नरेंद्र गिरि केस CBI के हवाले, यूपी सरकार का अनुरोध केंद्र ने स्वीकारा

Last Updated: शुक्रवार, 24 सितम्बर 2021 (10:55 IST)
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की उत्तरप्रदेश सरकार की अनुशंसा को केंद्र सरकार ने गुरुवार को स्‍वीकार कर लिया है। अब इस मामले की जांच सीबीआई करेगी, पर जांच एजेंसी के सामने इस केस की जांच शुरू करने से पहले सीसीटीवी खराब, सुसाइड नोट और सूचना और एफआईआर में अंतर समेत इन 12 सवालों के जवाब तलाश रही है, जो अभी तक की पुलिस जांच में अनसुलझे या अधूरे हैं। गौरतलब हैं कि महंत नरेंद्र गिरि सोमवार को अपने मठ के एक कमरे में मृत पाए गए थे। पुलिस के मुताबिक गिरि ने कथित तौर पर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।


पहला सवाल- सूचना और एफआईआर में अंतर क्यों? अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की मौत के बाद आधिकारिक सूचना दी गई कि दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे शिष्यों ने फांसी का फंदा काटकर शव नीचे उतारा, जबकि उनके शिष्य अमर गिरि ने एफआईआर दर्ज कराई है कि धक्का देकर दरवाजा खोला गया। दूसरा सवाल- भारी शरीर गठिया का रोग, फिर महंत नरेंद्र गिरि कैसे चढ़े? उनके लिए यह आसान नहीं था कि बेड पर स्टूल रखकर चढ़ जाएं। बिना किसी की मदद के उन्होंने पंखे से फांसी का फंदा लगाया। कैसे, अकेले ही सब कुछ किया और फांसी के फंदे पर झूलकर जान दे दी? तीसरा सवाल- पुलिस के आने से पहले शव क्यों उतारा गया? सबसे अहम सवाल यह है कि कमरे के अंदर संदिग्ध परिस्थिति में नरेंद्र गिरि की मौत हो गई। ऐसे में बिना पुलिस को बताए उनके शव को नीचे क्यों उतारा गया? फोन से संपर्क न होने पर उनके शिष्य परेशान थे। ऐसे में पुलिस के पहुंचने का इंतजार क्यों नहीं किया गया? चौथा सवाल- सुसाइड नोट को वसीयत की तरह क्यों लिखा गया? सुसाइड नोट को टुकड़ों में लिखा गया है।


एक तरफ नरेंद्र गिरि ने अपनी मौत के लिए आनंद गिरि, मंदिर के पूर्व पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे को मौत के लिए जिम्मेदार बताया है,
वहीं दूसरी ओर मठ की संपत्ति के लिए वसीयतनामा लिखा है। उनका नाम कई बार इस्तेमाल किया गया है। पांचवां सवाल- आत्महत्या उस कमरे में क्यों, जहां महंत कम रहते थे? नरेंद्र गिरि अपने विश्राम कक्ष में आराम करते थे। अतिथि गृह में वह तभी जाते थे जब कोई व्यक्ति बाहर से मिलने आता था। ऐसे में यह अहम सवाल है कि उन्होंने अपने एकांत कमरे को छोड़ कर बाहर बने अतिथि गृह में फांसी क्यों लगाई? छठा सवाल- कमरे के पास का सीसीटीवी कैमरा खराब क्यों? मठ बाघंबरी गद्दी परिसर की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाती है।
नरेंद्र गिरि के एक करीबी ने आरोप लगाया कि उनके कमरे के पास लगा सीसीटीवी खराब क्यों था? क्या इसे साजिश के तहत खराब किया गया। सातवां सवाल- पहले भी कई आरोप लगे फिर इस आरोप पर ऐसा कदम क्यों? नरेंद्र गिरि पर कई बार संगीन आरोप लगे। प्रॉपर्टी के विवाद में पूर्व विधायक ने आरोप लगाया। नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि ने दो शिष्यों की हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद ऐसा क्या हुआ कि एक फर्जी आरोप में उन्होंने अपनी जान दे दी? आठवां सवाल- लिखने में हिचकते थे तो इतना बड़ा नोट कैसे लिखा? नरेंद्र गिरि से जुड़े संतों ने आरोप लगाया है कि वह अपना हस्ताक्षर करने में भी 10 मिनट का समय लगाते थे। कोई भी काम होता था तो शिष्य ही लिखते थे। आखिर में वह हस्ताक्षर कर देते थे। ऐसे में सवाल उठना स्वभाविक है कि उन्होंने कब और कहां बैठकर 12 पेज लिख डाले?


नौवां सवाल- कौन कह रहा था कि वीडियो वायरल होगा, उसका जिक्र क्यों नहीं? नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट में लिखा है कि हरिद्वार के एक व्यक्ति ने बताया कि आनंद गिरि उनकी फोटो एक महिला के साथ गलत काम करते हुए बनाकर वायरल करने जा रहा है। सवाल यह है कि उस व्यक्ति का नाम सामने क्यों नहीं आया? दसवां सवाल- सुसाइड नोट से इतर एफआईआर क्यों कराई गई? नरेंद्र गिरि की मौत के बाद ही सुसाइड नोट मिल गया। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस अफसरों ने अपना बयान जारी किया। इसके बाद आधी रात को सुसाइड नोट से इतर जार्जटाउन थाने में सिर्फ आनंद गिरि के खिलाफ ही क्यों मुकदमा दर्ज कराया गया? 11वां सवाल- नरेंद्र गिरि की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी घटना के वक्त कहां थे। सभी के फोन के डिटेल्स और किसकी क्या लोकेशन थी? इसका भी जवाब लिया। 12वां सवालसीबीआई ने पूछा पिछले एक हफ्ते में कौन- कौन पुलिसकर्मी उनके साथ थे। किन- किन लोगों ने उनसे मुलाकात की मुलाकात के दौरान जो पुलिसकर्मी मौजूद थे क्या बातें हुई? इसके सवाल पूछे।



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