हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए उत्तराखंड में लगाई रासुका

एन. पांडेय| पुनः संशोधित सोमवार, 4 अक्टूबर 2021 (18:42 IST)
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देहरादून। उत्तराखंड में हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए राज्य में रासुका लगा दी गई है। इस आदेश से सभी जिलाधिकारियों के अधिकारों में और बढ़ोतरी हो जाएगी।अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने इस बाबद आदेश जारी कर दिए हैं। इन आदेशों के अनुसार 1 अक्टूबर से 3 महीने यानी 31 दिसंबर 2021 तक यह आदेश लागू रहेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुछ दिन पहले समुदाय विशेष की जनसंख्या को लेकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की आशंका जताई थी। सरकार का मानना है कि पिछले दिनों राज्य के कुछ जिलों में हिंसक घटनाएं हुई हैं।

रूड़की के चर्च में रविवार को हुई तोड़फोड़ के बाद ऐसी घटनाओं की प्रतिक्रिया स्वरूप राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी घटनाएं होने की आशंका के मद्देनजर ऐसे कानून को लागू करने का कारण

ढूंढा गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980, देश की सुरक्षा के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित ये एक कानून है।

सरकार को यदि लगता कि कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में उसके सामने बाधा खड़ी कर रहा है, तो वह उसे NSA के तहत गिरफ्तार करने का आदेश दे सकती है। NSA के तहत किसी संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी आरोप के 12 महीने तक जेल में रखा जा सकता है।



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