महिलाओं को शादी के बाद पासपोर्ट में नाम बदलवाना जरूरी नहीं : मोदी

पुनः संशोधित गुरुवार, 13 अप्रैल 2017 (20:58 IST)
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नई दिल्ली। इंडियन मर्चेंट चैंबर विंग की 50वीं सालगिरह पूरी होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिलाओं को भी रात में काम करने की सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घर की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम हो. मोदी ने कहा कि विकास में नारी शक्ति का बड़ा योगदान रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि महिलाओं को शादी के बाद में नाम बदलवाने की जरूरत नहीं है। उनको पासपोर्ट के लिए शादी या तलाक का देने की भी जरूरत नहीं है, महिलाएं पासपोर्ट के लिए एप्लीकेशन में अपने पिता या मां का नाम लिख सकती हैं।


मोदी ने महिलाओं को पुरुषों की तरह ज्यादा मौके देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में मैटरनिटी बिल पास किया है, जिसमें छुट्टियों की संख्या दोगुने से ज्यादा यानी 12 से बढ़ाकर 26 हफ्ते की गई है।
मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस प्रोग्राम में शामिल हुए। उन्होंने देश के विकास में महिलाओं के योगदान का जिक्र किया और कहा कि उनकी क्षमता दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा क्यों है कि संपत्ति और घर पति या लड़कों के ही नाम किए जाते हैं? अगर घर की रजिस्ट्री महिला के नाम पर है तो पासपोर्ट हासिल करने के लिए उसे शादी या तलाक का सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान मोदी ने यह भी कहा कि सरकार ने अगले 2 साल में 5 करोड़ महिलाओं को उज्ज्वला स्कीम का फायदा देने का लक्ष्य रखा है। अभी सिर्फ 2 करोड़ महिलाएं ही इस स्कीम का फायदा उठा रही हैं। (एजेंसियां)



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