Weather Alert : महाराष्ट्र में भारी बारिश, 2 विश्वविद्यालयों ने रद्द की परीक्षाएं, इंदौर में पानी में बही कारें

पुनः संशोधित गुरुवार, 11 अगस्त 2022 (00:22 IST)
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मुंबई/ इंदौर। के अलग-अलग हिस्सों में बुधवार को भारी हुई जिसके बाद 2 विश्वविद्यालयों को परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, जबकि मध्य प्रदेश के शहर में मूसलधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया और कुछ कारें बह गईं। आईएमडी ने मध्य प्रदेश गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में गुरुवार को होने का पूर्वानुमान जताया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मध्य प्रदेश गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में गुरुवार को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। अधिकारियों ने बताया कि मुंबई और उसके उपनगरों में मंगलवार से तेज़ हवाओं के साथ मध्यम बारिश दर्ज की गई और अगले 24 घंटे के दौरान और वर्षा होने का अनुमान है।

महाराष्ट्र के तटीय और पश्चिमी घाट क्षेत्रों में बारिश के बारे में पूछे जाने पर आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि कम दबाव के क्षेत्र की वजह से अरब सागर से तेज़ हवाएं आईं और क्षेत्र में भारी बारिश हुई। उन्होंने कहा कि इसकी तीव्रता बुधवार से कम होना शुरू होगी।

पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर, सांगली और सातार जिलों में भारी बारिश और इसके बाद आई बाढ़ के कारण कोल्हापुर विश्वविद्यालय ने बुधवार और गुरुवार को होने वाली परीक्षाओं को रद्द कर दिया। कोल्हापुर जिला प्रशासन ने कहा कि इम्तिहान की नई तारीखें बाद में घोषित की जाएंगी। कोल्हापुर में पंचगंगा नदी चेतावनी के निशान के ऊपर चली गई है।

जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे तक राजाराम बांध में पंचगंगा का जलस्तर 40.2 फुट पर पहुंच गया जबकि चेतावनी का निशान 39 फुट है और खतरे का निशान 43 फुट है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जलभराव के बाद कोल्हापुर जिले में कुछ सड़कों को बंद करना पड़ा है।

नागपुर विश्वविद्यालय ने जिले और विदर्भ क्षेत्र में आसपास के स्थानों पर भारी बारिश के मद्देनजर बुधवार को होने वाली सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराजा नागपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा और मूल्यांकन बोर्ड के निदेशक डॉ. प्रफुल्ल सबले ने एक अधिसूचना में कहा कि नई तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी और अधिकारियों से कहा कि वे विद्यार्थियों को फैसले के बारे में बताएं। मुंबई और उसके उपनगरों में पिछले 24 घंटे में मध्यम बारिश दर्ज की गई।

नगर निकाय के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि लोकल ट्रेन सेवाएं और ‘बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट’ (बेस्ट) की बस सेवाएं सामान्य हैं। किसी बस के मार्ग में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को रातभर हुई बारिश के बाद मुंबई में वर्षा अब थोड़ी कम हो गई है। शहर में बुधवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में 26.87 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमश: 31.38 मिमी और 33.06 मिमी बारिश दर्ज की गई।

आईएमडी ने अगले 24 घंटे शहर तथा उपनगरों में मध्यम बारिश के साथ ही कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। इस दौरान कभी-कभी 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पकड़ सकती हैं। इंदौर में भारी बारिश के बाद कई निचली बस्तियों में पानी भर गया।

शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि शहर के पश्चिमी क्षेत्र में भारी बारिश के बाद सिरपुर तालाब की ओर जाने वाले रास्ते पर कुछ कारें पानी के तेज बहाव के कारण बह गईं, लेकिन इस घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की अभी कोई सूचना नहीं है। मंगलवार शाम से हो रही बारिश की वजह से चिंताजनक स्थिति बनी और जिला प्रशासन ने बुधवार के लिए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी।

के एक अधिकारी ने बताया कि इंदौर में मंगलवार को सुबह 08:30 बजे से बुधवार सुबह 08:30 बजे तक 4.29 इंच बारिश दर्ज की गई। अधिकारी ने बताया कि शहर में बारिश का सिलसिला अगले दो दिन तक लगातार जारी रहने का अनुमान है।

भार्गव ने बताया, भारी बारिश के मद्देनजर नगर निगम के अमले को निचली बस्तियों में प्रभावित नागरिकों की मदद के लिए भेजा गया है। जरूरत पड़ने पर सबसे पहले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। चश्मदीदों ने बताया कि शहर के मुख्य मार्गों पर भी बारिश का पानी भर गया जिससे लोगों को अपने वाहन चलाने में परेशानी हुई।

इंदौर के जिलाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि भारी बारिश के बाद शहर के निहालपुर मुंडी क्षेत्र में तालाब के उफनने के बाद नजदीकी बस्तियों की खैरियत के लिए पानी के निकासी के इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया, इंदौर में भारी बारिश के बाद उत्पन्न हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी से उफनती नदियों व तालाबों और इनसे सटी बसाहटों पर भी निगाह रखी जा रही है।(भाषा)




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