Kanhaiyalal Murder Case : उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड मामले में नौवां आरोपी गिरफ्तार, नृशंस हत्या की साजिश में था शामिल

पुनः संशोधित शुक्रवार, 12 अगस्त 2022 (18:26 IST)
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने के जिले में की हुई नृशंस हत्या के मामले में षड्यंत्रकारी मुस्लिम खान को किया है।ये प्रतापगढ़ जिले का निवासी है और उसने साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इस मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।गौरतलब है कि पेशे से दर्जी कन्हैयालाल की हत्या 28 जून को राजस्थान के उदयपुर में उसी की दुकान में कर दी गई थी।


अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह इस मामले में नौवीं गिरफ्तारी है। एनआईए के मुताबिक, 41 वर्षीय मुस्लिम खान उर्फ मुस्लिम रज़ा राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले का निवासी है और उसने साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

एनआईए ने इस मामले की जांच 29 जून को अपने हाथ में ली थी और अब तक मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले एजेंसी ने 21 जुलाई को खेरवाड़ा स्थित सिंधी सरकार की हवेली निवासी मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि पेशे से दर्जी कन्हैयालाल की हत्या 28 जून को राजस्थान के उदयपुर में उसी की दुकान में कर दी गई थी। इस हमले को अंजाम रियाज अख्तरी नामक व्यक्ति ने दिया था और पूरी घटना को उसके साथी गौस मोहम्मद ने रिकॉर्ड किया था। उन्होंने घटना का यह वीडियो ऑनलाइन पोस्ट कर दिया था।

बाद में दोनों आरोपियों ने एक अन्य वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने यह हत्या इस्लाम के अपमान का बदला लेने के लिए किया है। हालांकि दोनों को हत्या के कुछ घंटे बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एनआईए ने बताया कि दोनों इस नृशंस हत्या के जरिए पूरे देश में खौफ का माहौल पैदा करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि दोनों ने हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने का वीडियो ऑनलाइन फोस्ट किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धमकी दी।

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी इस मामले में अंतरराष्ट्रीय तार जुड़े होने के पहलू की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि यहां तक शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि कन्हैयालाल की हत्या की साजिश में और लोग शामिल हो सकते हैं।
एनआईए अधिकारियों ने बताया कि दो आरोपी पाकिस्तान से संचालित सुन्नी इस्लामिक संगठन दावत-ए- इस्लामी के सदस्य मोबाइल ऐप के जरिए बने थे और इनमें से एक पाकिस्तान में मौजूद कुछ लोगों के संपर्क में था। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी कोई भी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

वहीं कराची से कार्य कर रहे दावत-ए-इस्लामी की वेबसाइट के मुताबिक, वह वैश्विक गैर राजनीतिक इस्लामिक संगठन है, जो पूरी दुनिया में कुरान और सुन्नत का प्रसार करने के लिए काम करता है। इस संगठन की स्थापना वर्ष 1981 में की गई थी।(भाषा)



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