॉ. धनसिंह रावत, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, अपर सचिव श्रीमती सोनिका, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉक्टर तृप्ति बहुगुणा उपस्थित थे।

जिलाधिकारियों ने सोमवार को स्कूलों में घोषित की छुट्टी : उत्तराखंड में मौसम केंद्र के अलर्ट के बाद अगले 3 दिन तक मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए प्रदेश के जिलों में जिलाधिकारियों ने सोमवार को छुट्टी घोषित कर दी है।देहरादून नैनीताल चंपावत, बागेश्वर, उत्तरकाशी, हरिद्वार,पौड़ी समेत ज्यादातर जिलों में स्कूल सोमवार को बंद रहेंगे।भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून के अनुसार उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा और गरजन के साथ तीव्र बौछार/ आकाशीय बिजली/ ओलावृष्टि तथा झक्कड़ 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने की भी संभावना जताई है। इस अलर्ट के चलते चारधाम यात्रा के मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

केदार यात्रा को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है, बद्रीनाथ पहुंच रहे यात्रियों से भी सुरक्षित स्थानों पर रुकने के लिए कहा गया है।नंदा देवी जैव मंडल ने अलर्ट को देखते हुए नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व, गोपेश्वर के समस्त वन क्षेत्रों में किसी भी ट्रेकिंग/ कैपिंग पर्वतारोहण आदि दल को वन क्षेत्रों प्रवेश हेतु अनुमति दिए जाने पर रोक लगा दी है।

पार्क के निदेशक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यदि वर्तमान में कोई ट्रेकिंग/ कैपिंग पर्वतारोहण दल एवं ट्रेकर आदि वन क्षेत्रों में भ्रमण पर हो तो सम्बन्धित वन क्षेत्र अधिकारियों द्वारा आज शाम तक किसी भी स्थिति में उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जाए, ताकि वन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने से बचा जा सकें।

पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड ने केदारनाथ धाम पहुंचकर केदारनाथ में नियुक्त समस्त पुलिस बल (जिला पुलिस‌, एसडीआरएफ, पीएसी, होमगार्ड, पीआरडी) को ब्रीफ भी किया है।केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ उत्तराखंड पुलिस की थीम मित्रता सेवा सुरक्षा की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश उन्हें दिए।डीजीपी ने एसडीआरएफ प्रभारी और अन्य पुलिस बल को मौसम सम्बन्धी अलर्ट के दृष्टिगत अतिरिक्त सतर्कता बरतने को भी कहा।

दूसरी तरफ बारिश से चट्टानों के खिसकने का भी सिलसिला एक बार फिर दिखने लगा है। रुद्रप्रयाग मुख्यालय के संगम बाजार के समीप पत्थर गिरने से एक तीर्थ यात्री की दर्दनाक हो गई।इस व्यक्ति की पहचान अंकुर अवस्थी पुत्र सुधीर अवस्थी उम्र 27 वर्ष कानपुर के रूप में हुई है। पत्थर गिरने से क्षत-विक्षत हो गए एक व्‍यक्ति के सिर की हालत देख इस भयावह दृश्य को देखकर आने जाने वाले मुसाफिर सहम गए।

पतंजलि पहुंचीं यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल : उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पतंजलि योगपीठ पहुंचने पर स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने राज्यपाल का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर और शॉल ओढ़ाकर किया।रामदेव ने राज्यपाल को पतंजलि अनुसंधान केंद्र ले जाकर, योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में अनुसंधानों के बारे में विस्तृत रूप से समझाया।

अनुसंधान केंद्र में अश्वगंधा पुष्प से प्राकृतिक न्यूट्रिशन बनाने के काम का भी ज़िक्र उन्होंने राज्यपाल से किया। रामदेव ने दावा किया कि आज से पहले किसी भी स्वदेशी संस्था द्वारा नहीं किया गया।आचार्य बालकृष्ण ने राज्यपाल आनंदीबेन को पतंजलि द्वारा निर्मित दुर्लभ जड़ी-बूटियों की नर्सरी का अवलोकन करवाया। बालकृष्ण ने पतंजलि के योग और आयुर्वेद से हो रहे उपचार के बारे में उनको बताया।

बालकृष्ण ने यह भी कहा कि पतंजलि ने कोरोना की दवाई का निर्माण करके देश का मान एवं सम्मान बढ़ाने का कार्य किया। राज्यपाल ने आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र के डॉक्टर अनुराग वाष्णे व उनकी टीम के कार्य की भी सराहना की।



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