हारकर भी जीते पुष्कर धामी, लगातार दूसरी बार उत्तराखंड का मुख्‍यमंत्री बन रचा इतिहास

पुनः संशोधित बुधवार, 23 मार्च 2022 (15:03 IST)
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विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद पुष्कर सिंह धामी ने 23 मार्च 2022 को के 12वें मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ लेकर नया इतिहास रच दिया है। एक तो वे सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री हैं, साथ ही लगातार दूसरी बार मुख्‍यमंत्री बनने वाले राज्य के पहले नेता हैं। धामी ने 4 जुलाई 2021 को 11वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। दिलचस्प यह है कि सीएम बनने से पहले धामी कभी मंत्री भी नहीं बने थे।

राजनीतिक जीवन : धामी ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से वकालत की डिग्री हासिल की है। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़े रहे हैं। 2 बार भाजपा की युवा मोर्चा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। भाजपा की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से भी धामी लंबे समय तक जुड़े रहे। धामी 2012 और 2017 में खटीमा से विधायक चुने गए, लेकिन 2022 में विधानसभा चुनाव हार गए। धामी को कांग्रेस के भुवन चंद्र कापड़ी से 6500 वोटों के अंतर से हराया।


पारिवारिक पृष्ठभूमि : 16 सितंबर 1975 को पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र कनालीछीना में जन्मे पुष्कर सिंह धामी साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता शेर सिंह धामी सेना में सूबेदार थे। पत्नी गीता धामी के अलावा उनके दो बेटे भी हैं। उनका नाम दिवाकर और प्रभाकर धामी है।


राजनाथ ने की थी धोनी से तुलना : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान धामी की तुलना क्रिकेटर महेंद्रसिंह धोनी से करते हुए उन्हें एक अच्छा 'मैच फिनिशर' बताया था, जो जरूरत पड़ने पर भाजपा के लिए ताबड़तोड रन बना सकते हैं।
क्रिकेट शब्दावली का प्रयोग करते हुए सिंह ने कहा था कि धामी मुख्यमंत्री के रूप में बिना थके अनवरत काम कर रहे हैं और उन्हें टेस्ट मैच खेलना चाहिए। संभवत: इसीलिए भाजपा हाईकमान ने खटीमा सीट पर उनकी हार के बावजूद लंबे समय के लिए धामी पर ही भरोसा जताया। हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 70 में से 47 सीटें जीतकर दो तिहाई से अधिक बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता प्राप्त की।



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