कन्हैया कुमार ने मोदी को बताया सबसे बड़ा झूठा, महाभारत के कंस से की सरमा की तुलना

पुनः संशोधित रविवार, 28 मार्च 2021 (01:00 IST)
मोरीगांव (असम)। भाकपा नेता ने शनिवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'सबसे बड़ा झूठा' कहा और असम में भगवा पार्टी के शीर्ष नेता हेमंत बिस्व सरमा की तुलना महाभारत में मथुरा के अत्याचारी शासक राजा कंस से कर दी।
दिल्ली के जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कुमार ने बांग्लादेश की आजादी के लिए जेल जाने संबंधी मोदी की टिप्पणी को ‘सबसे बड़ा’ झूठ बताया। मोदी बांग्लादेश की यात्रा पर हैं जहां उन्होंने यह टिप्पणी की है। उन्होंने असम के लोगों से आग्रह किया कि वे उन लोगों का समर्थन न करें जो राष्ट्रवाद के नाम पर देश के संसाधनों को बेच रहे हैं।

मोदी पर हमला बोलते हुए वामपंथी युवा नेता ने सवाल किया कि क्या सालाना दो करोड़ नौकरियां पैदा की गईं या देश में कालाधन वापस लाया गया? जैसा उन्होंने 2014 में वादा किया था। कुमार ने कहा, पांच साल में क्या हुआ है? वही लोग फिर से वोट कैसे मांग रहे हैं? जब मैं यहां आया तो किसी ने कहा कि मैं मोदी को चुनौती दे सकता हूं। मैंने कहा कि मोदी को चुनौती देने के लिए व्यक्ति को दुनिया का सबसे बड़ा झूठा होना चाहिए।

ढाका में मोदी की टिप्पणी पर कुमार ने कहा, क्या आपने सुना है कि उन्होंने (मोदी ने) बांग्लादेश में क्या कहा है? उन्होंने कहा कि उन्होंने भी बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया था और इसके लिए उन्होंने सत्याग्रह में हिस्सा लिया था और जेल गए थे...सिर्फ भाजपा के नेता इस स्तर का झूठ बोल सकते हैं।

भाकपा नेता ने कहा कि बांग्लादेश युद्ध में, भारत ने उस देश में मुक्ति आंदोलन का समर्थन किया था और पाकिस्तान ने इसका विरोध किया था। उन्होंने पूछा, तो सवाल उठता है कि मोदी ने सत्याग्रह कहां किया था? क्या उन्हें पाकिस्तान सरकार या भारत सरकार ने सलाखों के पीछे डाल दिया था? यह कुछ नहीं बल्कि सबसे बड़ा झूठ है। वह भाकपा प्रत्याशी मुनीन महंता के लिए प्रचार कर रहे थे।

सरमा पर निशाना साधते हुए कुमार ने कहा,यहां एक नेता हैं जो खुद को मामा कहते हैं। कंस भी (भगवान कृष्ण के) मामा थे। आप राजनीतिक सच देख सकते हैं। मैं सिर्फ यह जानना चाहता हूं कि पांच साल पहले (राज्य में) किए गए कितने वादे पूरे हुए। सरमा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हैं। 2020 में राज्य में कोविड-19 की स्थिति से निपटने के लिए अधिकतर युवा उन्हें मामा कहते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्हें मामा कहकर संबोधित किया गया।

कुमार ने कहा, जो आदमी कांग्रेस पार्टी का मामा नहीं हो सका, वह असम का मामा कैसे हो सकता है? अपने हितों के लिए लोगों को धोखा देने वाले से बड़ा गद्दार कोई नहीं होता है। सरमा तरुण गोगोई की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार में मंत्री थे, लेकिन वह पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।

भाजपा की आलोचना करते हुए भाकपा नेता ने कहा, गद्दारों ने दिल्ली पर कब्जा कर लिया है। कुमार ने कहा, बैलट (मत) के लिए गांधी ने अपने सीने पर गोली खाई। यह बैलेट की ताकत है-इसका दुरुपयोग न करें। आपको यह तय करना होगा कि क्या आप उस ताकत के साथ हैं जो राष्ट्रवाद के नाम पर देश के संसाधनों को बेच रही है। उन्होंने कहा, इस चुनाव में प्रेम को जीतने दें, नफरत को नहीं। गांधी प्रेम करने वाले आदमी थे।

कुमार ने कहा, यह (भाजपा) पार्टी असम के लिए अच्छा नहीं कर सकती। मोदी देश को अपने गुजराती दोस्तों को बेच रहे हैं। आपको इन लोगों की साजिश को समझना होगा। वे असम के लोगों के बीच झगड़े पैदा करके एक सिंडिकेट बनाना चाहते हैं।(भाषा)



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