जम्मू में पकड़ा गया लश्कर का आतंकी, पहले था BJP के अल्पसंख्यक मोर्चा का सोशल मीडिया प्रभारी

Last Updated: रविवार, 3 जुलाई 2022 (23:30 IST)
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जम्मू। जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में रविवार को ग्रामीणों ने भारी हथियारों से लैस लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के 2 आतंकवादियों को काबू में कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन आतंकवादियों में से एक राजौरी में हाल में हुए आईईडी विस्फोट मामले का साजिशकर्ता है।


उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने ग्रामीणों के साहस की प्रशंसा की और उनके लिए नकद इनाम की घोषणा की। अधिकारियों ने कहा कि घटना तुकसन ढोक गांव में हुई और पकड़े गए आतंकवादियों में राजौरी जिले का निवासी लश्कर कमांडर तालिब हुसैन शामिल है, जो जिले में पिछले दिनों हुए आईईडी विस्फोटों का षडयंत्रकर्ता भी था। मीडिया खबरों के मुताबिक गिरफ्तार आतंकी कभी जम्मू में बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा का सोशल मीडिया प्रभारी भी था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, (जम्मू क्षेत्र) मुकेश सिंह ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘आज, तुकसन ढोक के ग्रामीणों ने लश्कर के दो अति वांछित आतंकवादियों को पकड़ने में अदम्य साहस दिखाया, जो पुलिस और सेना (राजौरी जिले में) के लगातार दबाव के बाद क्षेत्र में शरण लेने के लिए पहुंचे थे।’’

उन्होंने अन्य पकड़े गए आतंकवादी की पहचान दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के फैजल अहमद डार के रूप में की और कहा कि गिरफ्तार आतंकवादियों के पास से दो एके राइफल, सात ग्रेनेड, एक पिस्तौल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया।
सिंह ने कहा कि उपराज्यपाल ने ग्रामीणों के साहस की सराहना की और उनकी बहादुरी के लिए पांच लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की, जबकि पुलिस महानिदेशक ने उनके लिए दो लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की।

उपराज्यपाल कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘मैं तुकसन ढोक, रियासी के ग्रामीणों की बहादुरी को सलाम करता हूं, जिन्होंने दो अति वांछित आतंकवादियों को पकड़ा। आम आदमी का ऐसा दृढ़ संकल्प दिखाता है कि आतंकवाद का अंत दूर नहीं है। आतंकवादियों और आतंकवाद के खिलाफ वीरतापूर्ण कार्य के लिए केंद्र शासित प्रदेश सरकार ग्रामीणों को पांच लाख रुपये का नकद इनाम देगी।’’
दोनों की गिरफ्तारी 28 जून को राजौरी जिले में हुसैन के नेतृत्व वाले एक मॉड्यूल का खुलासा करने के बाद हुई, जो जिले में हाल में हुए विस्फोटों में शामिल था। संगठन के दो गिरफ्तार आतंकवादियों के पास से पांच आईईडी बरामद किये गये थे। हुसैन फरार हो गया था और सुरक्षा बलों के जाल से बचने के लिए पास के रियासी जिले में चला गया था।

सिंह ने कहा कि हुसैन पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी कासिम के लगातार संपर्क में था और राजौरी जिले में आईईडी विस्फोटों के कम से कम तीन मामलों में शामिल था। वह नागरिकों की हत्या और ग्रेनेड हमलों में भी शामिल था। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि दोनों आतंकवादी पाकिस्तानी लश्कर के आतंकी सलमान के संपर्क में भी थे।

दोनों आतंकवादियों की गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता बताते हुए अधिकारी ने कहा कि वे रियासी के अलावा सीमावर्ती जिलों- राजौरी और पुंछ में फिर से आतंकवाद फैलाने का प्रयास कर रहे थे।

गौरतलब है कि 26 मार्च को राजौरी के कोटराना शहर में दो विस्फोट और 19 अप्रैल को एक अन्य विस्फोट हुआ जिसमें दो लोग घायल हो गए थे। गत 24 अप्रैल को राजौरी के शाहपुर-बुधल इलाके में हुए एक अन्य विस्फोट में दो और लोग घायल हो गए थे।
पुलिस कांस्टेबल को गोली मारी : के अनंतनाग जिला में रविवार को अज्ञात आतंकवादियों ने एक सीनियर ग्रेड पुलिस कांस्टेबल को गोली मार कर घायल कर दिया। पुलिस ने कहा, "आज लगभग शाम साढ़े सात बजे आतंकवादियों ने अनंतनाग के हुगम श्रीगुफवाड़ा इलाके में एक सीनियर ग्रेड पुलिस कांस्टेबल फिरदौस अहमद पर उनके घर से पास गोलियां चलाईं। अहमद गोली लगने से घायल हो गए हैं।

उन्हें इलाज के लिए उप जिला अस्पताल (एसडीएच) बिजबेहरा में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें विशेष उपचार के लिए 92 बेस आर्मी अस्पताल श्रीनगर रेफर कर दिया गया। इस सिलसिले में पुलिस ने कानून के संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच जारी है और अधिकारी इस आतंकवादी वारदात की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं। (इनपुट भाषा)



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