आपके कुत्ते को घोड़ा समझती है रेलवे

पुनः संशोधित शनिवार, 1 अगस्त 2015 (11:54 IST)
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बरेली। कुत्ते का वजन अगर 30 किलो से ज्यादा है तो उसे आप कुत्ता नहीं, बल्कि घोड़ा समझें। यह सुनने में  जरूर अजीब लग रहा है, लेकिन यह भारतीय रेलवे का नियम है।
अगर कोई व्यक्ति में यात्रा करने के  दौरान अपने कुत्ते को साथ में ले जाता है और उस कुत्ते का वजन 30 किलोग्राम से ज्यादा है तो कुत्ते का  अतिरिक्त किराया देना होगा, जो एसी थर्ड क्लास के किराए से भी ज्यादा होगा।   
 
एक ऐसा ही वाकया एक व्यक्ति रोहित कुमार के साथ घटा। रोहित बरेली रेलवे स्टेशन पर अपने कुत्ते के  लिए ट्रेन के ब्रेक वैन डिब्बे में टिकट बुक कराने के लिए गए थे। इसी ट्रेन में उन्हें कुछ दिनों के बाद  दिल्ली जाना था। 
 
इस दौरान पार्सल ऑफिस के क्लर्क ने कुत्ते का वजन मापा और उनके हाथ में 750 रुपए की रसीद थमा  दी। इस किराए को देखकर रोहित कुमार ठगे से रह गए, क्योंकि दो शहरों के बीच के एसी थर्ड टियर का  किराया 680 रुपए है। ऐसे में यह किराया तो बहुत ज्यादा था।
 
रोहित ने इस संबंध में जब क्लर्क से पूछा तो क्लर्क ने बताया कि अगर वे वैन में अपने कुत्ते को  ले जाना चाहते हैं तो उन्हें 750 रुपए देना होंगे, लेकिन अगर वे उसे मालगाड़ी के स्पेशल एनिमल  कैरिज में ले जाएं तो इसके लिए उन्हें 30 रुपए प्रतिकिग्रा के हिसाब से किराया देना होगा।
 
क्लर्क ने आगे बताया कि आपके कुत्ते का वजन 30 किलोग्राम से ज्यादा है। रेलवे 30 किग्रा से ज्यादा  वजन वाले जानवरों का प्रतिकिलो के हिसाब से 60 रुपया अतिरिक्त चार्ज करती है।
 
क्लर्क ने रेलवे नियमों के बारे में आगे बताया कि कोई भी कुत्ता जिसका वजन 30 किलो से ज्यादा हो  और लंबाई सामान्य पालतू जानवरों जैसे कि पॉमेरियन, बंदर, पॉकेट बेगल से बड़ी हो तो उसे घोड़े की  कैटेगरी का माना जाता है। इस स्थिति में रेलवे के नियम अलग हैं। इसके अंतर्गत 30 किग्रा से ज्यादा  होने पर हर प्रति किग्रा 60 रुपए अतिरिक्त चार्ज किया जाता है। 



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