नेपाल ने की भारत से रास्ता देने की मांग, भारतीय गांवों की भी जनगणना का अंदेशा

एन. पांडेय| Last Updated: गुरुवार, 18 नवंबर 2021 (12:08 IST)
पिथौरागढ़। हिमालयीय राज्य में इन दिनों 12वीं जनगणना का कार्य चल रहा है। इस कारण नेपाल भारतीय सीमा पर बसे गांव छांगरु और तिंकर में जनगणना करवाने के लिए नेपाल सरकार ने भारतीय राज्य उत्तराखंड के जिला प्रशासन को पत्र भेजकर नेपाल के उच्च हिमालयी गांव छांगरु और तिंकर में जनगणना करवाने के लिए रास्ता देने की की है। छांगरु और तिंकर गांव पहुंचने के लिए भारतीय क्षेत्र होते हुए ही जाना पड़ता है। यहां के ग्रामीण उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला के रास्ते माइग्रेशन पर जाते हैं।

पत्र मिलने पर पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने इस पत्र को उच्च स्तर पर भेज दिया है। कालापानी विवाद के बाद नेपाल कालापानी, गुंजी, कुटी, नाभी को व्यास गांव पालिका का हिस्सा बता रहा है। उसने ऐसा दावा कर पिछले दिनों के उच्च हिमालयीन क्षेत्रों में स्थित गांव कुटी, कालापानी को अपना हिस्सा बताते हुए इस भू-भाग को बाकायदा नेपाली संसद के जरिए अपने नक्शे में शामिल कर दिया था।
ऐसे में भारतीय प्रशासन को आशंका है कि छांगरु और तिंकर के बहाने नेपाल भारतीय गांवों में भी जनगणना करवा सकता है। इसी के चलते जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में उच्च स्तर से मार्गदर्शन चाहा है।



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