जयंत चौधरी क्‍यों नहीं शामिल होंगे योगी सरकार के शपथ समारोह में, बताया ये बड़ा कारण...

हिमा अग्रवाल| Last Updated: शुक्रवार, 25 मार्च 2022 (00:39 IST)
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एमएलसी चुनाव के लिए राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी का मनोबल बढ़ाने के लिए रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी मेरठ पहुंचे। उन्होंने यहां मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि वह उत्‍तर प्रदेश सरकार के में नहीं जाएंगे, क्योंकि उनको निमत्रंण नहीं मिला है और वे बिना निमत्रंण कहीं जाते भी नहीं हैं। साथ ही जयंत बोले, यदि बुलाया भी जाएगा तो भी नहीं शामिल होंगे, क्योंकि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिस भाषा शैली का प्रयोग किया है, उसके बाद एक लक्ष्मण रेखा खींच गई है।
का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार यानी कल होना है। लखनऊ में भाजपा सरकार गठन की तैयारियां पूरे जोरशोर से चल रही है। राजनीतिक दलों के नेताओं को शपथ ग्रहण के लिए न्‍योता भेजा गया है। लेकिन रालोद प्रमुख जयंत चौधरी से जब ये पूछा गया कि क्या वे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर भाजपा सरकार को शुभकामनाएं देंगे।

इस पर उन्होंने कहा कि बिना निमंत्रण के वे वैसे भी नहीं जाते लेकिन निमंत्रण मिलता तब भी नहीं जाते। कुछ दिन पहले हुए चुनाव में जिस भाषा शैली का प्रयोग हुआ उसने लक्ष्मण रेखा खींच दी है। इसलिए भाजपा के साथ मंच साझा करने का मन नहीं है।

जयंत ने कहा कि उनका और सपा का गठबंधन लंबे समय तक चलेगा। आगामी 2024 लोकसभा चुनाव में भी सपा-रालोद गठबंधन एक साथ काम करेगा। उन्होंने सिर्फ विधानसभा चुनाव के लिए गठजोड़ नहीं किया था। लंबी पारी और लंबी सोच को लेकर दोनों दलों ने रणनीति तय करके गठबंधन किया है।

जयंत ने चुनाव में अपनी पराजय स्वीकार करते हुए कहा कि वह सदन में मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अपने विजयी 8 विधायकों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह 80 विधायक की तरह काम करें। जयंत चौधरी ने कहा कि छब्बीस तारीख को लखनऊ में विधानमंडल दल की बैठक होगी।

उन्होंने एक ईमेल आईडी का ज़िक्र करते कहा कि टीम रालोद को जनता बेहतरी का सुझाव दे सकती है। वे अपनी हार के पीछे छुपे कारणों को जानने के लिए एक टीम गठित कर रहे हैं, जो घर में छुपे विभीषण को खोजेगी। विधानसभा चुनाव में जिन बूथों पर उनके कार्यकर्ताओं की अच्छी परफॉर्मेंस रही है, संगठन आगे उन्हें तवज्जो देगा। वहीं एमएलसी चुनाव दृढ़ संकल्प के साथ लड़ा जाएगा।
जयंत चौधरी ने चंद्रशेखर के साथ हुई आपनी मुलाकात पर कहा कि रिश्तों का सिलसिला है और काफी सफल बातचीत की गई है। उन्होंने कहा कि अब युवाओं को आगे आना है। हालांकि इस बार चुनाव में बेरोजगार युवकों ने भाजपा से मुंह मोड़ा है। जयंत बोले कि कुछ हमारी कमज़ोरियां रही होंगी, कुछ टिकट देने में कमी रही होगी, जिसकी वजह से हम हारे हैं, अब हार के बाद कमियों की समीक्षा करके सुधार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वो हारे भी हैं और जीते भी हैं। उन्होंने कहा कि इस बार उनका वोट प्रतिशत बढ़ा है। योगी जी के गर्मी वाले बयान पर बोलते हुए जयंत ने कहा कि आपने देखा होगा कि इस बार होली में ज्यादा गर्मी थी।



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