Bomb Blast Threat : हरिद्वार-रुड़की सहित 6 रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी, जैश-ए-मोहम्मद एरिया कमांडर के नाम से मिला पत्र

एन. पांडेय| Last Updated: सोमवार, 9 मई 2022 (22:02 IST)
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देहरादून। Bomb Blast Threat :
रुड़की रेलवे स्टेशन अधीक्षक कार्यालय को मिले पत्र में खुद को जैश-ए-मोहम्मद नाम के आतंकी गैंग का एरिया कमांडर बताने वाले ने 21 मई को रुड़की रेलवे स्टेशन समेत लक्सर, रुड़की, हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, काठगोदाम, मुरादाबाद व बरेली रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ा देने की धमकी दी है। इसमें हरिद्वार के धार्मिक स्थल मनसा देवी, हरकी पैड़ी, चंडी देवी, कनखल दक्ष मंदिर और पिरान कलियर को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। हरिद्वार के कई मंदिरों समेत मुख्यमंत्री पुष्करसिंह धामी को भी बम से उड़ाने की धमकी इस पत्र के जरिए दिए जाने की बात सामने आई है।
8 मई देर रात रुड़की रेलवे स्टेशन अधीक्षक एसके वर्मा के नाम मिले धमकीभरे इस पत्र के बाद पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ गई है। पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीमें इस पत्र की जांच पड़ताल करने में जुट गई हैं। पहले अप्रैल 2019 में भी एक धमकीभरा पत्र रेलवे अधीक्षक को मिला था।

पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो पहले मिले पत्र और इस पत्र की हैंडराइटिंग की जांच करने में जुटी हुई है। धमकीभरा पत्र मिलने के बाद से पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीमें तेजी के साथ जांच में जुटी गई हैं। पत्र मिलने के बाद हरकत में आए लक्सर रेलवे स्टेशन पर बम निरोधक दस्ते ने डॉग स्क्वायड के साथ सघन चेकिंग अभियान भी चलाया।

2018, 2015, 2014 और 2013 में भी इस तरह के धमकी भरे पत्र मिल चुके हैं। इस मामले में राज्य के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि यह व्यक्ति पिछले 20 सालों से इस तरह के धमकी भरे पत्र भेज रहा है। पत्र भेजने वाले की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लगती है।
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नामांकन में कैबिनेट का जमावड़ा : चंपावत में उपचुनाव के लिए सीएम पुष्करसिंह धामी का नामांकन कराने पूरी कैबिनेट, पूर्व सीएम, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और तमाम विधायकगण एकसाथ उपस्थित हुए। लगभग सभी वक्ताओं ने जनता को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि एक मुख्यमंत्री चुनने का मौका बार-बार नहीं मिलता और चंपावत के पास यह बेहतरीन अवसर आया है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने वक्तव्य में खासतौर से चंपावत के तमाम इलाकों का जिक्र करते हुए यह बताने की कोशिश की, कि उनके लिए ये इलाका कोई नया नहीं है। उन्होंने गोलू देवता, पूर्णागिरी मंदिर, बाराही मंदिर देवीधुरा, अद्वैत आश्रम मायावती, नरसिंह मंदिर आदि का जिक्र किया।

पिथौरागढ़ से खटीमा आने-जाने के दौरान अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ईजा (मां) की बातें मुझे ध्यान आती हैं, जब वे कहा करती थीं कि चंपावत वाले सबकी मदद करते हैं और आज वह मौका आ गया। उन्होंने कहा कि वे हमेशा यहां के लोगों के पीछे खड़े दिखाई देंगे, उनके सुख-दुख में हमेशा साथ रहेंगे। पूरे क्षेत्र को पर्यटन के रूप में एक बड़ा नाम बनाने के लिए वे लगातार काम करेंगे।

धामी के

नामांकन दाखिल करते वक्त उनके साथ भारी संख्या में उनके समर्थक मौजूद रहे। सीएम के लिए सीट छोड़ने वाले पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी तो सायते की तरह उनके साथ खड़े दिखे। आम चुनावों में खटीमा से सीएम धामी की हार के बाद ही उन्होंने उन्हें इस सीट से चुनाव लड़ने की दावत दे डाली थी।

नामांकन के बाद मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चंपावत गुरु गोरखनाथ की भूमि है। उन्होंने बताया कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान कहा था कि वे चंपावत गुरु गोरखनाथ के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।

उन्होंने कहा कि गोलज्यू सर्किट को विकसित किया जाएगा। सीएम धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो प्यार और आशीर्वाद मुझे जनता से मिला है वह अभूतपूर्व है। मुझे यकीन है कि आगे भी जनता से मुझे यह प्यार मिलता रहेगा। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता के हित में अहम फैसले ले रही है। जनता को इसका लाभ मिले, इसके भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। चम्पावत विधानसभा चुनाव के लिए आगामी 31 मई को चुनाव होगा और 4 जून को मतगणना होगी।


चारधाम यात्रा मार्ग में 16 मौतों के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग
चारधाम यात्रा मार्ग में 16 मौतों के बाद जागे स्वास्थ्य विभाग ने अब अब चारधाम रूट पर एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस तैनात करने का निर्णय लिया है। यात्रा रूटों पर खासकर उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपदों में तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य में संचालित 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के अलावा एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस (एएलएस) तैनात की गई हैं, जो 108 एम्बुलेंस सेवा के अंतर्गत काम करेंगी।

मेडिकल ऑफिसर, फिजिशियन, ऑर्थोपेडिशियन, फार्मासिस्ट एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की तैनाती चारधाम यात्रा मार्गों की चिकित्सा इकाइयों में कर दी गई है। महानिदेशक स्वास्थ्य को चारधाम यात्रा से संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया की गई हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्गों पर एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस (एएलएस) सहित जगह-जगह फर्स्ट मेडिकल रिस्पांस टीम तैनात कर दी गई है। यात्रा मार्ग पर 8 ब्लड बैंक एवं चार ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित किए गए हैं।

डॉ. रावत ने बताया कि जनपद चमोली में श्री बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब व तुंगनाथ आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए तीन एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस तथा तेरह 108 आपातकालीन एम्बुलेंस तैनात की गई है जबकि गौचर से लेकर श्री बदरीनाथ धाम तक विभिन्न स्थानों पर 19 अस्थायी मेडिकल यूनिट खोली गई हैं, जिनमें चिकित्सक, फार्मासिस्ट, स्टॉफ व वार्ड ब्वाय सहित चार सदस्य तैनात किए गए हैं।

प्रत्येक यूनिट में ईसीजी मशीन, पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ जरूरी जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। चमोली जिला, जिसमें प्रमुख धाम बद्रीनाथ है, में कुल 75 चिकित्सक यात्रा रूट पर तैनात किए गए हैं। इसी प्रकार उत्तरकाशी जनपद में यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में यात्रियों के लिए 5 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस एवं चौदह 108 आपातकालीन एम्बुलेंस तैनात की गई हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि डामटा से लेकर यमुनोत्री धाम तक 11 स्थायी व 1 अस्थायी चिकित्सा इकाइयां हैं, जिनमें चिकित्सकों, फर्मासिस्टों एवं वार्ड ब्वॉय को तैनात किया गया है। सभी चिकित्सा इकाइयों में ईसीजी मशीन, कार्डियक मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर सहित सभी दवाइयां उपलब्ध हैं।

इसके अलावा जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक पैदल मार्ग पर प्रत्येक एक किलोमीटर पर पांच फर्स्ट मेडिकल रिस्पांस टीम (एफएमआर) तैनात की गई है, जिनकी संख्या में वृद्धि की जाएगी। ऐसे ही ब्रह्मखाल से लेकर गंगोत्री धाम तक 10 स्थायी चिकित्सा इकाइयां उपलब्ध हैं। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर तीन फर्स्ट मेडिकल रिस्पांस टीम भी तैनात है।

तीर्थयात्रियों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हर्षिल में आईसीयू की सुविधा उपलब्ध की गई है जबकि जानकीचट्टी में कार्डियक एम्बुलेंस की तैनाती कर दी गई हैं। रुद्रप्रयाग जनपद में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आठ स्थाई चिकित्सा इकाइयों एवं 14 अस्थाई मेडिकल रिलीफ पोस्टों पर सभी स्वास्थ्य व्यवस्था सहित पर्याप्त एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत न हो इसके लिए स्वास्थ्य महानिदेशक को स्वास्थ्य व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।



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