करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान ने मानी भारत की सभी बातें

Last Updated: रविवार, 14 जुलाई 2019 (22:08 IST)
अटारी/नई दिल्ली। ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारा की तीर्थयात्रा को बाधित करने के के कुछ व्यक्तियों और समूहों के संभावित प्रयासों को लेकर इस्लामाबाद को एक दस्तावेज सौंपा जिसके बाद इस्लामाबाद ने आश्वासन दिया कि भारत-विरोधी किसी भी गतिविधि की इजाजत नहीं दी जाएगी।

सरकार ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने भारत के हिस्से को जोड़ने के लिए एक पुल बनाने और भारतीय पासपोर्ट धारकों तथा ओसीआई कार्ड-धारकों के लिए वीजा मुक्त यात्रा के वास्ते सैद्धांतिक रूप में सहमति दे दी है।

करतारपुर गलियारे के स्वरूप पर चर्चा के लिए अटारी-वाघा सीमा पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच हुई एक बैठक के दौरान भारत ने अपनी सुरक्षा चिंताओं को रखा।

इससे पूर्व नई दिल्ली ने इस परियोजना पर पाकिस्तान द्वारा नियुक्त समिति में एक प्रमुख खालिस्तानी अलगाववादी की मौजूदगी पर अपनी चिंताओं से पाकिस्तान को अवगत कराया था।
परियोजना पर वार्ता के दूसरे दौर के बाद गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस सी एल दास ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि सिख नेता गोपाल सिंह चावला को पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (पीएसजीपीसी) के महासचिव पद समेत विभिन्न संस्थाओं से हटा दिया गया है।

भारत की ओर अटारी सीमा पर संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कुछ व्यक्तियों या संगठनों के तीर्थयात्रा को बाधित करने और तीर्थयात्रियों की भावनाओं के साथ खेलने संबंधी चिंताओं को साझा किया गया। इस मामले से संबंधित चिंताओं को लेकर एक दस्तावेज पाकिस्तान को सौंपा गया है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले संयुक्त सचिव ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष ने हमारे प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि भारत-विरोधी किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जायेगी।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष को अमेरिका स्थित खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ पर भारत सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाये जाने के बारे में अवगत कराया गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में भी वाणिज्य दूत की उपस्थिति मांगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तीर्थयात्रियों को सहायता प्रदान की जा सके।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस सी एल दास ने किया। इस प्रतिनिधिमंडल में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय,रक्षा मंत्रालय, पंजाब सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधि शामिल थे। इस परियोजना पर यह दूसरे दौर की वार्ता है।

बयान में कहा गया है कि परियोजना के तौर-तरीकों के संबंध में मसौदा समझौते को अंतिम रूप देने में प्रगति हुई है। इसमें कहा गया है कि भारतीय पासपोर्ट धारकों और ओसीआई कार्डधारकों के लिए एक सप्ताह में सातों दिन के लिए वीजा मुक्त यात्रा की अनुमति दिये जाने पर सहमति जताई गई है। सालभर पांच हजार यात्रियों को प्रतिदिन करतारपुर साहिब गुरुद्वारे की यात्रा की अनुमति दी जायेगी। तीर्थयात्रियों को व्यक्तिगत रूप से या समूहों में और पैदल भी यात्रा की अनुमति होगी।
भारत ने पाकिस्तान से अनुरोध किया कि पांच हजार तीर्थयात्रियों को हर रोज गुरुद्वारा की यात्रा की अनुमति दी जाये और विशेष मौकों पर दस हजार अतिरिक्त तीर्थयात्रियों को बिना किसी पाबंदी के अनुमति दी जाये।

अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से जोड़ने वाले चार-लेन के राजमार्ग का निर्माण कार्य पूरे जोरों पर चल रहा है। राजमार्ग के निर्माण का कार्य सितम्बर तक पूरा हो जायेगा। भारत एक अत्याधुनिक यात्री टर्मिनल केन्द्र भी बना रहा है जिसमें 15,000 यात्री बैठ सकते हैं। इस बैठक में जीरो प्वाइंट पर दोनों पक्षों के बीच संपर्क पर भी चर्चा की गई।

भारत ‘‘जीरो प्वाइंट’’ पर एक पुल बना रहा है और उसने पाकिस्तान से अपनी ओर भी इसी तरह का एक पुल बनाने का अनुरोध किया है ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही हो सके। भारत ने बाढ़ से संबंधित चिंताओं को भी उठाया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इन चिंताओं को बताते हुए पाकिस्तान के साथ बाढ़ के विस्तृत विश्लेषण को साझा किया।

पुरानी रावी क्रीक पर पाकिस्तान की ओर पुल के निर्माण के लंबित रहने पर भारत ने नवंबर में गलियारा को शुरू करने के लिए अंतरिम व्यवस्था करने की पेशकश की है। नवंबर 2019 में गुरू नानक देव की 550 वीं जयंती के ऐतिहासिक महत्व के मद्देनजर भारत ने यह पेशकश की है।
गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान ने अपनी ओर बुनियादी ढांचे की समस्याओं का जिक्र किया और इस बात से अवगत कराया कि वह भारत के कई प्रस्ताव को चरणबद्ध तरीके से पूरा कर सकता है। दोनों देश इस बारे में सहमत हुए कि एक संचार माध्यम कायम किया जाएगा और करतारपुर साहिब गलियारा पर समझौता को अंतिम रूप देने की दिशा में काम किया जाएगा। बैठक में इस वर्ष मार्च, अप्रैल और मई में हुई तकनीकी बैठक के तीन दौरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
पाकिस्तान की ओर से भी यह अनुरोध किया गया कि वह जुलाई में दिल्ली से पाकिस्तान के ननकाना साहिब तक ‘नगर कीर्तन’ की अनुमति प्रदान करे और फिर अक्टूबर/नवंबर में भी इसी तरह के कीर्तन की अनुमति दी जाए। (भाषा)



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