कांवड़ियों के हरिद्वार प्रवेश न करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने बनाई रणनीति, कांवड़ सामग्री की बिक्री पर प्रतिबंध

निष्ठा पांडे| Last Updated: गुरुवार, 15 जुलाई 2021 (16:28 IST)
देहरादून। के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने उत्तराखंड शासन के कांवड़ मेले को प्रतिबंधित किए जाने के निर्णय के बाद वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए पुलिस महानिरीक्षक कुमांयू परिक्षेत्र, पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढवाल परिक्षेत्र एवं समस्त जनपदों के पुलिस प्रभारियो के साथ की।

बैठक में निर्देश दिए कि कांवड़ मेले में लगे के जरिए सभी जिलों में एसओपी संबंधित जिलाधिकारियों से मिलकर तैयार करवाई जाए। अगर कोई कांवडिया में प्रवेश करता है तो उसे 14 दिन के लिए क्वारंटाइन करने के निर्देश जिलाधिकारी हरिद्वार से प्राप्त करते हुए, क्वारंटाइन किए जाने हेतु स्थान चिन्हित करवाया जाएं।

कोई कांवड़िया सड़क पर दिखाई दे तो उसे सम्मानपूर्वक ऑफ रोड कर बस अथवा अन्य माध्यम से वापस कर दिया जाए। हरिद्वार, देहरादून, टिहरी एंव पौडी गढ़वाल जिलों में कांवड़ इन्फोर्समेन्ट टीम का गठन किया जाए। जो प्रतिबंधित कांवड़ मेले के दौरान पेट्रोलिंग करते हुए कांवड़ियों पर नजर रखेगी और कानून व्यवस्था को बनाए रखेगी।


ट्रेनों से आ रहे कांवड़ियों को हरिद्वार से पहले पड़ने वाले रेलवे स्टेशनो पर रोककर उतरवा लिया जाए। उन्हें वहीं से शटल बसों के माध्यम से उनके जिलों को वापस कर दिया जाए।

हरिद्वार में बॉर्डर थानों के साथ कांवड़ मेले के प्रतिबंध संबंधित पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था की अध्यक्षता में एक बैठक करें जिसमें अन्य राज्यों के बार्डर से लगे जनपदों के परिक्षेत्रीय पुलिस उपमहानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों को आमंत्रित कर लें, बैठक में संयुक्त रूप से टैकरों के माध्यम से गंगाजल शिवमंदिरों को भेजे जाने पर विचार कर लें।

कांवड़ मेले को प्रतिबन्धित करने के संबंध में कांवड संघ एवं समीतियों से वार्ता कर उन्हें उत्तराखंड सरकार के निर्णय से अवगत कराए। कांवड़ संघ एवं समीतियों से वार्ता को थाने की जीडी में भी अंकित किया जाए ताकि अगर कोई कोविड महामारी एक्ट को उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करने में आसानी हो, एंव जिला प्रशासन से आवश्यक रूप से मजिस्ट्रेट नियुक्त करा लिया जाए।
इसके अतिरिक्त यह ध्यान रखा जाए कि यदि कोई व्यक्ति अस्थि विसर्जन को हरिद्वार आ रहा है तो उसे कोई न रोकें।
सभी जिलों में कांवड़ से संबंधित सामग्री बेचा जाना भी प्रतिबंधित रहेगी।

इसके लिए दुकानदारों को अवगत करा दिया जाए। कतिपय कुछ लोगों द्वारा मां गंगा के किनारे अश्लील वीडियो बनाकर वायरल किए जाने का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक ने अशोक कुमार ने मिशन मर्यादा चलाने की भी घोषणा की।

मिशन मर्यादा के अंतर्गत पुलिस द्वारा तीर्थ-स्थलों की जनता एंव पुलिस को मर्यादा बनाए रखने को तीर्थ स्थलों पर मादक पदार्थों का सेवन, मांसाहार करने अथवा अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों एंव किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करेगी।

पर्यटन स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों, मादक पदार्थो की अवैध बिक्री अथवा दुर्व्यवहार करने वालों के विरुद्ध भी पूर्व से स्थापित कानूनों के अनुरूप कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी। आगामी 15 दिवसों तक इस कार्रवाई को प्रमुखता से करते हुए आंकलन किया जाएगा।

आगामी ईद-उल-अज़हा के त्योहार पर पुलिस द्वारा कोरोना महामारी के दृष्टिगत होने वाली कार्रवाई की समीक्षा भी की गई तथा कानून व्यवस्था को बनाए रखने हेतु निर्णय लिए गए।

इस संबंध में जनपदों के उलेमाओं एवं मौलवियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई पूर्व से ही सुनिश्चित करने एवं कुर्बानियों का समय एंव स्थानों का चयन उच्च न्यायालय के आदेशानुसार करने हेतु निर्देशित किया गया। ईद-उल-अज़हा के संबंध में थानास्तर पर पीस कमेटियों की बैठक कर ली जाए।

बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, अपराध कानून एवं व्यवस्था, वी.मुरूगेशन पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना एवं सुरक्षा, संजय गुंज्याल, पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढवाल परिक्षेत्र, नीरू गर्ग, पुलिस उपमहानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, नीलेश आनन्द भरणे एवं अन्य अधिकारियों ने ऑनलाईन प्रतिभाग किया।



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