राहुल गांधी की वैष्णोदेवी यात्रा पर गर्माई सियासत, BJP ने गंगाजल से किया ट्रैक का 'शुद्धिकरण'

Author सुरेश एस डुग्गर| Last Updated: गुरुवार, 16 सितम्बर 2021 (16:43 IST)
जम्मू। वैष्णोदेवी की यात्रा के इतिहास में पहली बार किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर यात्रा मार्ग पर का छिड़काव कर उसे 'शुद्ध' किया है। इस 'शुद्धिकरण के नाटकीय प्रकरण' के बाद प्रदेश में जबर्दस्त बवाल मचा हुआ है और प्रदेश में दो राजनीतिक दल- कांग्रेस तथा भाजपा आमने-सामने हैं।
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दरअसल, प्रदेश भाजपा के युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं और उनके अध्यक्ष अरुण जम्वाल ने कथित तौर पर सांसद राहुल गांधी के जम्मू से लौटने के बाद बुधवार को वैष्णोदेवी यात्रा मार्ग पर गंगाजल छिड़कर 'शुद्धिकरण' किया था। भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष अरुण जम्वाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस के कार्यकर्ता वैष्णोदेवी की यात्रा के दौरान अपने साथ पार्टी के झंडे लेकर आए और राजनीतिक नारेबाजी भी की।
उन्होंने कहा कि इससे वैष्णोदेवी धाम की पवित्रता का उल्लंघन हुआ है, इसलिए वे यात्रा ट्रैक का 'शुद्धिकरण' कर रहे हैं। अरुण जम्वाल ने एक टीवी चैनल के साथ बात करते हुए कहा कि यह धाम एक पवित्र स्थान है, जहां हर समय केवल मां वैष्णो देवी के जयकारे ही गूंजते हैं। लेकिन, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनके साथ यात्रा में शामिल पार्टी कार्यकर्ताओं ने यहां आकर राजनीति की।


उन्होंने अपनी पार्टी के झंडे लहराए और साथ ही सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी के नाम लेकर नारे लगाए। इतना जरूर था कि युवा मोर्चा द्वारा किए गए इस कार्य के प्रति प्रदेश भाजपा के नेतागण चुप्पी साधे हुए हैं, क्योंकि वैष्णोदेवी यात्रा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी ने किसी नेता की यात्रा के बाद गंगजल का छिड़काव कर यात्रा मार्ग के शुद्धिकरण करने का दावा किया हो।


जानकारी के लिए 9 सितंबर को राहुल गांधी वैष्णोदेवी की यात्रा पर जम्मू के कटरा पहुंचे थे। इस दौरान राहुल गांधी ने धाम की 13 किमी लंबी यात्रा पैदल तय कर वैष्णोदेवी के दर्शन किए। यात्रा के बाद राहुल गांधी ने भवन में मुख्य पुजारी और आरती पुजारी से भी मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। राहुल गांधी की यात्रा के दौरान कांग्रेस के कुछ अन्य नेता भी उनके साथ मौजूद थे।

हालांकि राहुल गांधी ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा था कि वे केवल वैष्णोदेवी की यात्रा पर आए हैं और किसी तरह का राजनीतिक बयान नहीं देंगे। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि कश्मीर आकर उन्हें अपने घर जैसा महसूस होता है, क्योंकि इस जगह से उनके परिवार को बहुत पुराना रिश्ता है।

बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्‍या : वैष्णोदेवी की यात्रा में तेजी से हो रहे इजाफे के कारण वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड के साथ साथ कटरा के व्यापारियों के चेहरों पर खुशी तो देखी जा सकती है पर तीसरी लहर की आशंका भी उन्हें डरा रही है। पिछले साल के दौरान यात्रा को कोरोना लील गया था। यही कारण था कि तब मात्र 17.20 लाख श्रद्धालु आए थे तो इस साल पहले सात महीनों में यह आंकड़ा 23.88 लाख को पार कर गया है। कोरोना महामारी के वर्तमान में बादल छटने के बाद वैष्णोदेवी के भक्तों की संख्या में इजाफा होने लगा है।
हालांकि बीते मई माह के दौरान तो प्रतिदिन मात्र 800-1000 श्रद्धालु ही मां वैष्णोदेवी के भवन पहुंच रहे थे, परंतु जैसे-जैसे कोरोना महामारी के मामलों में कमी आने लगी वैसे-वैसे भक्तों की संख्या बढ़ने लगी। वर्तमान में 20 से 24 हजार श्रद्धालु रोज वैष्णोदेवी के दर्शन के लिए आधार शिविर कटरा पहुंच रहे हैं। एक बार फिर करीब तीन माह के बाद मां वैष्णोदेवी का भवन यहां तक की आधार शिविर कटरा श्रद्धालुओं से गुलजार होने लगा है।


इस साल 7 महीने में 23 लाख 88 हजार 859 श्रद्धालु वैष्णोदेवी के चरणों में के दरबार हाजिरी लगा चुके हैं। जनवरी में 4 लाख 8 हजार 61, फरवरी में 3 लाख 89 हजार 549, मार्च में 5 लाख 25 हजार 198 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। जबकि अप्रैल में 3 लाख 21 हजार 735, मई माह में 45 हजार 155 श्रद्धालुओं, जून में कुल 1 लाख 98 हजार 490 तथा जुलाई में 5,00,671 श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
अधिकारियों को अब उम्मीद है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी होगी क्योंकि कुछ दिनों में और ज्यादा ट्रेनें आधार शिविर कटरा तक फिर चलने लगेंगी, जिसकी आस लगाकर स्थानीय व्यापारी वर्ग लगाए बैठा है। चिलचिलाती धूप हो या भारी उमस या फिर बारिश श्रद्धालु बेपरवाह होकर वैष्णोदेवी के आसरे निरंतर अपनी वैष्णोदेवी यात्रा कर रहे हैं। उन्हें हर तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार सेवा या केबल कार सेवा उपलब्ध हो रही हैं। और ज्यादा ट्रेनें कटरा तक पहुंचने से निस्संदेह मां वैष्णोदेवी की यात्रा में बढ़ोतरी होगी, जिसको लेकर माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है।
वैष्णोदेवी के भवन के साथ ही सभी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों, भोजनालय आदि पर समुचित खाद्यान्न भंडारण और साफ-सफाई व बिजली-पानी की उचित व्यवस्था करवाई जा रही है। वैष्णोदेवी के मार्ग पर भूस्खलन क्षेत्र में आपदा प्रबंधन दल और श्राइन बोर्ड प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

यह भी सच है कि कोरोना महामारी पूरी तरह से थमी नहीं है। तीसरी लहर की भी आशंका है। इसलिए वैष्णोदेवी यात्रा से पूर्व कोरोना टेस्ट अनिवार्य है। अगर श्रद्धालु घर से ही अपना आरटीपीसीआर टेस्ट दो दिन पुराना लेकर आता है तो उसे यात्रा करने की इजाजत है। अन्यथा वैष्णोदेवी के सभी प्रवेश द्वार दर्शनी ड्योढ़ी, ताराकोट मार्ग, कटरा हेलीपैड आदि पर यात्रा आरंभ करने के पूर्व श्रद्धालुओं का कोरोना टेस्ट किए जा रहे हैं।



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