बाढ़ और भूस्खलन से बिगड़े केरल के हालात, अब तक 26 की मौत, PM मोदी ने CM पिनराई विजयन से की बात

Last Updated: रविवार, 17 अक्टूबर 2021 (18:17 IST)
कोट्टायम/इडुक्की। में भारी बारिश और विनाशकारी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। मीडिया खबरों के मुताबिक मीडिया खबरों के मुताबिक अब तक कोट्टायम में 13, इडुक्की में 9 और अलापुरा में 4 लोगों की मौत बारिश के कारण हुई है। सेना और एनआरएफ का बचाव कार्य जारी है।

केरल के हालतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से बात की। उन्होंने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। दक्षिणी नौसेना कमान ने
कूट्टिकल, कोट्टायम में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए आईएनएस गरुड़, कोच्चि से ऑपरेशन शुरू किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्‍वीट में लिखा कि केरल के मुख्यमंत्री से केरल में भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर स्थिति पर चर्चा की। घायलों और प्रभावितों की सहायता के लिए ज़मीनी स्तर पर काम किया जा रहा है। मैं सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं। यह दुखद है कि केरल में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कुछ लोगों की जान चली गई। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना।
इस बीच सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस और अग्निशमन बल के साथ ही स्थानीय लोगों ने रविवार सुबह कूट्टीकल और कोक्कायार पंचायत इलाकों में बचाव अभियान शुरू किया जहां शनिवार से भारी बारिश के साथ कई भूस्खलनों के कारण 12 से अधिक लोग लापता थे।

एनडीआरएफ की 11 टीमें तैनात : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि केंद्र भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित केरल के लोगों को हर संभव सहायता मुहैया कराएगा। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि सरकार ‘‘भारी बारिश और बाढ़ के मद्देनजर केरल के कुछ हिस्सों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

शाह ने कहा ‍कि केंद्र सरकार जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हर संभव सहायता मुहैया कराएगी। एनडीआरएफ की टीम पहले ही बचाव अभियान में मदद के लिए भेजी जा चुकी है। सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने तलाश, बचाव एवं राहत अभियान के लिए राज्य में 11 टीमों को तैनात किया है।



105 राहत शिविर : केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने
कहा कि राज्य सरकार ने यहां बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकाले गए लोगों के पुनर्वास के लिए 105 राहत शिविर खोले हैं। मुख्यमंत्री ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि कई जिलों में बारिश और संभावित बाढ़ और जलजमाव के कारण घोषित रेड अलर्ट के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया प्रबंधन (एनडीआरएफ) की कुल 11 टीमों को बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ की एक-एक टीम को पठानमथिट्टा, इडुक्की, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम जिलों में तैनात किया गया है। इडुक्की, कोट्टायम, कोल्लम, कन्नूर और पलक्कड़ जिलों में एनडीआरएफ की अतिरिक्त पांच टीमों को तैनात करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

बाढ़ में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट : भारतीय सेना की एक-एक टीम को तिरुवनंतपुरम और कोट्टायम जिलों में तैनात किया गया था। रक्षा सुरक्षा कोर की एक-एक टीम की कोझिकोड और वायनाड जिलों में तैनाती की गई है। सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले से ही तैयार भारतीय वायु सेना के दो हेलिकॉप्टर कोयंबटूर के सोलूर से तिरुवनंतपुरम के लिए रवाना हुए हैं। पठानमथिट्टा के मल्लापल्ली में वायु सेना के जवानों को सेवा में लगाया गया, जहां कई लोग फंसे हुए हैं। इन इलाकों से लोगों को एयरलिफ्ट करने के प्रयास जारी हैं।

भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित कूटिकल और कोक्कयार क्षेत्रों में खाने के पैकटों को गिराने के लिए नौसेना के एक हेलीकॉप्टर को तैनात किया गया है। पुलिस, दमकल और भू-राजस्व नियंत्रण कक्षों के सहयोग से किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए केएसईबी, राज्य जल संसाधन और मोटर वाहन विभागों के अधिकारियों के द्वारा 24 घंटे राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र स्थापित किया गया है। भारी बारिश के पूर्वानुमान के कारण मछुआरों को केरल के समुद्री तटों पर मछली पकड़ने के लिए नहीं जाने की सलाह दी गई है।

केंद्रीय जल आयोग की चेतावनी : केंद्रीय जल आयोग द्वारा जारी बाढ़ चेतावनी के अनुसार, तिरुवनंतपुरम जिले के मदमुन, कल्लूपारा, थुम्बामोन, पुलक्कयार, मणिक्कल, वेल्लईक्कडवु और अरुविप्पुरम सहित पठानमथिट्टा और कोट्टायम जिलों में कुछ स्थानों पर जल स्तर बढ़ने की संभावना है।

मौसम विभाग द्वारा जारी बारिश की चेतावनी के अनुसार, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम और कोझिकोड जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। केरल में बिजली की गरज के साथ बारिश होने आशंका को देखते हुए लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे अतिरिक्त सावधानी बरतें और कहीं यात्रा करने से बचें और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।



और भी पढ़ें :