प्रभु श्रीराम ने बनवाई थी ये 4 चीजें

Age of Lord Sri Ram
प्रभु ने अयोध्या से निकलकर लंका तक के सफर में जहां जहां पर अपने पग धरे वहां वहां के खास स्थानों पर मंदिर, कुंड या रामालय बन गए। निश्‍चित ही लंका से लौटने के बाद ने अयोध्या में कई तरह के कार्य किए होंगे। जैसे शिवालय बनवाना, महल, आश्रम, कुटी आदि बनवाना। परंतु हम बता रहे हैं ऐसे कार्य जो उन्होंने अपने वनवास के दौरान किए।

1. पर्णकुटी : श्रीराम जब गंगा पार करके चित्रकूट पहुंचे तो वहां गंगा यमुना के संगम पर ऋषि भारद्वार का आश्रम था। महर्षि ने वहीं एक पहाड़ी पर श्रीराम को कुटी बनाने की सलाह थी। श्रीराम ने वहां पर पर्णकुटी बनाई और वहीं रहने लगे। बाद में वे नासिक के पंचवटी क्षेत्र में गए तो वहां भी पर्टकुटी बनाई। फिर जब वे सीता की खोज में निकले तप रास्ते भर में जहां भी कुछ दिनों तक रुकना था वहां पर्णकुटी बनाई। बाद में रामेश्वरम में और फिर अंत में श्रीलंका में पर्णकुटिया बनाए जाने का उल्लेख मिलता है।

2. वस्त्र :ऐसा कहते हैं कि श्रीराम, श्रीलक्ष्मण और माता सीता खुद के ही बनाए वस्त्र और खड़ाऊ धारण करते थे।


3. शिवलिंग : महाकाव्‍य 'रामायण' के अनुसार भगवान श्रीराम ने लंका पर चढ़ाई करने के पहले रामेश्वरम
में भगवान शिव की पूजा की थी। रामेश्वरम का शिवलिंग श्रीराम द्वारा स्थापित शिवलिंग है।


4. सेतु बनवाया:इसके बाद प्रभु श्रीराम ने नल और नील के माध्यम से विश्व का पहला सेतु बनवाया था और वह भी समुद्र के ऊपर। आज उसे रामसेतु कहते हैं ज‍बकि राम ने इस सेतु का नाम नलसेतु रखा था।



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